भिलाई। बीमा लोकपाल बनकर बीमा पॉलिसी की राशि रिफंड कराने का झांसा देकर पीड़ित से लगभग 1 करोड़ 60 लाख की ऑनलाइन ठगी करने वाले 03 आरोपियों को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। विवेचना के दौरान साइबर टीम ने बैंक खाताधारकों एवं नेटवर्क से जुड़े आरोपियों की पहचान कर ट्रांजिट रिमांड पर गिरफ्तार कर दुर्ग लाया। आरोपियों के कब्जे से 6 बैंक पासबुक, 4 चेकबुक, 3 मोबाइल फोन एवं विभिन्न सिम कार्ड जब्त किए गए, जिनका उपयोग साइबर ठगी में किया जा रहा था। जांच में आरोपियों के बैंक खातों में करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन पाए गए हैं तथा विभिन्न राज्यों में इनके विरुद्ध साइबर ठगी संबंधी शिकायतें दर्ज होना भी पाया गया है।

दरअसल रेंज साइबर थाना दुर्ग में पंजीबद्ध धारा 318(2), 318(4), 336(3) बीएनएस एवं 66-डी आईटी एक्ट के प्रकरण में आरोपियों द्वारा स्वयं को बीमा लोकपाल का अधिकारी बताकर बीमा पॉलिसी की राशि रिफंड कराने का झांसा दिया गया। आरोपियों ने पीड़ित से विभिन्न बैंक खातों में ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कराकर कुल लगभग ₹1 करोड़ 60 लाख की साइबर ठगी की। प्रकरण की विवेचना के दौरान पूर्व में एक बैंक खाताधारक को गिरफ्तार किया गया था। तकनीकी साक्ष्यों एवं बैंक खातों के विश्लेषण के आधार पर विशेष टीम दिल्ली रवाना की गई।
टीम द्वारा आरोपी मनमीत सिंह, अमनदीप सिंह एवं ईशांत माहे उर्फ ईशु को चिन्हित कर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपियों ने पैसों के लालच में बैंक खाते खुलवाकर उन्हें साइबर ठगी में उपयोग हेतु उपलब्ध कराना स्वीकार किया। जांच में यह भी सामने आया कि इन बैंक खातों का उपयोग एक विदेशी (नाइजीरियन) साइबर ठगी नेटवर्क द्वारा किया जा रहा था। आरोपियों को दिल्ली से विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय, तीस हजारी, दिल्ली से ट्रांजिट रिमांड प्राप्त किया गया तथा रेंज साइबर थाना दुर्ग लाया गया। प्रकरण में अग्रिम वैधानिक विवेचना जारी है।
उक्त कार्यवाही में रेंज साइबर थाना दुर्ग की टीम के उप पुलिस अधीक्षक डॉ. चित्रा वर्मा, निरीक्षक पुष्पेन्द्र भट्ट, सहायक उप निरीक्षक यशवंत श्रीवास्तव, आरक्षक सुरेन्द्र कटरे, आरक्षक आवेश खान, आरक्षक कामेश्वर देशमुख एवं आरक्षक विक्रम सिंह राजपूत की सराहनीय भूमिका रही। दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि बीमा पॉलिसी रिफंड, केवाईसी अपडेट, निवेश अथवा किसी भी प्रकार के ऑनलाइन भुगतान संबंधी कॉल अथवा संदेश प्राप्त होने पर बिना सत्यापन किसी भी बैंक खाते में राशि हस्तांतरित न करें। किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल 1930 हेल्पलाइन अथवा www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं तथा निकटतम साइबर थाना से संपर्क करें।




