तीसरे दिन भी जारी रही छापे की कार्रवाई, पांच लोगों के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर
भिलाई। प्रदेश में भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई लगातार भ्रष्ट अधिकारियों पर शिकंसा कसती जा रही है। इस बीच सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम हिदुस्तान कॉपर लिमिटेड के दो पूर्व सीएमडी और 1 कार्यकारी निदेशक सहित कंपनी के 5 अधिकारियों समेत कई अज्ञात लोगों के यहां तीसरे दिन भी छापे की कार्रवाई जारी रही। 5 लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कर ली गई है।
दरअसल, शुक्रवार सुबह से भिलाई पहुंची सीबीआई टीम ने तत्कालीन सीएमडी कैलाश धर दीवान, पूर्व कार्यकारी निदेशक (सामग्री और अनुबंध) दिलीप कुमार महाजन, के अलावा महाप्रबंधक (परियोजना) विनय कुमार सिंह, और तत्कालीन निदेशक (संचालन) और पूर्व सीएमडी संतोष शर्मा समेत तत्कालीन सहायक महाप्रबंधक (इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग) विवेक गुप्ता के ठिकानों पर दबिश दी।
रेड कार्रवाई की जानकारी देते हुए सीबीआई ने एक विज्ञप्ति जारी की। इसके मुताबिक इन अधिकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर में अधिकारियों के खिलाफ आईपीसी की धाराओं के तहत आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत ये मामला दर्ज किया गया है।
सीबीआई के मुताबिक साल 2013 से भिलाई निवासी हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के तत्कालीन सीएमडी संतोष कुमार शर्मा के कार्यकाल के दौरान कथित अनियमितताओं और कदाचार को जांच में लिया है। सीबीआई के मुताबिक साल 2019 में मध्यप्रदेश के मलाजखंड और राजस्थान के खेतड़ी में पीएसयू द्वारा जारी किए गए विभिन्न अनुबंधों में अनियमितता पाई गई थी।
आंतरिक प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ कि तत्कालीन सीएमडी कैलाश धर दीवान ने तत्कालीन निदेशक (ऑपरेशन) संतोष कुमार शर्मा, तत्कालीन एजीएम विवेक गुप्ता के साथ साजिश से और एसटीपीएल को खेतड़ी कॉपर कॉम्प्लेक्स में पायलट प्लांट के टेंडर के लिए अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग करके आपराधिक कदाचार किया। खुलासा किया गया है कि 2016 से 2020 की अवधि के दौरान, दीवान ने संतोष कुमार शर्मा, दिलीप कुमार महाजन विनय कुमार सिंह, विवेक गुप्ता और अज्ञात लोक सेवकों के साथ मिलीभगत कर सार्वजनिक क्षेत्र के उपकरण को बड़ी आर्थिक हानि पहुंचाई। फिलहाल सभी अधिकारियों के ठिकानों पर रेड कार्रवाई जारी है।




