राजस्व वसूली का ग्राफ गिरा, आंदोलन स्थल पर भी बड़ी भीड़
भिलाई। छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन का आंदोलन अब और मजबूत होता जा रहा है। शासन को अपनी मांगों को मनवाने सभी एक मंच पर आकर जोरदार विरोधकर रहे हैं। हालात यह है कि सरकारी कामकाज के साथ-साथ शासन को राजस्व का भी नुकसान हो रहा है। विभागीय कामकाज के साथ-साथ राजस्व वसूली में भी फर्क पड़ रहा है। दुर्ग निगम में जहां औसतन 20 लाख रुपए के टैक्स का नुकसान हो रहा है वहीं भिलाई निगम प्लेसमेंट के जरिए वसूली का काम कर रहा है। शिक्षा विभाग में संयुक्त संचालक से लेकर डीईओ और बीईओ दफ्तरों में ताला लटक रहा है। यहां तबादले और अंग्रेजी माध्मय स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती का मामला भी पूरी तरह अटक गया है। आंदोलन स्थल में भी अब हर विभाग के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हो रहे हैं। तीन दिन में फेडरेशन को पंडाल भी बढ़ाना पड़ा। यहां रोजाना सुबह से शाम तक पदाधिकारी अलग-अलग ढंग से प्रदर्शन कर रहे हैं।


बजाई बांसूरी
सरकार को नींद से जगाने आंदोलन स्थल पर संजय बेन ने बांसूरी बजाकर सरकार को जागने की कोशिश की। रोजाना राजगीत के साथ ही आंदोलन की शुरुआत हो रही है और मंच पर कर्मचारी से लेकर अधिकारी अपनी बात रख रहे हैं। सभा को फेडरेशन के प्रांतीय सचिव एवं दुर्ग संभाग प्रभारी राजेश चटर्जी, न्यायिक कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष विजयपाल सिंह सिसोदिया, फेडरेशन के जिला संयोजक विजय लहरे, महामंत्री राजस्व पटवारी संघ राजेश बंजारी, आयुष विभाग से अखिलेश साहू, लघुवेतन कर्मचारी संघ से कचरा बाई यादव, महिला बाल विकास पर्यवेक्षक संघ से मोनिका सुकतेल, तहसीलदार यूनियन से क्षमा यदु, ए के कनेरिया, अनुरूप साहू, उज्ज्वल पांडे, मोती राम खिलाड़ी, खेलन राम पटेल, एम एम कुरैशी आदि ने संबोधित किया।
आंदोलन की सफलता को देख बौखलाए विरोधी
कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के सफल आंदोलन की सफलता को देख विरोधी गुट बौखला गए हैं।इधर फेडरेशन के सत्येन्द्र राजपूत ने प्राचार्य जेआरडी उमावि दुर्ग संगीता नायर से हड़ताल के समर्थन के निवेदन को गलत ढंग से प्रचारित किया गया। जिसके बाद फेडरेशन के बैनर तले समस्त आन्दोलनकारी साथियों ने इसका विरोध करते हुए निंदा प्रस्ताव पारित किया गया,एवं वस्तुस्थिति को स्पष्ट करते हुए डिप्टी कलेक्टर दुर्ग को ज्ञापन सौंपा गया। सत्येन्द्र राजपूत ने बताया कि विरोधी गुट की ओर से आंदोलन की सफलता को देख फेडरेशन के साथियों के नाम पर गलत प्रचार किया जा रहा है।

लगाई डाक पेटी, खोलने वाला कोई नहीं
डीईओ दफ्तर में डाक रिसीव करने एक बड़ी पेटी लगा दी है। जिसमें लोग अपना आवेदन और डाक जमा कर रहे हैं. लेकिन हड़ताल की वजह से इसे खोल कर देखने वाला कोई नहीं है।




