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स्वयं को डर और बुराई की प्रवृत्ति से हटाकर अच्छाई की दिशा में ले जाए- क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट प्रीति चांडक

By @dmin
Published: April 29, 2022
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स्वयं को डर और बुराई की प्रवृत्ति से हटाकर अच्छाई की दिशा में ले जाए- क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट प्रीति चांडक
स्वयं को डर और बुराई की प्रवृत्ति से हटाकर अच्छाई की दिशा में ले जाए- क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट प्रीति चांडक
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उपजेल एड़का में बंदियों की सोच में सकारात्मकता लाने को कार्यशाला का आयोजन
नारायणपुर। बीते हुए कल को नहीं बदल सकते, लेकिन अपनी सोच में सकारात्मक परिवर्तन लाकर आने वाला कल को बेहतर जरूर बनाया जा सकता है, क्योंकि जो शेष है ,वही विशेष है।इन वाक्यों को ध्यान में रखते हुए मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत उपजेल एड़का के बंदियों की सोच में सकारात्मकता लाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके तहत बंदियों के लिए मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता एवं तनाव प्रबंधन पर कार्यशाला का आयोजन किया गया।

इस मौके पर क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट प्रीति चांडक ने जेल बन्दियों को सम्बोधित करते हुए बताया, प्रत्येक व्यक्ति के जीवन का ध्येय होना चाहिए कि उसका मस्तिष्क भी शरीर के अन्य हिस्से की तरह संतुलित एवं स्वस्थ बना रहे। स्वयं को हार, डर और बुराई की प्रवृत्ति से हटाकर उपलब्धि, जीत और अच्छाई की दिशा में ले जाए। मस्तिष्क स्वस्थ और शांत होता है तो जीवन अर्थपूर्ण और लक्ष्य को समर्पित होता है। अन्यथा उसमें खालीपन भर जाता है, अनेक घातक बीमारियों को पनपने का कारण बनता है। कहा भी गया है खाली दिमाग शैतान का घर होता है। यह खालीपन बहुत बार मानसिक ही नहीं बल्कि शारीरिक बीमारियों का कारण भी बनता है। मस्तिष्क की अस्वस्थता से शरीर ही नहीं, आत्मा भी बीमार हो जाती है।उन्होंने तनाव प्रबंधन प्रशिक्षण में बंदियों में होने वाले तनाव के विभिन्न कारक जैसे घर-परिवार से दूर रहना, अपने द्वारा किए गए कृत्य को लेकर आत्मग्लानि महसूस करना, जेल का परिवेश ,अपनों की चिंता, सजामुक्त होने के बाद भविष्य को लेकर चिंता इत्यादि पर चर्चा करते हुए विभिन्न प्रकार के उपायों जैसे प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल, असर्टिंवनेस टेक्निक ,वेंटीलेशन टेक्निक, म्यूजिक थेरेपी इत्यादि पर चर्चा की।

प्रीति चांडक द्वारा बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य की जांच कर मानसिक रूप से अस्वस्थ बंदियों की आवश्यकतानुसार काउंसलिंग कर जिला अस्पताल लाने को कहा गया। कार्यशाला में मानसिक स्वास्थ्य की स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण भूमिका, मानसिक बीमारियों के लक्षण की पहचान कैसे करनी है? के बारे में भी जानकारी दी गयी ।

उक्त कार्यक्रम नोडल अधिकारी डॉ. प्रशांत गिरी के मार्गदर्शन में तथा जिला कार्यक्रम प्रबंधक प्रभारी डीपीएम डॉ. परमानंद बघेल के सफल सहयोग से तथा उप जेल अधीक्षक एन के डेहरिया एवं जेल फार्मासिस्ट पुनीत चौधरी की उपस्थिति में आयोजित किया गया।

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