नई दिल्ली (एजेंसी)। दिल्ली में सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट का तेजी से जारी है। इस बीच केंद्र सरकार ने सेंट्रल विस्टा ओवरसाइट कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी अगले दो साल के लिए या अगले आदेश तक काम करेगी। इसके चेयरमैन और सदस्यों के लिए नियम एवं शर्तें बाद की जारी की जाएंगी।
बन रहा है नया संसद भवन
करीब साल भर से दिल्ली में सेंट्रल विस्टा का निर्माण कार्य चल रहा है। इसके तहत नया संसद भवन, सचिवालय, नेशनल आर्काइव का भवन, एग्जीक्यूटिव एंक्लेव आदि बनाए जा रहे हैं। निर्माण कार्य पर आपत्ति जताते हुए मामला हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा, लेकिन काम नहीं रोका गया।
Govt constitutes a 5-member Central Vista Oversight Committee for a period of two years or till further orders, whichever is earlier. pic.twitter.com/6ylyCLLs3y
— ANI (@ANI) November 27, 2021
राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक नए संसद भवन का निर्माण और सेंट्रल विस्टा एवेन्यू का पुनर्विकास किया जा रहा। इन दोनों परियोजनाओं को मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास योजना के हिस्से के रूप में पूरा किया जा रहा है। नए संसद भवन का निर्माण कार्य पूरा होने की समय सीमा साल 2022 के शीत सत्र से पहले तय की गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 सितंबर को रात के समय अचानक नए संसद भवन के निर्माण स्थल का दौरा किया था। पीएम मोदी रात करीब 8.45 बजे संसद भवन के निर्माण स्थल पर गए। उन्होंने निर्माण स्थल पर लगभग एक घंटा बिताया और नए संसद भवन के निर्माण की स्थिति का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया था।
क्या है सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट
सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत एक नए संसद भवन और नए आवासीय परिसर का निर्माण किया जा रहा है। इसमें प्रधानमंत्री और उप राष्ट्रपति के आवास के साथ कई नए कार्यालय भवन और मंत्रालय के कार्यालयों के लिए केंद्रीय सचिवालय का निर्माण किया जाना है। सेंट्रल विस्टा परियोजना की सितंबर 2019 में घोषणा की गई थी। 10 दिसंबर 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परियोजना की आधारशिला रखी थी।




