भिलाई (श्रीकंचनपथ न्यूज़)। छत्तीसगढ़ की जिन 2 तारीखों में चुनाव कराने का ऐलान निर्वाचन आयोग ने किया है, उससे मतदान का प्रतिशत व्यापक रूप से प्रभावित होने की संभावना है। दरअसल, 14 नवम्बर को दीपावली का त्यौहार है। यह देश का सबसे बड़ा त्यौहार माना जाता है। इस दौरान अरबों रूपयों का व्यापार होता है। इसी व्यापार के जरिए व्यापारी सालभर की भरपाई करते हैं। इसके अलावा त्यौहार के बाद छाई मंदी के चलते लोग घूमने के लिए दीगर क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में जाते हैं। राज्य में दो चरणों में चुनाव का ऐलान किया गया है। इसमें पहले चरण में 7 नवम्बर और दूसरे चरण में 17 नवम्बर को मतदान होना हैं। मतदान के लिहाज से पहला चरण किसी भी मायने में उपयोगी नहीं माना जा सकता, क्योंकि यह वह वक्त होता है, जबकि आम आदमी से लेकर व्यापारी तक सभी खरीदी-बिक्री में व्यस्त रहते हैं। ऐसे में लोग त्यौहारी खुमारी का त्याग कर मतदान करने के लिए घर से निकलेंगे, इस पर संदेह करना वाजिब है। वहीं दूसरे चरण का मतदान 17 नवम्बर को होना है। 14 तारीख को लक्ष्मी पूजा के बाद 15 नवम्बर को गोवर्धन पूजा होती है, जिसे छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में बड़े धूमधाम के साथ मनाया जाता है। वहीं इसके अगले दिन 16 नवम्बर को भाईदूत का त्यौहार है। ऐसे में त्यौहारों के ठीक अगले दिन मतदान होना काफी हद तक इस संभावना की ओर ले जाता है कि लोगों में वोटिंग के प्रति उत्साह कम होगा। इससे वोटिंग का प्रतिशत बहुत ज्यादा प्रभावित होने की संभावनाओं को भी नकारा नहीं जा सकता।
छत्तीसगढ़ समेत 5 राज्यों में होने वाले चुनावों की तारीखों का आज निर्वाचन आयोग ने ऐलान किया। आयोग ने चुनाव तारीख की घोषणा करने से पहले प्रदेश में वोटरों की संख्या के बारे में जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में कुल वोटर की संख्या 2 करोड़ से अधिक है। यहां 90 विधानसभा सीटों पर चुनाव होना है। इनके लिए 24 हजार से अधिक पोलिंग बूथ बनाए गए है। निर्वाचन आयोग ने बताया कि मतदाता अपना नाम नाम 30 नवंबर तक जुड़वा सकते है। आयोग ने बताया कि 3 जनवरी 2024 को सरकार का कार्यकाल खत्म होगा। छत्तीसगढ़ में दो चरणों में चुनाव होगें। परिणामों की घोषणा 3 दिसंबर को की जाएगी। चुनाव तारीख की घोषणा करने से छत्तीसगढ़ चुनाव में मतदाताओं के वोट डालने के लिए निर्वाचन आयोग ने 24 हजार से अधिक पोलिंग बूथ बनाए गए है। इसके माध्यम से 90 विधानसभा सीटों पर वोट डाल सकेंगे।
प्रदेश में बढ़ा महिलाओं का रेशो
निर्वाचन आयोग ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में महिलाओं का कोटा बढ़ा है। प्रदेश में महिला की संख्या प्रदेश में पुरुषों के मुकाबले 1012 हो गई है। पिछले चुनाव के अनुसार इनकी संख्या 995 थी। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में 17 अक्टूबर से लेकर 30 नवंबर 2023 तक मतदाता अपना नाम जोड़ और हटा सकते है। निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने बताया कि जो मतदाता पोलिंग बूथ पर नहीं पहुंच पा रहे है। या फिर जिनके घर पोलिंग बूथ से काफी दूर है। उनके लिए स्पेशल पोलिंग बूथ स्टेशन बनाए जा गए है। इसके साथ ही चुनाव को ध्यान में रखते हुए कई चेक पोस्ट बनाई गई है। ताकि किसी तरह की अशांति प्रिय घटना को रोका जा सके।
बाकी राज्यों में ऐसी है स्थिति
मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 17 नवंबर को होगा। इसी दिन छत्तीसगढ़ में दूसरे चरण की वोटिंग होनी है। वहीं, राजस्थान में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 23 नवंबर को होगा। तेलंगाना में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 30 नवंबर को होगा। मिजोरम में विधानसभा चुनाव 7 नवंबर को होगा। इसी दिन छत्तीसगढ़ में पहले चरण का मतदान होना है। सभी राज्यों में मतगणना एक ही दिन 3 दिसंबर को होगी। चुनाव तारीखों का ऐलान होने के साथ ही आज से आदर्श आचरण संहिता भी प्रभावी हो गई है। मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि इन राज्यों में कुल 16.14 करोड़ मतदाता हैं। इनमें 8.2 करोड़ पुरुष मतदाता, 7.8 करोड़ महिला मतदाता होंगे। इस बार 60.2 लाख नए मतदाता पहली बार वोट डालेंगे।
छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023 का कार्यक्रम
विधानसभा चुनाव की अधिसूचना 13 अक्टूबर (पहला चरण)
नामांकन दाखिल करने का अंतिम दिन 20 अक्टूबर 2023 (पहला चरण)
नामांकन वापसी का अंतिम दिन 23 अक्टूबर 2023 (पहला चरण)
मतदान की तारीख 07 नवंबर 2023 (पहला चरण)
नामांकन दाखिल करने का अंतिम दिन 30 अक्टूबर 2023 (दूसरा चरण)
नामांकन वापसी का अंतिम दिन 2 नवंबर 2023 (दूसरा चरण)
मतदान की तारीख 17 नवंबर 2023 (दूसरा चरण)
दोनों चरणों के नतीजे 3 दिसंबर 2023




