दुर्ग। आज कलेक्टर जनदर्शन में कुल 55 आवेदन आए थे। जिसका कलेक्टर ने संज्ञान लिया और निराकरण किया। एक विकलांग आवेदक कलेक्टर के समक्ष् आवेदन लेकर पहुंचा था, जिसमें उसने बताया कि वह जन्म से ही विकलांग है। जिसके चलते उसे अपने सामान्य जीवन का निर्वाह करने में कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रोजगार खोजने पर भी उसे रोजगार प्राप्त नहीं हो रहा है, जिससे उसके सामने रोजी-रोटी की समस्या पैदा हो रही है। इसलिए उसने शासकीय योजना के अंतर्गत मिलने वाले लाभ के लिए कलेक्टर के समक्ष् आवेदन प्रस्तुत किया। कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत समाज कल्याण विभाग के संबंधित अधिकारी से आवेदक को योजनांतर्गत बैटरी चलित सायकल मुहैया कराने के निर्देश दिया और शासन के जिस योजना के लिए आवेदक पात्र है उसके अंतर्गत उसे लाभ दिलाने के लिए भी कहा।
इसके अलावा कलेक्टर के समक्ष् सहारा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का एक मामला सामने आया। जिसमें आवेदक ने बताया कि इस कंपनी में वो एजेंट के रूप में कार्य करती थी और कंपनी में उसने अपना निवेश भी कर रखा है। उसने बताया कि अपने विभिन्न ग्राहकों से राशि लेकर उसने कंपनी में जमा किया है। आज उनकी निवेशित राशि और ग्राहकों की राशि की कोई जानकारी प्राप्त नहीं हो रही है। विभिन्न योजनाओं में उनकी और ग्राहकों की मैच्युर्टी पुरी होने के बाद भी उनकी राशि प्राप्त नहीं हो रही है। कंपनी की शाखा से पता करने पर हमेशा वो लोग 2-3 महीने के लिए बात को टाल देते हैं। ऐसे स्थिति में हम सब लोग अपने को ठगा हुआ महसुस कर रहे हैं, निवेश करने वाले अधिकतर लोग आर्थिक रूप से कमजोर व निम्न वर्ग से आते हैं। आवेदक ने कलेक्टर से सभी पीढि़तों की जमा पूंजी को वापस दिलवाने के लिए सहयोग की अपील की है। इस पर कलेक्टर ने मामले का संज्ञान लिया और संबंधित अधिकारी को कंपनी के विरूद्ध विधिवत् कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। दिए गए प्रकरण पर उन्होंने आमजन से अपील भी की है कि निवेश से संबंधित चीजें जोखिम से भरी होती हैं। इसलिए आम नागरिक अपनी मेहनत की कमाई का निवेश सोच-समझकर सही स्थान पर करें।




