कांकेर। कांकेर में जहां एक फूड इंस्पेक्टर अपने मोबाइल के लिए 21 लाख लीटर पानी बर्बाद कर देता है। वहीं से महज एक किमी दूर पूरे गांव के गले प्यास से सूखे हुए हैं। यहां के लोग रोज सुबह बर्तन लेकर घरों से निकलते हैं और फिर गड्ढे में भरा पानी लाकर अपनी प्यास बुझाते हैं। खास बात यह है कि इसी गड्ढे के पानी में मेंढक कूदते रहते हैं और मछलियां तैरती हैं। बदबू इतनी कि आप हाथ भी लगाना पसंद नहीं करेंगे। जलाशय से महज कुछ दूरी पर पानी के लिए जद्दोजहद की यह तस्वीर हैरान कर देती है।





