वाशिंगटन (एजेंसी)। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने शुक्रवार को भारतीय अमेरिकी रिचर्ड आर वर्मा को अमेरिकी विदेश विभाग में शीर्ष राजनयिक पद के लिए नामित किया। व्हाइट हाउस की एक विज्ञप्ति के अनुसार, बाइडन ने वर्मा को विदेश विभाग में प्रबंधन और संसाधन के डिप्टी सेक्रेटरी के रूप में नामित करने की घोषणा की। वर्मा फिलहाल मास्टरकार्ड में मुख्य कानूनी अधिकारी और वैश्विक सार्वजनिक नीति के प्रमुख हैं। वह ओबामा प्रशासन के दौरान भारत में अमेरिका के राजदूत और विदेश विभाग में विधायी मामलों के सहायक सचिव थे।

रिचर्ड वर्मा अमेरिकी वायु सेना के लिए भी कर चुके हैं काम
विज्ञप्ति में कहा गया है कि इससे पहले उन्होंने अमेरिका के सीनेटर हैरी रीड (डी-एनवी) के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में काम किया है। उन्होंने प्रतिनिधि सभा में भी काम किया है। उस समय वह डेमोक्रेटिक पार्टी के व्हिप, अल्पसंख्यक नेता और अमेरिकी सीनेट के तत्कालीन बहुमत के नेता थे। रिचर्ड वर्मा अमेरिकी वायु सेना से सेवानिवृत्त हैं, वहां उन्होंने जज एडवोकेट के रूप में सक्रिय ड्यूटी पर काम किया था। उनके सैन्य पदकों में मेधावी सेवा पदक और एयर फोर्स कमेंडेशन मेडल शामिल हैं।
राजदूत वर्मा को स्टेट डिपार्टमेंट्स डिटिंग्विश्ड सर्विस अवार्ड, काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस इंटरनेशनल अफेयर्स फैलोशिप प्राप्त हुआ है और इंडिया अब्रार्ड द्वारा 50 सर्वाधिक प्रभावशाली भारतीय-अमेरिकियों में एक का रैंक दिया गया है। राजदूत वर्मा ने जार्ज टाउन यूनिवर्सिटी लॉ सेंटर से एलएलएम, अमेरिकन यूनिवर्सिटी के वाशिंगटन कॉलेज ऑफ लॉ से जेडी, लीहाई यूनिवर्सिटी से बीएस की उपाधियां प्राप्त की हैं।
रिचर्ड आर वर्मा का निजी क्षेत्र में भी विशिष्ट करियर है। उन्होंने द एशिया ग्रुप के वाइस चेयरमैन, ग्लोबल लॉ फर्म स्टेप्टो एंड जॉनसन एलएलपी के भागीदार और वरिष्ठ सलाहकार के साथ-साथ अलब्राइट स्टोनब्रिज ग्रुप के वरिष्ठ सलाहकार के रूप में भी कार्य किया है। उन्हें राष्ट्रपति के खुफिया सलाहकार बोर्ड में नियुक्त किया गया था और उन्होंने जनसंहार के हथियारों की रोकथाम और आतंकवाद आयोग के आयुक्त के रूप में भी कार्य किया है और वह ”वल्र्ड एट रिस्क” प्रसिद्ध रिपोर्ट के सहलेखक हैं। राजदूत वर्मा डीसी में थिंक टैंक सेंटर फॉर अमेरिकन प्रोग्रेस के नेशनल सिक्यूरिटी फैलो रहे हैं। वह द फोर्ड फाउंडेशन के एक ट्रस्टी के रूप में काम कर रहे हैं और कई अन्य बोर्डों- जैसे नेशनल एंडोमेंट फॉर डेमोक्रेसी और लेहाई यूनिवर्सिटी में शामिल हैं।




