दो अन्य यूनियन के समर्थन के बाद भी इंटक से छीन गया ताज
भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र में मान्यता प्राप्त यूनियन का चुनाव भारतीय मजदूर सभा यानी बीएमएस ने जीत लिया है। इसके साथ ही तमाम अटकलों पर विराम लग गया। इस्पात श्रमिक मंच और स्टील वर्कर्स यूनियन से गठबंधन के बावजूद पिछले बार की मान्यता प्राप्त यूनियन इंटक से ताज छीन गया है। आधी रात को चुनाव परिणाम घोषित होने के साथ ही बीएमएस के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने जमकर जश्न मनाया।
शनिवार को हुए चुनाव में बीएमएस को सबसे ज्यादा मत मिले। सीएमएस को कुल 3584 वोट मिले, जबकि दो यूनियन से गठबंधन कर चुनाव लडऩे वाली इंटक को इस बार मुंह की खानी पड़ी। गठबंधन के बाद भी इंटक दूसरे स्थान पर रहा। इंटक गठबंधन को 3170 और सीटू को 2981 वोट मिला। इसके अलावा एटक 377, बीएसपी वर्कर्स यूनियन 296, एचएमएस 61, लोइमू 34 व एक्टू को 21 वोट मिले।
बता दें बीएसपी में मान्यता प्राप्त यूनियन के लिए शनिवार को संयंत्र के भीतर व बाहर कुल 19 केन्द्रों में मतदान हुआ था। इससे पहले सभी यूनियनों ने कर्मचारियों को रिझाने का कोई मौका नहीं छोड़ा। शुरू ही माना जा रहा था कि मुकाबला इंटक, सीटू व बीएमएस के बीच है लेकिन किसी ने इसकी उम्मीद नहीं की थी कि बीएमएस यूनियन चुनाव जीत जाएगा। सभी यूनियनों को पीछे छोड़ते हुए बीएमएस ने शानदार जीत दर्ज की।
सफल रहा युवा जोश को तवज्जो देना
बताया जा रहा है कि इस बार चुनाव में युवा कर्मचारियों की भूमिका अहम रही। युवा कर्मचारियों का समर्थन बीएमएस को मिला और इनके वादों ने भी कर्मचारियों को रिझाया। इन युवा कर्मचारियों की आंधी ऐसी चली कि इंटक – इस्पात श्रमिक मंच और स्टील वर्कर्स यूनियन गठबंधन भी नहीं टिक सका। मतगणना आधीरात के बाद भी चलती रही। लगभग ढाई बजे मतगणना पूरी हुई और बीएमएस के जीत की घोषणा की गई। इसके साथ ही बीएसपी में पहली बार भगवा यूनियन का परचम लहराया है।
जीत के साथ गूंजा जय श्रीराम का नारा
मतदान खत्म होने के बाद बीएसपी के एचआरडी बिल्डिंग के हॉल में सबसे पहले मतपत्रों को पेटी से निकालकर उसकी 100-100 की गड्डी बनाई गई। कुल 8 टेबल में गिणती शुरू की गई। इस बार राउडवार नतीजे नहीं बताए गए। बल्कि एक साथ फाइनल रिजल्ट दिया गया। इस दौरान सभी यूनियन के प्रतिनिधि मौके पर मौजूद रहे। जैसे ही बीएमएस की जीत की घोषणा हुई जय श्रीराम के नारे गूंजने लगे। बीएमएस यूनियन के सदस्य एक दूसरे को जीत की बधाई देने लगे।
पिछले बार थी तिसरे नंबर पर
बीएमएस यूनियन वर्ष 2019 के मान्यता चुनाव में तिसरे नंबर पर रही थी। तब उसे बीएसपी कर्मियों का महज 1879 वोट प्राप्त हो सका था। उस चुनाव में इंटक यूनियन 4447 वोट लेकर जीत का परचम लहराया था। वहीं 3840 वोट के साथ सीटू दूसरे स्थान पर रही थी। इस बार बीएमएस यूनियन की जीत ने भिलाई के राजनीतिक गलियारे को भी चौंका सा दिया है।




