भिलाई। कॉमन सर्विस सेंटर के विभिन योजनाओं का क्रियान्वित करने जैसे आयुष्मान कार्ड, ई-श्रम कार्ड, पेन कार्ड, बिजली बिल, टेली ला मजदुर कार्ड, बैंकिग का लोन, गाड़ी सेल, एलआईसी, जैसे विभिन्न योजनाओं का कार्य करने पर दुर्ग जिले में प्रोत्साहन सर्टिफिकेट प्रदान किया गया है। टेली ला के माध्यम से गरीब तपको के महिलाओं के लिए नि:शुल्क वकील के माध्यम से परामर्श की सेवा दी जाती है। इस योजना क्रियान्वयन वकील के माध्यम से सर्विस देना है। अभी वर्तमान में सेन्ट्रल गवर्मेंट की नई सर्विस आई है। यह सर्विस मेरा गाँव मेरा धरोहर है इस सर्विस से लोग अपनी माटी से जुड़ेंगे, जिसका सर्वे अभी तक दुर्ग जिले में 22 गाँव का हो चूका है और ट्रेनिंग भी दी जा चुकी है। दुर्ग जिले की तीनों ब्लाक दुर्ग, धमधा और पाटन में ट्रेनिग संपन्न कर कार्य शुरू किया जा चूका है। दुर्ग जिले से ई-डिस्ट्रिक मैनेजर श्रुति अग्रवाल सीएससी के डिस्ट्रिक मैनेजर रविन्द्र कुमार वर्मा अवधेश साहू रायपुर से टेली ला के वकील विद्या रानी केशरवानी एवं समस्त सीएससी वीएलई रितुराज वर्मा, निलेश कुमार, हेमेंद्र चंद्राकर दुर्ग ब्लॉक से उपस्थित थे।
भिलाई नगर निगम जोन-2 कार्यालय के अंतर्गत संचालित कॉमन सर्विस सेंटर के संचालक उमेश पटेल ने बताया कि इस सेंट्रल की इस सर्विस में सांस्कृतिक धरोहर की सूचना अब रहेगी। इसके लिए भारत सरकार के सांस्कृतिक मंत्रालय और सीएससी द्वारा कवायद आरंभ कर दी गई है। मेरा गांव मेरी धरोहर के तहत जिले में योजना के तहत ट्रायल भी पूरा किया जा चुका है। अधिकारियों के अनुसार मेरा गांव मेरी धरोहर से जो लोग गांव में प्रसिद्ध चीजों के बारे में नहीं जानते हैं, वे इस प्रयास से एक क्लिक से सारी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
सांस्कृतिक शब्द से सीधा मतलब है कि कोई ऐसी चीज, जिसमें कुछ विशेष हो या वह पुरानी हो। सरकार ऐसी सभी चीजों को इकठ्ठा कर इन चीजों के प्रति लोगों का ध्यान आकर्षित करना चाहती है। इसमें गांव के नागरिकों के सहयोग से गांव ब्लाक, जिले को विशेष बनाती है, उसकी खासियत को दर्ज किया जाएगा। साथ ही संबंधित फोटो, वीडियो और उसके बारे में संपूर्ण जानकारी भी अपलोड किया जाएगा। सभी जानकारी व फोटो को मोबाइल एप के माध्यम से दर्ज किया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि इस सर्वे के दौरान गांव के लोगों से कुछ जानकारी लेकर दर्ज किया जाएगा। इसमें गांव व शहर की खास चीजे जैसे कि सांस्कृतिक पहचान, गांव-शहर के प्रसिद्ध स्थान, प्रसिद्ध किवदंती प्रसिद्ध व्यक्ति विशेष पकवान, विशेष आभूषण विशेष कपड़े आदि के बारे में जानकारी दर्ज की जाएगी संबंधित जानकारी, फोटो, वीडियो आदि एप पर दर्ज होगी।




