रायपुर। गणेश पर्व के पांचवें दिन रविवारीय अवकाश पर स्थल सजावट और मनमोहक गणेश प्रतिमाओं का दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। पुरानी बस्ती, गुढिय़ारी, रामसागरपारा, स्टेशन रोड, कालीबाड़ी इत्यादि क्षेत्रों में देर रात तक भीड़ लगी रही।
गोलबाजार में गणेश प्रतिमा पर सोने का मुकुट
गोलबाजार हनुमान मंदिर के सामने गणेश पंडाल में महाआरती के पूर्व प्रतिमा के सिर पर सोने का मुकुट पहनाया गया। पौन किलो सोने का मुकुट पहनाने के दौरान मुख्य अतिथि के रूप में सांसद सुनील सोनी उपस्थित रहे। समिति प्रमुख केदारनाथ अग्रवाल ने बताया कि मुंबई के लालबाग इलाके और पूना के दगड़ू सेठ हलवाई के नाम से प्रसिद्ध गणेशजी की प्रतिमा पर सोने का मुकुट सजाया जाता है। दर्शन करने हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। समिति के सदस्य कुछ साल पहले मुंबई, पूना दर्शन करने गए थे।
वहीं प्रेरणा मिलीं कि ऐसा ही मुकुट बनवाया जाए। गोलबाजार के व्यापारियों से चर्चा करने पर सभी ने सहयोग किया। इसके पश्चात मुकुट तैयार करके उसमें मूंगा, पन्ना, माणिक, मोती आदि रत्न जड़वाए गए। छह साल पहले गणेश पर्व के पहले दिन विधिविधान से मुकुट को प्रतिमा के सिर पर विराजित किया गया।
पिछले दो साल तक कोरोना महामारी के चलते पर्व को सादगी से मनाया गया था। इस साल श्रद्धालुओं का उत्साह देखने योग्य है। प्रतिदिन शाम को जनप्रतिनिधि और समाजसेवी के हाथों प्रतिमा पर सोने का मुकुट पहनाया जाता है। अब तक महापौर एजाज ढेबर, नगर निगम सभापति प्रमोद दुबे, सांसद सुनील सोनी समेत अनेक जनप्रतिनिधि पूजा में शामिल हो चुके हैं।
इस बार स्थल सजावट में शिव परिवार में श्रीगणेश, कार्तिकेय, पार्वती एवं श्रीराम, लक्ष्मण, जानकी, हनुमान की प्रतिमाएं सजाई गई है। शाम को 7.30 बजे महाआरती में गोलबाजार के सैकड़ों व्यापारी उपस्थित रहते हैं। व्यापारियों की उपस्थिति में मुकुट पहनाने और फिर रात्रि 11 बजे पट बंद करने के दौरान मुकुट उतारने की प्रथा पूरी की जाती है।




