ShreeKanchanpathShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: भोरमदेव पदयात्रा: सदियों से चली आ रही परंपरा में शामिल हुए आईएएस, आईपीएस सहित 5000 श्रद्धालु, 17 किमी की पदयात्रा कर भगवान शिव का किया जलाभिषेक
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Font ResizerAa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
ChhattisgarhFeaturedRaipur

भोरमदेव पदयात्रा: सदियों से चली आ रही परंपरा में शामिल हुए आईएएस, आईपीएस सहित 5000 श्रद्धालु, 17 किमी की पदयात्रा कर भगवान शिव का किया जलाभिषेक

By Om Prakash Verma
Published: July 11, 2023
Share
भोरमदेव पदयात्रा: सदियों से चली आ रही परंपरा में शामिल हुए आईएएस, आईपीएस सहित 5000 श्रद्धालु, 17 किमी की पदयात्रा कर भगवान शिव का किया जलाभिषेक
भोरमदेव पदयात्रा: सदियों से चली आ रही परंपरा में शामिल हुए आईएएस, आईपीएस सहित 5000 श्रद्धालु, 17 किमी की पदयात्रा कर भगवान शिव का किया जलाभिषेक
SHARE

कबीरधाम। कबीरधाम स्थित भोरमदेव मंदिर के लिए ऐतिहासिक पदयात्रा सावन के पहले सोमवार को हुई। इस पदयात्रा में कई आईएएस, आईपीएस सहित 5000 श्रद्धालु शामिल हुए हैं। यह सभी लोग भोरमदेव मंदिर पहुंचे और भगवान शिव का जलाभिषेक किया। पदयात्रा की यह परंपरा सदियों से चली आ रही है। बूढ़ा महादेव मंदिर से कलेक्टर जनमजेय महोबे ने सुबह करीब 8 बजे इस 17 किमी लंबी पदयात्रा की शुरुआत की। भोरमदेव मंदिर को छत्तीसगढ़ के खजुराहो के नाम से जाना जाता है।

Bhoramdev Padyatra taken out from Budha Mahadev Temple on first Monday of Sawan in Kabirdham

जलाभिषेक के बाद किया गया पौधरोपण
सदियों से चली आ रही यह पदयात्रा प्रशासनिक तौर पर आमजनों के सहयोग से 2008 से अनवरत जारी है। इस बार वन विभाग की ओर से पदयात्रा के दौरान ग्राम छपरी (गौशाला) और भोरमदेव मंदिर परिसर के अंदर पौधरोपण किया गया। वहीं श्रद्धालुओं एवं पदयात्रियों के जन स्वास्थ्य सुविधा एवं विश्राम के लिए व्यवस्था जिला प्रशासन ने की है। बाहर से आने वाले पदयात्रियों के लिए रोड मैप भी तैयार किया गया है। स्वास्थ्य विभाग का चलित एम्बुलेंस साथ है और श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था है।

रुकने और नाश्ते की व्यवस्था
पदयात्रा मार्ग में प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं के लिए विभिन्न स्थानों पर शीतल पेयजल और नाश्ता की व्यवस्था की गई है। इनमें सकरी नदी विद्युत केन्द्र के पास, ग्राम समनापुर, ग्राम बरपेलाटोला, ग्राम रेंगाखारखुर्द, ग्राम कोडार, ग्राम राजानवागांव, ग्राम बाघुटोला, ग्राम छपरी (गौशाला) और भोरमदेव मंदिर परिसर शामिल है। वहीं भोरमदेव मंदिर परिसर के आस-पास कांवरियों के ठहरने के लिए भवन की व्यवस्था भी है। कंवरिया भवन, ग्राम पंचायत के पास बैगा भवन, आदिवासी भवन, शांकम्भरी भवन, ग्राम पंचायत भवन में वाटरप्रुफ टेंट, मड़वा महल मोड़ के पास धर्मशाला भवन में रुक सकते हैं।

Bhoramdev Padyatra taken out from Budha Mahadev Temple on first Monday of Sawan in Kabirdham

प्लास्टिक प्रतिबंध
भोरमदेव मंदिर के आस-पास पॉलीथिन एवं प्लास्टिक युक्त सामग्री का उपयोग नहीं करने की अपील की गई है। कंवरियों और श्रद्धालुओं से प्लास्टिक, चावल, फूल किसी भी मुर्ति पर नहीं डालने को कहा गया है। आने वाले कंवरियों एवं श्रद्धालुओं के लिए अस्थाई शौचालय का निर्माण किया गया है। बैनर पोस्टर से चिन्हांकित किया गया है। सभी श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि सभी जगह स्वच्छता से उपयोग करें ताकि गंदगी एवं पर्यावरण प्रदूषण को रोका जा सके।

Bhoramdev Padyatra taken out from Budha Mahadev Temple on first Monday of Sawan in Kabirdham

एक हजार साल पुराना है भोरमदेव मंदिर
कबीरधाम जिले में मैकल पर्वत समूह से घिरा भोरमदेव मंदिर करीब एक हजार साल पुराना है। मंदिर की बनावट खजुराहो और कोणार्क के मंदिर के समान है। यहां मुख्य मंदिर की बाहरी दीवारों पर मिथुन मूर्तियां बनी हुई हैं, इसलिए इसे छत्तीसगढ़ का खजुराहो कहा जाता है। मंदिर को 11वीं शताब्दी में नागवंशी राजा गोपाल देव ने बनवाया था। ऐसा कहा जाता है कि गोड राजाओं के देवता भोरमदेव थे और वे भगवान शिव के उपासक थे। शिवजी का ही एक नाम भोरमदेव है। इसके कारण मंदिर का नाम भोरमदेव पड़ा।

छत्तीसगढ़ पत्रकार सुरक्षा कानून के प्रारूप को दिया गया अंतिम रूप…. समिति शीघ्र शासन को सौंपेगी कानून का प्रारूप
shreekanchanpath 124 # 16 February 2025
रायपुर एयरपोर्ट पर टला बड़ा हादसा, रनवे पर इंडिगो विमान की रफ लैंडिंग, हलक में फंसी यात्रियों की जान
पट्टे की मांग लेकर सैकड़ों लोग पहुंचे विधायक वोरा के पास… मामले पर तत्काल संज्ञान लेते हुए विधायक वोरा ने कहा अधिकारी केम्प लगाकर गरीबों को दिलाए पट्टे
टेस्ट क्रिकेट में ICC बदल रहा नियम, अब चार दिन के होंगे टेस्ट मैच, लेकिन भारत सहित ये तीन टीमें रहेंगी अपवाद
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article Big news : सीएम बघेल युवाओं से करेंगे सीधे संवाद, सवालों का भी देंगे जवाब… भेंट मुलाकात की तर्ज पर जुड़ेंगे
Next Article Big Accident : स्कूल बस और कार में जोरदार टक्कर, छह लोगों की मौत… सीएम ने जताया दु:ख

Ro.No.-13672/51

× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?