नई दिल्ली (एजेंसी)। पश्चिम बंगाल में भाजपा को करारा झटका लगा है। यहां कालीगंज से भाजपा विधायक सौमेन रॉय ने पार्टी को अलविदा कहते हुए ममता बनर्जी का साथ देने का फैसला किया है। उन्होंने कोलकाता में राज्य मंत्री पार्थ चटर्जी की मौजूदगी में तृणमूल कांग्रेस का दामन थामा। सौमेन ने इसी साल हुए विधानसभा चुनाव में कालीगंज सीट से टीएमसी उम्मीदवार तपन देब सिंघा को 94,948 वोटों से हराया था।

29 अगस्त को शिखा मित्रा भी टीएमसी में शामिल हुईं थी
इससे पहले पश्चिम बंगाल के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष (दिवंगत) सोमेन मित्रा की पत्नी शिखा मित्रा भी 29 अगस्त को सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में शामिल हो गईं थीं। इस दौरान शिखा ने दावा किया था कि भले ही मैंने 2014 में तृणमूल कांग्रेस विधायक के पद से इस्तीफा दे दिया था, लेकिन मैंने आधिकारिक रूप से पार्टी कभी नहीं छोड़ी।
मित्रा ने कहा था कि मेरे पति को कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था लेकिन मैंने सक्रिय राजनीति से एक ब्रेक लिया था। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुझसे टीएमसी का सक्रिय कार्यकर्ता बनने का अनुरोध किया था। मैं उनकी सादगी और उनके व्यक्तित्व से बहुत प्रभावित हूं। मैंने सोचा था कि अगर सक्रिय राजनीति में वापसी करूंगी तो उनके साथ ही करूंगी।
बता दें कि भाजपा ने शिखा मित्रा को इस साल राज्य में हुए विधानसभा चुनावों में कोलकाता में चौरिंगी विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन मित्रा ने चुनाव लडऩे से ही इनकार कर दिया था। इसे लेकर शिखा मित्रा ने आज कहा कि मैं हमेशा से यह मानती रही हूं कि भाजपा एक सांप्रदायिक पार्टी है।
उपचुनाव का भी एलान
इस बीच चुनाव आयोग ने आंध्र प्रदेश, ओडिशा समेत पश्चिम बंगाल की तीन विधानसभा सीटों में उपचुनाव कराने की तारीखों का एलान कर दिया था। बंगाल में होने वाले उपचुनाव में भवानीपुर सीट भी शामिल है, जहां से मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी चुनाव लडऩा चाहती हैं। चुनाव 30 सितंबर को होने हैं और इसके नतीजे 3 अक्टूबर को आएंगे।




