भाजपा का ध्यान चरोदा और रिसाली पर, बगावत की आशंका भी
भिलाई। नगरीय निकाय चुनाव के लिए कांग्रेस की पहली सूची तैयार है। इसकी घोषणा आज रात तक किए जाने की पूरी संभावना है। संगठन सूत्रों के मुताबिक, यदि किसी कारणवश यह सूची आज जारी नहीं हो पाई तो बुधवार को जारी की जाएगी। बताते हैं कि पहली सूची में उन क्षेत्रों को शामिल किया गया है, जहां पार्टी को जीत का पूरा भरोसा है या फिर विवाद की स्थिति नहीं है। कई सीटों पर नेताओं के बीच आपसी सामंजस्य नहीं बैठ पाया है, इसलिए इन सीटों की घोषणा नामांकन दाखिले की अंतिम तारीख 3 दिसम्बर से कुछ पहले की जाएगी। इधर, भाजपा में भी प्रत्याशियों के नाम पर मंथन की खबर है। पार्टी का पूरा फोकस सीएम और गृहमंत्री के क्षेत्रों पर है। हालांकि जिले के सबसे बड़े भिलाई नगर निगम से भी बहुत बड़ी संख्या में टिकट की दावेदारी की गई है।

चुनाव को लेकर परवान चढ़ती प्रशासनिक तैयारियों के बीच राजनीतिक दलों में भी हलचल ते•ा है। जिले के तीनों नगर निगमों के अलावा एक पालिका क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर कार्यकर्ताओं ने दावेदारी की है। दोनों ही दलों के दिग्गज नेताओं ने जमीनी स्तर पर न केवल दावेदारों के आवेदन लिए, अपितु संवाद करके उनको परखा भी है। स्थानीय स्तर पर आवेदन की औपचारिकताओं के बाद अब राजधानी रायपुर में टिकट की कवायद चल रही है। बताते हैं कि 40 सीटों वाले नवोदित रिसाली नगर में करीब-करीब आधी सीटों के नाम फायनल कर लिए गए हैं। यह गृहमंत्री के निर्वाचन क्षेत्र का हिस्सा है और चुनाव की कमान भी स्वयं गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ही संभाल रहे हैं। सोमवार को उन्होंने टिकट के प्रत्येक दावेदार से खुद चर्चा की थी और उनसे पार्टी विरोधी गतिविधियों से दूर रहने संबंधी फार्म भी भरवाए थे। कुछ ऐसी ही स्थिति चरोदा नगर निगम क्षेत्र की है। यहां भी 40 वार्डों के लिए चुनाव होने हैं। चरोदा क्षेत्र के ज्यादा दावेदार स्वयं को मुख्यमंत्री और केबिनेटमंत्री का करीबी बताकर टिकट मांग रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, चरोदा में भी करीब एक दर्जन नामों पर अंतिम मुहर लगा दी गई है।
जामुल पालिका की 20 सीटों के लिए आज दोपहर तक माथापच्ची की जाती रही। जामुल पर कब्जे के लिए दोनों दलों में बेचैनी है। इसलिए नामों के चयन में खासी ऐहतियात बरती जा रही है। सर्वाधिक खराब स्थिति भिलाई नगर निगम क्षेत्र को लेकर बताई जा रही है। 70 सीटों वाले इस नगर निगम की करीब दो दर्जन सीटों पर ही नाम तय हो पाने की खबर है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि सबसे आखिर में भिलाई क्षेत्र के नाम ही फायनल होंगे। खबर है कि जहां 1 नाम तय नहीं हो पाए हैं, उन वार्डों की सूची पीसीसी को भेजी गई है। अंतिम फैसला रायपुर से ही होना है। नामों की घोषणा भी वहीं से होगी, इसलिए जो दावेदार स्थानीय स्तर पर जुगाड़ लगाने में नाकाम रहे हैं, वे अब पीसीसी नेताओं के सम्पर्क में हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों को ही यहां बड़े पैमाने पर बगावत का डर सता रहा है।
शहरी सुविधाएं बढ़ाने पर होगा फोकस
कांग्रेस की चुनाव घोषणा पत्र समिति की कल हुई बैठक में शहरी सुविधाएं बढ़ाने पर फोकस किया गया। प्रत्याशियों के नामों की घोषणा के बाद पार्टी अपना घोषणा-पत्र जारी करेगी। इस सिलसिले में हुई बैठक में प्रत्येक निकाय क्षेत्र के स्थानीय मुद्दों पर चर्चा की गई। खासतौर पर जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को घोषणा-पत्र में शामिल करने पर सहमति बनी। जो सुविधाएं वर्तमान में निकाय क्षेत्रों में उपलब्ध हैं, उन्हें और कैसे बेहतर बनाया जाए, इस पर भी बैठक में चर्चा हुई।
नामों पर आज भी माथापच्ची
मंगलवार को दोपहर पीसीसी कार्यालय राजीव भवन में एक बार फिर बैठक शुरू हुई। बैठक में 15 शहरों के 370 वार्डों के पार्षद प्रत्याशियों के नामों पर माथापच्ची चलती रही। इसके अलावा उन 17 वार्डों के लिए भी उम्मीदवारों के नाम तय किए गए, जहां उपचुनाव होने हैं। कहा जा रहा है कि आज ही शाम तक पहली सूची जारी कर दी जाएगी। हालांकि पार्टी के सूत्रों का कहना है कि सूची जारी होने में थोड़ा विलम्ब हो सकता है। उल्लेखनीय है कि 3 दिसम्बर तक नामांकन दाखिल किया जाना है। फिलहाल टिकट दावेदारों में नामांकन दाखिल करने को लेकर कोई हड़बड़ी नहीं दिख रही है। कुछेक लोगों ने जरूर टिकट मिलने से पहले ही नामांकन दाखिल कर दिए हैं, वहीं बड़ी संख्या में ऐसे लोगों के भी चुनाव मैदान में कूदने की संभावना है, जिन्हें पार्टियां टिकट न दे। इन स्थितियों को देखते हुए दोनों ही दल जल्द से जल्द प्रत्याशी घोषित करना चाह रहे हैं, ताकि बागियों को मनाने और उनके नाम वापसी का काम समय रहते करवाया जा सके।




