ShreeKanchanpathShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: बच्चे को चैन भरी नींद देने के लिए अपनाएं ये आसान टिप्स…
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Font ResizerAa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
FeaturedHealth

बच्चे को चैन भरी नींद देने के लिए अपनाएं ये आसान टिप्स…

By Sonu Sahu
Published: February 19, 2023
Share
SHARE

एक उम्र के बाद छोटे बच्चे को अलग सुलाना ही सही रहता है। कैसे बच्चे में छुटपन से अलग सोने की आदत डालें, बता रही हैं नीलम शुक्ला अकसर बच्चे की परवरिश को लेकर लोग अलग-अलग सोच रखते हैं। उनमें से कुछ लोग बच्चों को अलग सुलाने को लेकर भी सवाल करते हैं, मसलन कि उन्हें किस उम्र से अलग सुलाना चाहिए या फिर कैसे उन्हें अलग सुलाया जाए? सबसे पहले तो आपको यह समझना होगा कि बच्चे को अलग सुलाना क्यों जरूरी है? बच्चों के लिए जरूरी है कि वे सही समय पर सोएं और अच्छी नींद लें। बच्चों को साथ में सुलाकर आप उसे आत्मनिर्भर बनने से रोकती हैं, इसलिए उनको अलग सुलाएं। रही बात उम्र की, तो इस पर सबके अपने-अपने विचार हो सकते हैं। कुछ लोग 3-4 साल की उम्र के बाद से ही बच्चे को अलग सुलाने की वकालत करते हैं, तो वहीं कुछ लोग इसकी सही उम्र 6-7 साल मानते हैं। लेकिन इस सबके बीच आपको सबसे पहले बच्चों की सोने से जुड़ी आदतों को समझना होगा। बिना इन आदतों को समझे बच्चे को अलग सुलाना नामुमकिन है। ऐसे में ये जरूरी है कि आप उनकी नींद को ठीक से समझें और इसको समझ कर ही उनको अलग सुलाने की योजना बनाएं।

Contents
  • आराम है जरूरी
  • कमरा हो मनभावन
  • कपड़े हों आरामदायक
  • इन बातों का भी रखें ध्यान

आराम है जरूरी

हर बच्चे को सुलाने का तरीका अलग-अलग हो सकता है। इसलिए जब भी आप बच्चे को अलग सुलाने की सोचें, तो इस बात पर तवज्जो दें कि वह कैसे सोता है? जरूरी नहीं कि जो तरीका आप किसी पत्रिका में पढ़ती हैं, वही आपके बच्चे पर भी काम करे। हर बच्चा अपने-आप में अलग होता है। बेहतर यही होगा कि आप अपने बच्चे को पहले समझें और अपना नया तरीका आजमाएं।

कमरा हो मनभावन

सोने का वातावरण भी अनुकूल होना जरूरी है। जब आप बच्चे को अलग सुलाने के बारे में सोचें, तो सबसे पहले उसके कमरे पर ध्यान दें। उसके कमरे का इंटीरियर, परदे का रंग, उसकी बेडशीट, सब कुछ उसकी पसंद के हिसाब से होने चाहिए, तभी बच्चा उस कमरे से जुड़ाव महसूस करेगा। बच्चे को जो भी चीजें पसंद हों, वह उसके कमरे में सजाएं। कुल मिलाकर बच्चे को यह एहसास हो कि यह उसका अपना कमरा है, जो उसके लिए सजाया गया है। बच्चे के कमरे में शांति भी जरूरी है। यहां शांति का मतलब यह बिल्कुल नहीं कि घर में कोई आवाज न हो। बच्चों को आम आवाजों के बीच सोने में कोई परेशानी नहीं होती। बस ख्याल यह रखें कि कमरे में कोई आर्टिफिशियल आवाज न आए, जैसे टीवी की या म्यूजिक सिस्टम की। इससे उनकी नींद में बाधा आती है।

कपड़े हों आरामदायक

बच्चों को हमेशा आरामदायक कपड़े पहना कर सुलाना चाहिए। कई बार बच्चे समझ नहीं पाते हैं कि उनको नींद क्यों नहीं आ रही है। पर इसका कारण उनके असहज कपड़े भी हो सकते हैं। हो सकता है कि उनके कपड़े कुछ टाइट हों या फिर उनको उन कपड़ों में ज्यादा गर्मी लग रही हो। इसलिए शुरू से ही बच्चों को नाइट ड्रेस में सोने की आदत डालें। ऐसे कपड़े सोने के लिए ज्यादा अच्छे होते हैं।

इन बातों का भी रखें ध्यान

बच्चे को रोज अलग सुलाने की कोशिश करें। अगर आप शुरू से ही ऐसा करेंगी, तो इससे उसमें अलग सोने की आदत पड़ेगी।
सुलाने से पहले बच्चे की मालिश करना भी काफी फायदेमंद रहता है, इससे उसको अच्छी नींद आएगी।
सुलाने से पहले बच्चे की सफाई पर भी ध्यान दें। खास कर नाक, कान और मुंह की ठीक से सफाई करके उन्हें सुलाएं।
बच्चे को सुलाते वक्त कमरे में अंधेरा जरूर कर दें, क्योंकि अंधेरे में नींद से जुड़ा हार्मोन सक्रिय होता है। यही हार्मोन नींद लाने में सहायक होता है।
कमरे की खिड़की के परदे जरूर फैला दें और संभव हो तो दरवाजे को भी बंद कर दें, ताकि बच्चा बाधारहित अच्छी नींद ले सके।
धीमा संगीत और वार्म लाइट भी बच्चे को अच्छी नींद देने में मददगार होते हैं। इसकी व्यवस्था आप उसके कमरे में कर सकती हैं।
जब आपका बच्चा सो रहा हो, तो घर में तेज आवाज वाले उपकरण जैसे मिक्सी, वैक्यूम क्लीनर आदि का इस्तेमाल न करें। इससे बच्चे डर कर जाग जाते हैं।
आप चाहें तो बच्चे के साथ सो सकती हैं, जब तक कि वह सो नहीं जाता। लेकिन उससे लिपट कर ना सोएं, वरना उसको इसकी आदत हो जाती है और आपके हटते ही उसकी नींद टूट जाती है। बेहतर यही होगा कि आप अपने बच्चे को इस तरह की आदत ना डालें।
जब बच्चा हल्की नींद में हो, तभी उसे गोद से या झूले से निकाल कर बिस्तर पर सुला दें।

खुर्सीपार में बड़ा हादसा : ट्रेलर की चपेट में आया साइकिल सवार, मौके पर मौत
दिल्ली में हाई अलर्ट, आतंकी हमले के इनपुट्स के बाद सुरक्षा एजेंसियां चौकस
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती पर जिला कांग्रेस भिलाई ने किया नमन… प्रतिमा पर माल्यार्पण कर लिया उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प
दंतेवाड़ा एवं सुकमा के 11 स्वास्थ्य संस्थाओं का NQAS मूल्यांकन सफल,  सीमित संसाधनों से पाई बड़ी उपलब्धि
ओडिशा और आंध्रप्रदेश में आज शपथ लेंगे मुख्यमंत्री, मोहन माझी और नायडू की होगी ताजपोशी
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article नुक्कड़ नाटक के माध्यम से खान-पान में मिलेट्स के महत्व को बताया, पोषक तत्वों की प्रचुरता बनाते हैं सुपरफूड नुक्कड़ नाटक के माध्यम से खान-पान में मिलेट्स के महत्व को बताया, पोषक तत्वों की प्रचुरता बनाते हैं सुपरफूड
Next Article CG Crime : नाबालिग बच्ची की रेप के बाद हत्या, 12 वीं के छात्र ने दिया खौफनाक वारदात को अंजाम

Ro.No.-13895/18

× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?