दुर्ग। शुक्रवार की देर रात दुर्ग के धमधा नाका स्थित राजीव गांधी सेतु से एक ट्रक से तू के नीचे गिर गया जिसमें 4 लोगों की मृत्यु हो गई गौरतलब है कि लगातार जिला प्रशासन को सड़क और फुटपाथ का अंतर खत्म होने की शिकायत की जाती रही परंतु जिला प्रशासन की लापरवाही पूर्ण कार्यशैली के चलते फिर मौत का तांडव देखने को मिला, राजीव गांधी सेतु इंसानी खून से लाल हो चुका है मामला कुछ इस तरह से है शुक्रवार की रात 12:30 बजे जब तीन बाइक सवार धमधा मार्ग की ओर फ्लाईओवर से जा रहे थे और दूसरी ओर से धमधा से दुर्ग की ओर आ रहे ट्रक से बाइक सवारों की भिड़ंत हो गई भिड़ंत इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार और ट्रक दोनों ही फ्लाईओवर से नीचे गिर गए और नीचे खड़े वाहन को भी अपनी चपेट में ले लिया जिसमे 4 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई है। हादसे में बाइक सवार तीनों युवकों के शवों के चीथड़े उड़ गए थे। पुलिस ने सभी शवों को जिला अस्पताल के मरच्यूरी में रखवाया है।


मोहन नगर थाना प्रभारी जितेन्द्र वर्मा ने बताया कि हादसे के बाद पुलिस ने लगभग 4 घंटे तक रेस्क्यू किया। हादसे में मृत ट्रक चालक की पहचान बालोद सिकोसा निवासी महेश बारले के रूप में हुई। वहीं इस हादसे में लुचकी पारा निवासी तौसिफ खान (26), तकियापारा निवासी साहिल खान (23) तथा चुलकी पारा निवासी मो. अमन (26) की मौत हुई। तीनों युवक बाइक पर थे और दुर्ग की ओर जा रहे थे।
फिलहाल इसे यातायात विभाग की लापरवाही कहें या पीडब्ल्यूडी विभाग की लापरवाही, जिसके कारण आए दिन पुल पर दुर्घटना देखने को मिल रही है दरअसल पुल इतना सकरा है कि दोनों तरफ से आने जाने वाले लोगों को आवागमन में काफी तकलीफ होती है और हमेशा ही पुल पर जाम की स्थिति बन जाती है जिसका नतीजा दुर्घटना के तौर पर आए दिन देखने को मिल रहा है

ट्रक में ही फंसा रहा चालक का शव
थाना प्रभारी जितेन्द्र वर्मा ने बताया कि पुल से नीचे गिरने के कारण चालक का शव ट्रक में ही फंसा रहा। रात ज्यादा होने के कारण पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। सुबह चार बजे तक प्रयास किया गया तब जाकर ट्रक चालक महेश बारले का शव निकाला जा सका। मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी गई है। फिलहाल हादसे का कारण पता नही चला है। पुलिस जांच कर रही है।
खामियों से भरा हुआ यह सेतु लगातार दुर्घटनाओं को अंजाम दे रहा है। जिसकी पूरी जवाबदारी लोक निर्माण विभाग दुर्ग एवं जिला प्रशासन, यातायात विभाग की है। प्रशासन इसे गंभीरता से लें अन्यथा दूरगामी नतीजे बहुत दुखदाई होंगे, जहां अंडर ब्रिज निर्माण की गति धीमी है वही खतरनाक ओवर ब्रिज से लोगों को दोहरी खतरनाक स्थितियों से सामना करने मजबूर होना पड़ रहा है। जिसका नतीजा यह है कि शुक्रवार को पूल पर 1 और दुर्घटना हो गई जिसमे ट्रक पूल के नीचे जा गिरा और ट्रक में सवार 4 लोगों की मौत हो गई।
गुरुवार सुबह भी हुए थे दो हादसे
बता दें गुरुवार को पूरा दिन दुर्ग जिले के लिए हादसों वाला रहा। गुरुवार तड़के 2.30 बजे दुर्ग पद्मनाभपुर फ्लाई ओवर पर हुई। इसमें एक तेज रफ्तार स्कार्पियों ने सामने से आ रहे बाइक सवार दो लोगों को टक्कर मार दी। हादसे में लोकेश डहरे बाइक के साथ नीचे गिर गया जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद सुबह 8 बजे खुर्सीपार के डबरापारा चौक पर डंपर ने पुरैना निवासी अश्विनी मिश्रा (30) और उसकी मां शशि मिश्रा (50) को टक्कर मार दी। दोनों मां बेटे स्कूटी से जा रहे थे। ट्रासपोर्ट नगर रोड की ओर मुड़ते समय ट्रक ने उन्हें चपेट में ले लिया। जिसमें दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।




