ShreeKanchanpathShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: प्रदेश में 1174 आयुष संस्थाओं के माध्यम से नि:शुल्क इलाज, अब तक 22.48 लाख मरीजों का उपचार
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Font ResizerAa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
ChhattisgarhFeaturedRaipur

प्रदेश में 1174 आयुष संस्थाओं के माध्यम से नि:शुल्क इलाज, अब तक 22.48 लाख मरीजों का उपचार

By @dmin
Published: March 6, 2022
Share
प्रदेश में 1174 आयुष संस्थाओं के माध्यम से नि:शुल्क इलाज, अब तक 22.48 लाख मरीजों का उपचार
प्रदेश में 1174 आयुष संस्थाओं के माध्यम से नि:शुल्क इलाज, अब तक 22.48 लाख मरीजों का उपचार
SHARE

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में कारगर है गिलोय, तुलसी, आंवला, हल्दी और काली मिर्च
रायपुर। प्रदेश में लोगों को सेहतमंद बनाए रखने और उन्हें उपचार उपलब्ध कराने में आयुष संस्थाएं भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। राज्य में 1174 आयुष संस्थाओं के माध्यम से लोगों के स्वास्थ्य की देखभाल और इलाज किया जा रहा है। इन संस्थाओं में चालू वित्तीय वर्ष 2021-22 में अब तक 22 लाख 48 हजार मरीजों को उपचार उपलब्ध कराया गया है।

आयुर्वेद पांच हजार साल पुरानी चिकित्सा पद्धति है। यह हमारी आधुनिक जीवन शैली को सही दिशा देने और स्वास्थ्य के लिए लाभकारी आदतें विकसित करने में मदद करती है। इसमें जड़ी-बूटी और वनस्पतियों से स्वास्थ्यवर्धक उत्पाद, दवा और रोजमर्रा के जीवन में इस्तेमाल होने वाले पदार्थ तैयार किए जाते हैं। इनके इस्तेमाल से जीवन सुखी, तनाव मुक्त और रोग मुक्त बनता है।

राज्य शासन के आयुष संचालनालय के सहायक संचालक डॉ. विजय साहू ने बताया कि प्रदेश में 1174 आयुष संस्थाएं लोगों को नि:शुल्क सेवाएं प्रदान कर रहीं हैं। इनमें रायपुर और बिलासपुर स्थित दो आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय, पांच जिला आयुष चिकित्सालय, 12 आयुष पॉलीक्लिनिक, 637 आयुर्वेदिक औषधालय, 52 होम्योपैथी औषधालय, छह यूनानी औषधालय तथा

एलोपैथिक केंद्रों में संचालित 460 आयुष संस्थाएं शामिल हैं। इन सभी संस्थाओं में आयुष पद्धति के माध्यम से मरीज़ों की नि:शुल्क जाँच और उपचार किया जा रहा है। चालू वित्तीय वर्ष 2021-22 में 22 लाख 48 हज़ार मरीजों ने यहां इलाज कराया है।

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में आयुर्वेद कारगर
डॉ. साहू ने बताया कि आयु्र्वेद के जरिए हम अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ा सकते हैं। रोग प्रतिरोधक क्षमता के बढऩे से न केवल कोरोना वायरस जैसी महामारी से खुद को बचाया जा सकता है, बल्कि कई अन्य तरह के घातक वायरस से भी बचाव होता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए आयुर्वेद में कई तरह की जड़ी-बूटियों और वनस्पतियों का उपयोग होता है। ये हमारे आसपास आसानी से उपलब्ध भी हैं।

  • गिलोय- गिलोय आजकल दवा और जूस के रूप में उपलब्ध है। इसे पानी में उबालकर भी पिया जा सकता है। इसे दैनिक आहार में शामिल कर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाई जा सकती है।
  • आंवला- आंवला की चटनी या रस का भी सेवन किया जा सकता है। यह च्यवनप्राश का प्रमुख घटक है। इसमें बड़ी मात्रा में विटामिन ‘सीÓ मिलता है।
  • तुलसी- इसके सेवन से ऊपरी और निचले श्वसन तंत्र की बीमारियां जैसे खांसी, सर्दी या श्वास संबंधित कष्ट को दूर कर सकते हैं। तुलसी के पत्तों का भी सेवन किया जा सकता है या इसे हर्बल टी के तौर पर पिया जा सकता है।
  • हल्दी- आयुर्वेद में हल्दी को काफी गुणकारी माना गया है। यह हमारी रसोई में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होती है। इससे सूजन, श्वास, सर्दी-खांसी आदि रोग में मदद मिलती है। रोज खाने में डालने के अलावा हल्दी का पाउडर दूध में डालकर उसका सेवन करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
  • काली मिर्च- इसे भी आयुर्वेद में अहम स्थान दिया गया है। काली मिर्च को हल्दी में मिलाकर खा सकते हैं। यह सर्दी को जड़ से खत्म करने में काफी गुणकारी है। यह रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है और आजकल गोलियों के रूप में भी उपलब्ध है।
बस्तर ओलंपिक को मिला खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का दर्जा, रायपुर-बिलासपुर में खुलेंगे मेडिकल-नर्सिंग कॉलेज
देश में 100 करोड़ वैक्सीनेशन पर बोल बम समिति करेगी भिलाई के हेल्थ वर्कर्स का सम्मान, अध्यक्ष दया सिंह बोले-पीएम के नेतृत्व में देश ने हासिल की ये सफलता
भिलाई तीन कॉलेज में भव्य एलुमनी मीट का आयोजन, पूर्व छात्रों ने साझा किए संस्मरण
दुर्ग पुलिस का वर्कशॉप : नर्स व पैरामेडिक्स कर्मचारियों को दी गई नए कानूनों की जानकारी
23 दिन पहले लकड़ी काटने घर से निकला शख्स, अब मिली खोपड़ी, शरीर का बाकी हिस्सा गायब
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article स्वास्थ्य प्रभारी लक्ष्मीपति राजू ने किया वार्ड 5 का दौरा, स्वच्छता रैकिंग में भिलाई को अव्वल लाने सफाई पर विशेष ध्यान देने निर्देशित किया स्वास्थ्य प्रभारी लक्ष्मीपति राजू ने किया वार्ड 5 का दौरा, स्वच्छता रैकिंग में भिलाई को अव्वल लाने सफाई पर विशेष ध्यान देने निर्देशित किया
Next Article नरवा विकास: कैम्पा मद से 392 करोड़ रूपए की राशि स्वीकृत, लगभग 38 लाख संरचनाओं का निर्माण प्रगति पर नरवा विकास: कैम्पा मद से 392 करोड़ रूपए की राशि स्वीकृत, लगभग 38 लाख संरचनाओं का निर्माण प्रगति पर

Ro.No.-13895/18

× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?