भोपाल (एजेंसी)। मध्य प्रदेश में कोरोना संबंधी प्रतिबंधों के हटते ही स्कूलों को फिर से पूरी क्षमता के साथ खोलने की तैयारी तेज हो गई है। मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य है, जहां कोरोना संबंधी सभी पाबंदियों को हटा लिया है। इस समय कक्षा पहली से 12वीं तक के स्कूल 50 प्रतिशत क्षमता के साथ खुले हैं। उसमें भी पेरेंट्स की अनुमति के बाद ही बच्चों को स्कूल आने की अनुमति है। ज्यादातर स्कूल अब भी ऑनलाइन पढ़ा रहे हैं।

मध्य प्रदेश के गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने सोमवार को कहा कि सभी स्कूल पूरी क्षमता के साथ खोले जाएंगे। इसके आदेश जल्द ही जारी हो जाएंगे। डॉ. मिश्रा से पूछा गया था कि कोरोना संबंधी पाबंदियों के हटने के बाद अब स्कूलों को पूरी तरह कब खोला जा रहा है। मध्य प्रदेश में कक्षा 1 सितंबर से कक्षा 9 से 12 तक को खोला गया था। फिर 20 सितंबर से कक्षा 1 से 5 तक के स्कूल खोले गए थे। इन्हें 50त्न क्षमता के साथ खोला गया था। कोरोना के बाद स्कूल खोलने में सभी स्कूलों में अलग-अलग व्यवस्थाएं की गई हैं। कुछ स्कूल अलग-अलग दिन अलग-अलग कक्षाओं को बुला रहे हैं। कुछ स्कूलों ने टाइमिंग में लचीलापन लाते हुए ऑनलाइन और ऑफलाइन पढ़ाई जारी रखी है। इसी तरह कुछ स्कूल पूरी तरह ऑनलाइन ही पढ़ा रहे हैं।
कक्षा-1 से निचली कक्षाएं भी खुलेंगी
सबसे बड़ा सवाल था कि कक्षा-1 से निचली कक्षाओं में यानी प्ले स्कूल, नर्सरी की कक्षाएं फिर से खुलेंगी? सरकार के फैसले से लग रहा है कि इन स्कूलों को भी जल्द ही 100त्न क्षमता के साथ खोला जाएगा। मौजूदा गाइडलाइन में पेरेंट्स की अनुमति आवश्यक है। इसके बाद भी कुछ स्कूलों ने दिसंबर में ऑफलाइन परीक्षाएं आयोजित करने की तैयारी कर रखी है। ऐसे में जल्द ही बाकी कक्षाओं को भी पूरी तरह ऑफलाइन मोड में लाया जा सकता है।




