नई दिल्ली (एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ट्विटर अकाउंट को शनिवार देर रात हैकर्स ने हैक कर तीन मिनट के भीतर दो ट्वीट कर दिए। इससे सरकारी महकमे में हड़कंप मच गया। ये ट्वीट देर रात करीब 2.11 बजे से 2.15 के बीच किए गए। वहीं इस घटना के बाद से सरकार अब हरकत में आ गई है। अधिकारी अब हैकर्स का पता लगाने के लिए एड़ी चोटी का जोड़ लगा रहे हैं। जानकारी के अनुसार सरकार ने इसकी जांच के लिए खास टीम लगा दी है जो कि लेटेस्ट टेक्नोलॉजी के जरिए हैकर्स का पता लगाएगी।

जांच के लिए CERT-IN टीम को लगाया गया
सूत्रों के अनुसार हैकर्स का पता लगाने के लिए इंडियन कम्प्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-IN) को लगाया गया है और वह इसके सोर्स का पता लगाने का कोशिश कर रही है। हैकिंग का पता लगाने के लिए यह टीम लेटेस्ट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रही है। CERT-IN केंद्र सरकार की एक विशेष जांच एजेंसी है जो मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्फोर्मेशन टेक्नोलॉजी के अंदर काम करती है। इसका काम भारत सरकार की हैकिंग और फिशिंग जैसे गंभीर साइबर खतरों से निपटना है।
The Twitter handle of PM @narendramodi was very briefly compromised. The matter was escalated to Twitter and the account has been immediately secured.
— PMO India (@PMOIndia) December 11, 2021
In the brief period that the account was compromised, any Tweet shared must be ignored.
ट्विटर ने जारी किया बयान
वहीं अब ट्विटर ने इस घटना पर बयान जारी कर सफाई दी है। ट्विटर स्पोक्स ने कहा कि हमारे पास प्रधानमंत्री कार्यालय के साथ संचार की 24X7 खुली लाइनें हैं और जैसे ही हमें इस गतिविधि के बारे में पता चला, हमारी टीमों ने प्रभावित अकाउंट को सुरक्षित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए। हमारी जांच से पता चला है कि इस समय किसी तरह के खतरे का कोई संकेत नहीं हैं।
सोशल मीडिया यूजर्स ने इसके पीछे ‘बिटक्वाइन माफिया’ का हाथ बताया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ट्विटर हैंडल हैक होने की जानकारी सोशल मीडिया पर आते ही वायरल हो गई। इसे लेकर यूजर्स ने स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए अपनी प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया। इसके बाद से ही हैशटैग हैक्ड और हैकर्स ट्रेंड करने लगे। हैशटैग हैक्ड भारत में रात में ही चौथे नंबर पर ट्रेंड कर रहा था।
सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे सुरक्षा का गंभीर खतरा और ‘बिटक्वाइन माफिया’ का काम बताया। कई लोगों ने यहां तक आशंका जताई कि इस घटना के बाद क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है। जानकारी के अनुसार पहला ट्वीट 2.11 बजे किया गया, जिसे दो मिनट के भीतर डिलीट कर दिया गया। परंतु इसके डिलीट होते ही एक दूसरा ट्वीट 2.14 बजे किया गया। हालांकि दोनों में एक समान बात लिखी हुई थी। इस दोबारा किए गए ट्वीट को भी डिलीट कर दिया गया।




