ShreeKanchanpathShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: नरवा विकास से सुधरता जल स्तर, सिंचाई की सुविधा मिलने से किसान लेने लगे दोहरी फसल
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Font ResizerAa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
ChhattisgarhFeaturedRaipur

नरवा विकास से सुधरता जल स्तर, सिंचाई की सुविधा मिलने से किसान लेने लगे दोहरी फसल

By @dmin
Published: February 6, 2022
Share
नरवा कार्यक्रम से जल संवर्धन को मिला बल-पानी सहेजने की दिशा में सार्थक साबित हुआ
नरवा कार्यक्रम से जल संवर्धन को मिला बल-पानी सहेजने की दिशा में सार्थक साबित हुआ
SHARE

कुंओं के जल स्तर में 0.20 मीटर से लेकर 1.60 मीटर की वृद्धि
उपचारित नालों में अब कमोबेश पूरे साल रहता है पानी
रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी यानी सुराजी गांव योजना का असर अब दिखाई देने लगा है। सुराजी गांव योजना के चार महत्वपूर्ण घटकों में से एक नरवा विकास से ग्रामीण अंचल में भू-जल स्तर की स्थिति सुधर रही है। मृतप्राय: नरवा (नाले) अब फिर से जीवित हो उठे हैं। उपचारित नालों में अब कमोबेश सालभर पानी रहने लगा है। इसका लाभ नाले के किनारे के किसान उठाकर अब दोहरी फसंलों का उत्पादन करने लगे हैं।

छत्तीसगढ़ में नरवा विकास का यह कार्यक्रम लगभग 3 साल पहले शुरू किया गया था। अब तक राज्य में 2477 नालों का उपचार पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा वन विभाग के माध्यम से कराया जा रहा है। इन बरसाती नालों में पानी की रोकथाम के लिए लगभग 614 करोड़ रूपए के उपचार कार्य कराए गए हैं, जिसमें स्टापडेम, अरदन बोल्डर चेक, गली प्लग, ब्रश हुड जैसी संरचनाओं का निर्माण शामिल हैं। इससे उपचारित नालों में अब कमोबेश अप्रैल-मई तक जल भराव बना रहता है। इसका फायदा यह हुआ है कि उपचारित नालों के आसपास के गांवों के कुंओं-हैण्ड पम्प के जल स्तर में आशातीत वृद्धि हुई है। गर्मी का मौसम शुरू होते ही प्राय: कुंओं और हैण्ड पम्प के जल स्तर में गिरावट की स्थिति अब न सिर्फ थम सी गई है, बल्कि उसमें वृद्धि भी देखने को मिल रही है।

राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में उपचारित नालों के क्षेत्रों में कुंओं के जल स्तर के सर्वेक्षण रिपोर्ट से यह बात स्पष्ट रूप से सामने आई है कि कुंओं के जल स्तर में 0.20 मीटर से लेकर 1.60 मीटर तक की बढ़ोत्तरी हुई है। बेमेतरा जिले के नवागढ़ इलाके में स्थित हलफली नरवा के उपचार से श्री उदे प्रधानी के कुंए में जल स्तर जून 2019 में 4.60 मीटर में था, जो हलफली नाले में हुए उपचार के बाद जून 2020 की स्थिति में 3 मीटर पर आ गया है। इसी तरह मनेन्द्रगढ़ स्थित चिरकोली नाला, कोण्डागांव स्थित चाऊरबाहर नाला, नरहरपुर स्थित झुरा नाला, भानुप्रतापपुर के बुदन नाला जैसे सैकड़ों नालों के उपचार के बाद उस इलाके के कुंओं और हैण्ड पम्प के जल स्तर में 0.20 मीटर से लेकर 1.60 मीटर तक बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है।

राज्य में उपचारित नालों के इलाके की मिट्टी में नमी की मात्रा भी बढ़ी है। कांकेर के मांदरी नाला के उपचार के बाद उस इलाकेे की मिट्टी में नमी का प्रतिशत 2.90 बढ़ा है। नहरपुर नाला के क्षेत्र में 2.85 प्रतिशत तथा बुदन नाला क्षेत्र की मिट्टी में नमी 1.90 प्रतिशत बढ़ी है। मुंगेली जिले के पथरगड़ी की बात करें, तो वहां के नरवा योजना के तहत बने चेकडेम से नाले का जल स्तर 10 फीट बढ़ गया है। इसका लाभ उठाकर किसान दोहरी फसल उपजाने लगे हैं। राज्य के कबीरधाम जिले में औसत रूप से कम बारिश होती है। अमूमन गर्मी के दिनों में कबीरधाम जिले के ग्रामीण अंचल में निस्तार एवं पेयजल की समस्या बनी रहती है। नरवा विकास कार्यक्रम से अब वहां हालात बदलने लगे हैं। नरवा विकास कार्यक्रम के तहत कबीरधाम जिले में महीडबरा जलाशय से 1.80 किलोमीटर नहर का निर्माण कराए जाने से किसानों को सिंचाई सुविधा मिलने लगी है, जिससे किसान अब कोदो, कुटकी के स्थान पर धान और अरहर की खेती करने लगे हैं।

मुंगेली जिले के रमतला गांव के किसान श्री विश्वनाथ वर्मा कहते है कि बारिश के मौसम में बोर से पानी भरपूर मिलता था, लेकिन गर्मी के मौसम में पानी बहुत कम आता था और खेती करने में काफी समस्या होती थी। पानी की कमी की वजह से टमाटर उत्पादन भी कम होता था, खेत में डबरी निर्माण से अब सारी समस्या दूर हो गई है। गर्मी के मौसम में डबरी में उपलब्ध पानी से टमाटर की खेती करते है।

बदमाश ने गाभिन गाय को मारा चाकू, आधीरात की घटना.. आरोपी की तलाश में पुलिस
समस्याओं के निराकरण और जमीनी स्तर पर सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को जानने का माध्यम है सुशासन तिहार – सीएम साय
कोरबा का रहस्यमयी झरना: इस क्षेत्र के लोगों के लिए बना वरदान, 12 महीने बहता है पानी
188 बेसहारा लोगों को विभिन्न आश्रय स्थल में ठहराकर नाश्ता से लेकर दोनों टाइम की गई है भोजन की व्यवस्था
बेरोजगारों को स्वरोजगार के लिए कर्ज देगी सरकार, रायपुर में 16 जून को लोन मेला आयोजन
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article अब बिना स्लॉट बुक किए ही वैक्सीन लगवा सकेंगे 18-44 साल के लोग उपलब्धि : भारतीय वैज्ञानिकों का दावा- तैयार कर ली है ऑल वैरिएंट वैक्सीन
Next Article मैं देश को आश्वस्त कराता हूं कि बेकार नहीं जाएगी जवानों की शहादत: पीएम प्रधानमंत्री मोदी ने दी श्रद्धांजलि, कुछ देर में अंतिम संस्कार, भतीजे आदित्य देंगे मुखाग्नि

Ro.No.-13672/51

× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?