लखनऊ (एजेंसी)। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को लखीमपुर जाने की इजाजत मिल गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ अफसरों की हुई उच्च स्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया। राहुल गांधी पांच लोगों के साथ लखीमपुर में दो पीडि़त परिवारों से मिलेंगे। वह थोड़ी देर में लखनऊ पहुंचने वाले हैं।
भूपेश बघेल ने पूछा-क्या छिपाना चाहती है राज्य सरकार?
इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी लखीमपुर खीरी हिंसा में जान गंवाने वाले किसानों के परिवारों से मिलने के लिए हवाई मार्ग से उत्तर प्रदेश के लखनऊ के लिए रवाना हुए, इस दौरान छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा था कि धारा 144 में 5 से अधिक लोग इक_े नहीं हो सकते। उससे कम लोग जा सकते हैं। कल भी मुझे गलत तरीके से रोका गया था। हम लोग पीडि़त परिवार तक पहुंचने का प्रयास करेंगे। आखिर ऐसी क्या बात है जिसे राज्य सरकार छुपाना चाहती है? ऐसा क्या है जिससे किसी को बचाना चाहती है?
पहले उन्हें दिल्ली एयरपोर्ट पर रोके जाने की तैयारी थी लेकिन एयरपोर्ट अर्थारिटी से कांग्रेस के आपत्ति जताने के बाद राहुल और अन्य नेताओं को लखनऊ की फ्लाइट लेने दिया गया। अब उन्हें लखनऊ में रोके जाने की तैयारी हैै। कांग्रेस ने राहुल के नेतृत्व में पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के लखीमपुर जाने के लिए सरकार से इजाजत मांगी थी जिसे योगी सरकार ने ठुकरा दिया है। इसके पहले नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में राहुल गांधी ने कहा कि वह दो सीएम (भूपेश बघेल और चरणजीत सिंह चन्नी) के साथ लखनऊ जाएंगे। वहां से लखीमपुर जाने की कोशिश करेंगे।
उन्होंने कहा कि प्रियंका के साथ धक्का-मुक्की हुई इससे हमें कोई फर्क नहीं पड़ता। हमें मार दिया जाए, गाड़ दिया जाए, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता…हमारी ट्रेनिंग ऐसी हुई है। यह किसानों का मुद्दा है। संघर्ष जारी रहेगा। राहुल की प्रेस कांफ्रेंस के बाद लखनऊ में मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह और दिल्ली में संबित पात्रा ने प्रेस कांफ्रेंस कर उनका जवाब दिया। दोनों नेताओं ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस पर गैरजिम्मेदाराना रवैया अपनाने का आरोप लगाया।




