अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ और झारखंड सीमा पर स्थित नक्सलियों के गढ़ माने जाने वाले बूढ़ा पहाड़ में 3 दिनों तक कोबरा बटालियन के 800 जवानों ने मेगा ऑपरेशन चलाया। इसमें नक्सलियों के 2 कैंपों को पहाड़ में ध्वस्त किया गया। वहीं दो दिन में करीब एक घंटे तक नक्सलियों और जवानों के बीच गोलियां चली। ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों ने एंबुस भी लगाया, लेकिन जवानों ने उसे निष्क्रिय कर दिया। गोलीबारी से कुछ नक्सलियों के घायल होने की भी संभावना है। हालांकि इसकी पुष्टि के लिए फोर्स जानकारी जुटा रही है।

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के कुछ हिस्से में बूढ़ा पहाड़ आता है। पुलिस और फोर्स को जानकारी मिली थी कि बूढ़ा पहाड़ में नक्सलियों के बड़े लीडर बैठक करने वाले हैं। वहीं इनकी मौजूदगी में नक्सलियों का ट्रेनिंग कैंप भी शुरू होने वाला है, क्योंकि यहां बरसात के दिनों में हर साल प्रशिक्षण दिए जाने की जानकारी पुलिस को मिलती रही है, लेकिन इस पर छत्तीसगढ़ और झारखंड के 3 बटालियन के 800 जवानों ने बूढ़ा पहाड़ में एक साथ ज्वाइंट ऑपरेशन शुरू किया।
इसकी जानकारी नक्सलियों तक पहुंच गई और उन्होंने 4 बार एंबुल लगाया, लेकिन फोर्स उसे निष्क्रिय कर आगे बढ़ती रही। इस बीच 18 से 20 अगस्त के बीच दो दिन नक्सलियों से आमना सामना हुआ। इस दौरान पहली बार 25 मिनट तक दोनों के बीच में फायरिंग होती रही तो दूसरे दिन रूक-रूक कर 40 मिनट तक फायरिंग चली। कुछ नक्सलियों के घायल होने की संभावना है। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।
20 से अधिक बार ब्लास्ट होने की आवाज सुनी गई
नक्सलियों के बारे में जानकारी मिली थी कि बुढ़ा पहाड़ में 25 लाख का इनामी नक्सली सौरभ उर्फ मरकस बाबा और नवीन यादव, रवीद्र गंझू, मृत्युंजय भुईंया के साथ संतू भुईंया समेत बड़े नक्सली नेता वहां मौजूद हैं। वे वहां बैठक करने वाले हैं। साथ में उनकी मौजूदगी में नए भर्ती नक्सलियों को हथियार चलाने का प्रशिक्षण दिया जाना है।
इतना ही नहीं ऑपरेशन से पहले ग्रामीणों ने पहाड़ में ब्लास्ट होने की 20-25 बार आवाज भी सुनी थी। इससे ग्रामीण दहशत में थे। माना जा रहा है कि ट्रेनिंग के दौरान नक्सलियों ने ब्लास्ट किए होगें। इसके बाद यह ऑपरेशन चलाया गया। ऑपरेशन के बाद सभी जवान और अधिकारी सकुशल वापस लौटकर आ गए हैं।
सूचना थी कि बड़े कैडर के नक्सली मीटिंग व ट्रेनिंग करने वाले हैं: एसपी
बलरामपुर एसपी मोहित गर्ग ने बताया कि आपरेशन में नक्सलियों के दो कैंप तबाह किए गए हैं। फोर्स व नक्सलियों के बीच दो दिन में एक घंटे तक गोलियां चलीं। पता लगाया जा रहा है कि कितने नक्सली घायल हुए हैं। सूचना थी कि बड़े कैडर के नक्सली मीटिंग व ट्रेनिंग करने वाले हैं। इस पर 800 जवानों ने ज्वाइंट आपरेशन चलाया, वे आपरेशन के बाद वापस लौट आए हैं।




