दुर्ग। अहिवारा में नव निर्मित तहसील कार्यालय का शुभारंभ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा वर्चुअल उपस्थिति दर्ज कराकर किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वर्चुअल कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को अहिवारा में नए तहसील कार्यालय खुलने पर बधाई दी और कहा कि नए तहसील का निर्माण जनसंख्या जैसे मापदंडों को मानक रखकर खोला गया है। इससे राजस्व मामलों के निपटारे में तेजी आएगी और नागरिकों को इससे विशेष लाभ पहुंचेगा। ग्रामीण लोगों को भी जमीन संबंधी कागजात और प्रमाण पत्र बनाने के लिए अब दुर नहीं जाना पड़ेगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बताया कि राजीव गांधी भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना द्वारा दूसरी किस्त के रूप में 03 लाख 55 हजार हितग्राहियों को 71 करोड़ 08 लाख रूपए का भुगतान किया जा चुका है। इसके अलावा तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को 10 करोड़ 91 लाख रूपए का भुगतान किया गया है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना शुरू होने के बाद फसल विविधता के फलस्वरूप फसलों के उत्पादन में वृद्धि हुई है और लोगों का विश्वास खेती की ओर लौटा है। इसका अनुमान आप इसी बात से लगा सकते हैं कि पंजीकृत किसानों की संख्या तुलानात्मक रूप से बढ़ी है। उन्होंने आगे कहा गौधन न्याय योजना की सराहना आज पुरा देश कर रहा है। खुशहाली का नया रास्ता दिखलाने वाली इस योजना को आज कई राज्य अपना रहे हैं। इस योजना से छत्तीसगढ़ में लाखों लोगों को रोजगार मिला है और उद्यमता, उत्पादकता और महिला सशक्तिकरण की दिशा में हमारा प्रदेश मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है।

आज राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना गांव के ऐसे हिस्से को आर्थिक संबलता प्रदान करती है, जो समाज का हिस्सा होने के बावजूद सदियों से उपेक्षित रहा है। ये योजना हमारे ग्रामीण संरचना को मजबूत करने के साथ-साथ मानवीय संरचना को मजबूत करने में भी कारगार साबित हो रही है। बिते कुछ सालों में मशीनों का प्रयोग लगातार बढ़ा है जिससे मजदूरों के सामने रोजगार का संकट लगातार बढ़ा है। रोजगारों की तलाश में लाखों कृषि मजदूरों को अपने घर से पलायन कर काम की तलाश में बाहर जाना पड़ता था। परंतु शासन की योजना ग्रामीणों के लिए हितकर साबित हुई। जिससे आज उन्हें अपने घर के द्वार पर ही रोजगार प्राप्त हो रहा है। उन्होंने महात्मा गांधी जी को इन न्याय करने वाले सभी योजनाओं के पीछे का प्रेरणास्त्रोत और पथप्रदर्शक बताया।
उन्होंने आगे कहा तेंदुपत्ता और लघु वनोपज संग्राहकों को उनके मेहनत और उपज की सही कीमत दिलाकर वन क्षेत्रों के लोगों का आर्थिक सशक्तीकरण किया जा रहा है। आज तेंदूपत्ता के संग्रहकों को बोनस और बीमा का लाभ दिया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर खरीदे जाने वाली खाद्यानों की संख्या 60 से बढ़ाकर 65 कर दी गई है। कोदो, कुटकी और रागी का समर्थन मूल्य तय करके इनकी भी खरीदी की जा रही है।
आज इसके साथ-साथ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश के आम आदमी के लिए फैसले लेते हुए प्रदेश में 4 नए एस.डी.एम. कार्यालय और 23 नए तहसील खोलने की घोषणा की। इस अवसर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष सरस्वती रात्रे, नगर पालिका अध्यक्ष नटवर ताम्रकर, सहायक कलेक्टर हेमंत नंदनवार, एसडीएम धमधा बृजेश सिंह क्षत्रिय, तहसीलदार अजित चौबे एवं अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित थे।




