बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के एक धान संग्रहण केंद्र में आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटें तेजी से बढऩे लगी। सूचना पर दमकल की टीमें आग बुझाने मौके पर पहुंची है। पुलिस व जिला प्रशासन के अफसर भी मौके पर पहुंचे। इस आगजनी से संग्रहण केंद्र में रखे हजारों क्विंटल पुराना धान और भूसा जलकर खाक हो गया। संग्रहण केंद्र के पास अलाव जलाने के कारण आग लगने की आशंका जताई जा रही है। आगजनी में कितना नुकसान हुआ है इसका आकलन अभी नहीं हो पाया है। विभागीय अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं।

मिली जानकारी के अनुसार बिलासपुर के मोपका स्थित धान खरीदी केंद्र में बुधवार की शाम अचानक आग लग गई। घटनास्थल पर मौजूद अफसर आशंका जता रहे है कि शरारती तत्वों द्वारा आगजनी की घटना को अंजाम दिया गया होगा। आग भूसा से होते हुए धान तक पहुंचा है। मोपका धान संग्रहण केंद्र में साल 2012-13 का पुराना धान रखा हुआ था। वहीं धान को रखने के लिए बड़ी मात्रा में भूसे की बोरियां भी रखी गई थी। देर शाम अचानक संग्रहण केंद्र के एक हिस्से में आग की लपटें उठने लगी, जिसके बाद आग को बुझाने मशक्कत की गई।
संग्रहण केंद्र में एक लाख क्विंटल पुराना धान
आग की लपटें तेजी से फैलते हुए पुराने खराब धान की बोरियों तक पहुंच गईं। धान की बोरियों को भी आग ने अपने चपेट में ले लिया, जिससे बड़ी मात्रा में पुराना खराब धान और भूसा जलकर खाक हो गया। आग लगने की सूचना दमकल को दी गई। करीब एक दो घंटे की मशक्कत से दमकल की टीम ने आग पर काबू पाया। इधर आग बुझाने के बाद अब विभाग ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। आग लगने के कारणों की भी जांच की जा रही है। गौरतलब है कि, बीते वर्ष से मोपका धान संग्रहण केंद्र को बंद कर दिया गया है, जिसके कारण यहां नए धान का संग्रहण नहीं किया जा रहा है। साल 2012-13 का करीब एक लाख क्विंटल खराब धान यहां संग्रहित है।




