बिजनेस डेस्क/नई दिल्ली (एजेेंसी)। बाजारों में दीपावली से पहले धनतेरस की सकारात्मक शुरुआत हुई और खोई चमक वापस पाते हुए सोने के आभूषणों और सिक्कों की बिक्री लगभग कोरोना पूर्व के स्तर पर पहुंचने की ओर है। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि मंगलवार को धनतेरस पर देशभर में लगभग 75,000 करोड़ रुपये की बिक्री हुई और ग्राहकों ने करीब 15 टन सोने के आभूषणों की खरीदारी की।
त्योहारी सीजन में बढ़ गई सोने की मांग
महामारी की घटती चिंताओं और मांग में तेजी के साथ उपभोक्ताओं की भीड़ सोने की खरीदारी के लिए दुकानों का रुख कर रही है। त्योहारी सीजन का इसमें अहम योगदान रहा। दुकानों में और ऑनलाइन बिक्री तेज होने के साथ सोने की कीमतों के अगस्त के 57,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर की तुलना में अपेक्षाकृत नरम होने के साथ मंगलवार को खरीदारी में वृद्धि हुई, विशेष रूप से हल्के वाले सोने के उत्पादों की बिक्री में तेजी देखी गयी।
धनतेरस पर सोना खरीदना शुभ मानते हैं लोग
हिंदू मान्यता के अनुसार धनतेरस को कीमती धातुओं से लेकर बर्तनों तक की खरीदारी के लिए सबसे शुभ दिन माना जाता है। गौरतलब है कि सोने की कीमत मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में 46,000-47,000 रुपये प्रति 10 ग्राम (करों को छोड़कर) के दायरे में थीं, जो इस साल अगस्त में 57,000 रुपये से अधिक के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी थी। हालांकि, इस बार धनतेरस के दिन सोने की दर साल 2020 धनतेरस के भाव 39,240 रुपये प्रति 10 ग्राम की तुलना में 17.5 प्रतिशत अधिक थी। लेकिन लोगों ने फिर भी जमकर सोने की खरीदारी की।
ऑफलाइन खरीदारी में हुआ इजाफा
आभूषणों की दुकानों में उपभोक्ताओं की बढ़ी हुई भीड़ स्वर्ण विक्रेताओं में उत्साह भर रही है। ऑफलाइन खरीदारी में इजाफा हो रहा है। एक साल पहले की तुलना में दुकान पर जाकर खरीदारी करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या में 40 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने कहा कि आभूषण उद्योग महामारी की वजह से आयी मंदी से उबरा है। कैट ने एक बयान में कहा कि धनतेरस पर देशभर में लगभग 75,000 करोड़ रुपये की बिक्री हुई और इस दिन करीब 15 टन सोने के आभूषणों की बिक्री हुई।
दक्षिण भारत में सबसे ज्यादा सोना बिकने का अनुमान
कैट ने बताया कि इसमें दिल्ली में 1,000 करोड़ रुपये, महाराष्ट्र में करीब 1,500 करोड़ रुपये, उत्तर प्रदेश में करीब 600 करोड़ रुपये की अनुमानित बिक्री शामिल है। दक्षिण भारत में, लगभग 2,000 करोड़ रुपये होने की बिक्री होने का अनुमान है। वल्र्ड गोल्ड काउंसिल (डब्ल्यूजीसी) के क्षेत्रीय मुख्य कार्यपालक अधिकारी (भारत) सोमसुंदरम पी आर ने कहा कि दबी मांग, कीमतों में नरमी और अच्छे मानसून के साथ ही लॉकडाउन संबंधी प्रतिबंधों में राहत से मांग में जोरदार उछाल की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि यह तिमाही हाल के वर्षों में सबसे बेहतरीन तिमाही होने की उम्मीद है।




