ShreeKanchanpathShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: देश की न्यायपालिका लंबित मामलों की समस्या से जूझ रही, 10 लाख लोगों पर 50 जजों की जरूरत, जस्टिस ओका ने जताई चिंता
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Font ResizerAa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
FeaturedNational

देश की न्यायपालिका लंबित मामलों की समस्या से जूझ रही, 10 लाख लोगों पर 50 जजों की जरूरत, जस्टिस ओका ने जताई चिंता

By Om Prakash Verma
Published: January 4, 2023
Share
देश की न्यायपालिका लंबित मामलों की समस्या से जूझ रही, 10 लाख लोगों पर 50 जजों की जरूरत, जस्टिस ओका ने जताई चिंता
देश की न्यायपालिका लंबित मामलों की समस्या से जूझ रही, 10 लाख लोगों पर 50 जजों की जरूरत, जस्टिस ओका ने जताई चिंता
SHARE

पालघर (एजेंसी)। देश की न्यायपालिका बड़ी संख्या में लंबित मामलों की समस्या से जूझ रही है। इसको लेकर ना केवल सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश बल्कि कानून मंत्री किरेन रिजिजू तक चिंता जाहिर कर चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट लंबित मामलों की संख्या कम करने के लिए कई योजनाओं पर काम कर रही है। वहीं, मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश अभय एस ओका ने भी इसे लेकर बयान दिया है। उन्होंने पालघर में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि भारत में प्रत्येक 10 लाख की आबादी पर 50 न्यायाधीशों की आवश्यकता है, लेकिन वर्तमान में यह आंकड़ा प्रति दस लाख लोगों पर केवल 21 है। इस कारण ही लंबित मामलों की संख्या बढ़ रही है।

वह रविवार को सामाजिक संगठन “सोबती” की 16वीं वर्षगांठ पर पालघर जिले के वाडा में आयोजित एक समारोह में बोल रहे थे। सामाजिक संगठन “सोबती” नेत्रहीन बच्चों और अन्य विकलांग बच्चों के लिए काम करता है। न्यायमूर्ति ओका ने यह भी कहा कि समाज के सदस्यों को उन संस्थानों की मदद के लिए आगे आना चाहिए जो विकलांग बच्चों को सहायता प्रदान करने के क्षेत्र में काम करते हैं। उन्होंने कहा कि विदेशों में सरकार विशेष बच्चों के परिवारों की मदद करती है, लेकिन दुर्भाग्य से भारत में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है।

न्यायमूर्ति ओका ने यह भी कहा कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए सरकार समर्थित संस्थागत देखभाल के अभाव में समाज को सोबती और उसके जैसे अन्य संगठनों की मदद के लिए आगे आना चाहिए। इस मौके पर उन्होंने देश में ‘न्यायाधीश जनसंख्या अनुपातÓ के निम्न स्तर के बारे में भी बात की।

दुर्ग पुलिस ने प्रदर्शनी लगाकर नए अपराधिक कानूनों की दी जानकारी, पहुंचे 300 से ज्यादा स्टूडेंट्स
आदि कर्मयोगी अभियान: विकसित भारत में सशक्त होगा जनजातीय समाज
ग्रामीण क्षेत्रों में भी लगेंगे क्लस्टर वार राजस्व शिविर, शहरी क्षेत्रों में निकायवार राजस्व शिविर लगाए जाएंगे
बिना अनुमति के लगे राजनैतिक झण्डे बैनर को जब्त कर रही निगम की टीम, आचार संहिता के पालन में हो रही मॉनिटरिंग
महापौर व विधायक देवेन्द्र यादव ने खम्हरिया में निर्माणाधीन एसएलआरएम सेन्टर का किया निरीक्षण…. मुक्तिधाम के रिनोवेशन के दिये निर्देश
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article बड़ी संख्या में जंगली सूअरों मौत, अफ्रीकी स्वाइन फ्लू की आशंका…
Next Article पोषक तत्वों का भंडार है हरी मटर, खाने से मिलते हैं ये फायदे…

Ro.-13624/52

× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?