भिलाई। रिसाली क्षेत्र में एक मारपीट की घटना को रोकने गई पुलिस के हाथ बड़ा चोर गिरोह लग गया। दरअसल जो बदमाश लड़ाई झगड़ा कर रहा था वह पुलिस को देखकर अपनी मोटर साइकिल छोड़कर भाग निकला। पुलिस ने मोटरसाइकिल जब्त किया तो उसे चोरी का शक हुआ। इसके बाद जिन लड़कों से वह मारपीट कर रहा था उनसे उसकी जानकारी लेकर उसे हिरासत में लिया गया।
पुलिस हिरासत में लेने के बाद बदमाश ने जो खुलासे किए वह हैरान करने वाला निकला। दरअसल बदमाश युवक अपने दो साथियों के साथ मिलकर चार माह के भीतर 17 मोटर साइकिलों को चुरा चुका था। इन मोटरसाइकिलों को अलग अलग जगह छिपाकर रखा गया था। इनमें से कुछ मोटरसाइकिलों को मोडिफाई कर बेचने की भी तैयारी कर चुके थे। लेकिन इससे पहले ही पुलिस के हत्थे चढ़ गए।

नेवई पुलिस ने पकडे गए बदमाश की बताए अनुसार उसके दो साथियों को भी गिरफ्तार किया। तीनों आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने अलग अलग जगह से कुल 17 मोटर साइकिलें बरामद की हैं। इन मोटरसाइकिलों की कीमत 12 लाख रुपए बताई जा रही है। पकड़े गए आरोपियों में सोहन यादव निवासी रूआबांधा, विद्याधर चौहान उर्फ सूरज निवासी सारगढ़ जिला रायगढ तथा तिरेन्द्र कुमार साहू निवासी रिसाली शामिल हैं।
जेल छूटे और शुरू की मोटरसाइकिल चोरी
नेवई थाना प्रभारी भारती मरकाम ने बताया कि तीनों आरोपी अलग अलग मामलों में जेल में थे। चार माह पहले ही सभी छूटकर बाहर निकले हैं। इनमें से भिलाई के रहने वाले पहले के परिचित हैं वहीं सारंगढ़ निवासी विद्याधर से बाद में परिचय हुआ। वह दुर्ग के उरला में किराए में रह रहा था।
बीते चार माह में इन तीनों बदमाशों ने दुर्ग, भिलाई, चरोदा, पाटन, पदमनाभपुर, नेवई क्षेत्र, अम्लेश्वर तथा सरायपाली आदि क्षेत्रों से 17 मोटरसाइकिलें चुरा ली। अक्सर बाजार क्षेत्रों में खड़े वाहनों पर इनकी नजर रहती थी। आरोपियों द्वारा चोरी की मोटर साइकिलों को माया नगर, रुआबांधा, तालपुरी पारिजात बिल्डिंग के नीचे तथा बाम्बे आवास उरला छिपाकर रखा गया था। अरोपियों से अन्य चोरियों के संबंध में भी पूछताछ की जा रही है।




