बीजापुर। छत्तीसगढ़ में होमगार्ड के जवानों ने मानवता की मिसाल पेश की है। यहां के बीजापुर जिले में रविवार को भारी बारिश के बीच होमगार्ड के जवानों ने उफनती नदी के किनारे एक आदिवासी महिला को बच्चे को जन्म देने में मदद की। एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसके बारे में बताया। उन्होंने कहा कि महिला और नवजात की हालत ठीक बताई जा रही है।
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश और छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की सीमा पर बहने वाली गोदावरी नदी के पानी में बढ़ोतरी के कारण कारण बीजापुर समेत दंतेवाड़ा, सुकमा और नारायणपुर जिलों के अंदरूनी इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। इसके चलते इन इलाकों में राहत बचाव अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी क्रम में रविवार को होमगार्ड के जवान बीजापुर में बारिश प्रभावित इलाकों में बचाव कार्य में शामिल थे। इसी दौरान उन्हेंने एक महिला के बारे में जानकारी दी गई, जिसे प्रसव के लिए उप-स्वास्थ्य केंद्र ले जाना था।
महिला के परिजन देसी बांस के स्ट्रेचर पर उसे नदी किनारे ले आए थे। अधिकारी ने कहा कि मौके पर पहुंचने पर बचाव दल ने उसे एक नाव में ले जाने का प्रयास किया, लेकिन तभी उसे प्रसव पीड़ा होने लगी। इसके बाद महिला ने स्ट्रेचर पर ही बच्चे को जन्म दिया। फिर नवजात और मां दोनों को एक बचाव नाव पर नदी के उस पार ले जाया गया और रेड्डी गांव के उप-स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। फिलहाल, महिला और नवजात की हालत ठीक बताई जा रही है।
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश और छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की सीमा पर बहने वाली गोदावरी नदी के पानी में बढ़ोतरी के कारण कारण बीजापुर समेत दंतेवाड़ा, सुकमा और नारायणपुर जिलों के अंदरूनी इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। बस्तर संभाग के सातों जिले- बस्तर, कांकेर, कोंडगांव, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा में यही हाल है।
राज्य के उद्योग मंत्री कवासी लखमा ने बाढ़ को देखते हुए उत्पन्न स्थिति का जायजा लेने के लिए शनिवार को बीजापुर और सुकमा जिलों का दौरा किया था। उन्होंने बताया कि आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला अधिकारियों को बचाव दलों को अलर्ट पर रखने का निर्देश दिया गया है, जबकि राजस्व, जिला पंचायत, जनपद पंचायत और वन विभाग के अधिकारियों को प्रभावित लोगों को राहत मुहैया कराने के लिए कहा गया है।




