ShreeKanchanpathShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: जम्मू-कश्मीर में मुठभेड़ की सूचना ‘लीक’: अभी दर्जनों ‘मुस्तफा’ बाकी हैं, नहीं टूट सका ‘विभीषणों’ का नेटवर्क
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Font ResizerAa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
FeaturedNational

जम्मू-कश्मीर में मुठभेड़ की सूचना ‘लीक’: अभी दर्जनों ‘मुस्तफा’ बाकी हैं, नहीं टूट सका ‘विभीषणों’ का नेटवर्क

By @dmin
Published: October 25, 2021
Share
पुलवामा में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में दो आतंकी ढेर, एक जवान शहीद
पुलवामा में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में दो आतंकी ढेर, एक जवान शहीद
SHARE

जम्मू (एजेंसी)। जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के साथ हो रही मुठभेड़ में सुरक्षा बलों को सूचना लीक होने जैसी स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। 11 अक्तूबर से लेकर अभी तक पुंछ एवं दूसरे इलाकों में जो मुठभेड़ हुई हैं या जारी हैं, उनमें यह बात सामने आई है। ताजा मामला, जम्मू की कोट भलवाल जेल में रहे आतंकी जिया मुस्तफा का है। वह रविवार को सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच हुई एक मुठभेड़ में मारा गया है। इससे पता चला है कि पाकिस्तान में बैठे आतंकी समूहों और जम्मू-कश्मीर की जेल में बंद आतंकियों के बीच सीधी बातचीत होती रही है।

जेल से चल रहा नेटवर्क
कोट भलवाल जेल, जहां कई बड़े आतंकी बंद हैं, वहां मोबाइल फोन मिलने के चार मामले सामने आ चुके हैं। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक, खुफिया एजेंसी ने इस बाबत जम्मू-कश्मीर प्रशासन को अलर्ट किया था। जेल में बंद आतंकियों के पास फोन मिलने की घटनाओं पर पूरी तरह नियंत्रण लगाने की बात कही गई। उसके बावजूद जेल में बैठकर आतंकी अपना नेटवर्क चलाते रहे। जम्मू-कश्मीर पुलिस और जेल प्रशासन, आतंकियों के नेटवर्क को नहीं तोड़ सका। जेलों में अभी दर्जनों बेखोफ ‘मुस्तफाÓ बंद हैं। जब इन जेलों के ‘विभीषणÓ पकड़ में नहीं सके, तो जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने खूंखार आतंकियों को ही उत्तर प्रदेश की जेलों में शिफ्ट करना शुरू कर दिया।

आतंकियों को ऑपरेशन की जानकारी थी  
बता दें कि पुंछ इलाके में आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन शुरू हुए दो सप्ताह से अधिक समय हो गया है। इस दौरान दस जवान शहीद हो चुके हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने दर्जनभर से अधिक आतंकियों के मारे जाने का दावा किया है। रविवार को सुरक्षा बल, लश्कर के आतंकी जिया मुस्तफा को रिमांड पर लेकर एक ठिकाने की पहचान कराने के लिए भाटादूडिय़ां ले जा रहे थे। तलाशी के दौरान आतंकियों ने पुलिस और सेना के जवानों पर गोलियां चला दीं। इसमें दो पुलिसकर्मी और सेना का एक जवान घायल हो गया। भारी फायरिंग के बीच जिया मुस्तफा मारा गया। सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षा बलों की टीम मुस्तफा को लेकर जिस जगह गई थी, वहां हमले की आशंका नहीं जताई गई थी। सूत्रों का कहना है, आतंकियों ने जिस तरह से सुरक्षा बलों पर ताबड़तोड़ फायरिंग की, उससे सूचना लीक होने का पता चलता है। सुरक्षा बलों की टीम में कितने लोग हैं, इसका अंदाजा आतंकियों को था। मुस्तफा के पास जेल में मोबाइल फोन था और सीमा पार के आतंकी संगठनों से उसकी बातचीत होती रही है।

जेल में फोन और सिम पहुंचाना बहुत आसान
जम्मू की कोट भलवाल जेल में बंद आतंकियों तक मोबाइल फोन पहुंचाना कोई मुश्किल कार्य नहीं था। जेल में पुलिस के साथ तलाशी अभियान में शामिल केंद्रीय सुरक्षा बल के एक अधिकारी का दावा है कि जेल में बाहर से सामान लेकर आने वाली गाडिय़ों की स्क्रीनिंग के लिए कोई सिस्टम नहीं है। जेल में किसी भी अवैध वस्तु का पहुंचना आसान है। पहरेदारों की नजर केवल हथियारों पर रहती हैं। ड्रग्स, सिम और मोबाइल फोन को लेकर कोई सतर्कता नहीं बरती जाती। जिया मुस्तफा की पीओके में बैठे आतंकी सैफुल्लाह से बातचीत होना, साबित करता है कि जेल में ये सब मुश्किल काम नहीं था। आईबी ने पहले भी जम्मू-कश्मीर जेल प्रशासन एवं पुलिस को अलर्ट किया था कि जेल में सिम कार्ड और मोबाइल फोन पर सख्ती से रोक लगाई जाए। इस पर कोई अमल नहीं किया गया। जेल में ‘विभीषणÓ की तलाश नहीं हो सकी। नतीजा, कई अहम जानकारियां आतंकियों के पास पहुंचती रहीं। सूत्रों के मुताबिक, जेल में कुछ ऐसे लोग भी बताए जाते हैं, जो पुलिस के सीधे संपर्क में रहते हैं। उन लोगों के जेल में बंद खूंखार आतंकियों के साथ भी कथित संबंध होने की बात कही गई है।

जेलों में बंद करीब 100 आतंकियों की सूची तैयार
जम्मू-कश्मीर की जेलों में ‘विभीषणों’ का नेटवर्क इतना शक्तिशाली है कि उसे चाह कर भी खत्म नहीं किया जा सका। नतीजा, जेल में बंद खूंखार कैदियों को यूपी की जेलों में शिफ्ट करना शुरू कर दिया गया है। साल 2020 में कोट भलवाल जेल में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी अब्दुल रहमान मुगल के पास मोबाइल फोन मिला था। पाकिस्तानी हैंडलरों के साथ उसकी बातचीत होने की पुष्टि हुई थी। मई में कोट भलवाल जेल में जब पुलिस और सीआरपीएफ टीम ने छापा मारा तो दर्जनभर मोबाइल सिम बरामद हुए थे। इसी साल अप्रैल में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी मुजफ्फर बेग से मोबाइल फोन जब्त किया गया था। श्रीनगर की सेंट्रल जेल में एनआईए ने 2018 में पुलिस व सीआरपीएफ के साथ मिलकर छापा मारा था। उस वक्त 25 मोबाइल फोन, सिम कार्ड और पाकिस्तानी झंडे बरामद किए थे। जुलाई 2021 में जम्मू पुलिस ने कोट भलवाल जेल में छापा मारकर नौ मोबाइल फोन, सिम कार्ड व पैन ड्राइव बरामद की थी। इन घटनाओं पर रोक न लगने के कारण अब जम्मू-कश्मीर की विभिन्न जेलों में बंद 26 खूंखार आतंकियों को आगरा सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया गया है। खुफिया एजेंसी ने जम्मू-कश्मीर की जेलों में बंद करीब 100 आतंकियों की सूची तैयार की है। इसमें ए श्रेणी के 30 और बी श्रेणी के 70 आतंकी बताए गए हैं। ये जेल के भीतर रहते हुए आतंकी घटनाओं का प्लान तैयार कर देते हैं। आतंकी संगठनों का नेटवर्क तोडऩे के लिए जल्द ही दूसरे खूंखार कैदियों को भी अन्य जेलों में शिफ्ट किया जाएगा।

मॉडिफाइड व हाई स्पीड़ बाइकर्स पर यातायात पुलिस का डंडा…. 121 वाहनों को किया जब्त…. शराबी वाहन चालकों पर भी हुई कार्रवाई
सुप्रीम कोर्ट का आदेश: समाज के लिए स्वतंत्र प्रेस जरूरी, कोर्ट ने कहा-मीडिया वन चैनल को मिलेगा लाइसेंस
स्कूलों में आवश्यकतानुसार होगी शिक्षकों की पदस्थापना… शिक्षक संवर्ग के सीधी भर्ती का कार्य 25 अगस्त तक पूर्ण करने के निर्देश
लेटलतीफी से नाराज हुए आयुक्त, चार घंटे समीक्षा के बाद उपअभियंताओं को शो-कॉज… आधा दर्जन कार्यों का फिर से वर्क आर्डर
INIFD भिलाई की छात्रा गीत बनी क्लासिक मिसेज इंडिया इंटरनेशनल
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article किसानों का दो लाख तक का कर्ज होगा माफ, किसानों पर दर्ज एफआईआर भी होंगी रद्द सर्वदलीय बैठक के बाद बोले चन्नी, बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र में बढ़ोतरी के खिलाफ जाएंगे सुप्रीम कोर्ट
Next Article दुर्ग जिले के स्कूलों को तंबाकू मुक्त करने की पहल…. जिला पंचायत सभागार में 50 शिक्षकों को दी गई ट्रेनिंग दुर्ग जिले के स्कूलों को तंबाकू मुक्त करने की पहल…. जिला पंचायत सभागार में 50 शिक्षकों को दी गई ट्रेनिंग

Ro. No.-13759/19

× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?