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ग्राम बासिनझोरी के ग्रामीणों को आंगनबाड़ी के रूप में मिला सुविधाओं की सौगात, महात्मा गांधी नरेगा योजना से रोजगार और आधारभूत आवश्यकताओं की हो रही पूर्ति

By @dmin
Published: August 25, 2025
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ग्राम बासिनझोरी के ग्रामीणों को आंगनबाड़ी के रूप में मिला सुविधाओं की सौगात,महात्मा गांधी नरेगा योजना से रोजगार और आधारभूत आवश्यकताओं की हो रही पूर्ति
ग्राम बासिनझोरी के ग्रामीणों को आंगनबाड़ी के रूप में मिला सुविधाओं की सौगात,महात्मा गांधी नरेगा योजना से रोजगार और आधारभूत आवश्यकताओं की हो रही पूर्ति
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शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण की आवश्यकता को पूर्ण करता अभिसरण से निर्मित आंगनबाड़ी भवन
कवर्धा। ग्रामीण भारत में आंगनबाड़ी गर्भवती एवं शिशुवती माता व बच्चों के देखभाल के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण केंद्र है। आंगनबाड़ी से ग्रामीण क्षेत्रों में न सिर्फ पोषण के विभिन्न विषयो को संबोधित किया जाता है साथ ही स्वास्थ्य एवं प्रारंभिक शिक्षा के लिए यह मील का पत्थर भी है।

केंद्र एवं छत्तीसगढ़ शासन के इस जन कल्याणकारी व्यवस्था के अंतर्गत पोषण के साथ विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रम जैसे 1 से 5 वर्ष के बच्चों का मिशन इंद्रधनुष के तहत टिकाकारण, आवश्यकतानुसार चिकित्सीय सहायता एवं जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रारंभीक शिक्षा क,ख,ग या फिर 1,2,3 या फिर एबीसीडी से परिचय कराते हुए बच्चों को स्कूल जाने के लिए तैयार किया जाता है। सही मायने में यह बच्चों के लिए प्रथम स्कूल ही है। गर्भवती एवं शिशुवती माताओं के लिए सभी जरूरी टिकाकरण, दवाईयों के साथ-साथ सम्पूर्ण एवं संतुलित आहार के द्वारा बच्चों के लालन-पालन में अमूल्य सहयोग का केन्द्र के रूप में आंगनबाड़ी की पहचान बनी हुई है।

कबीरधाम ज़िले के विकासखण्ड सहसपुर लोहारा के ग्राम बासिनझोरी में आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण किया गया है। भवन की अत्यंत आवश्यकता थी क्योंकि पूर्व में बच्चों को अस्थायी कक्षों में शिक्षा और पोषण की सेवाएं दी जा रही थीं। ग्रामवासियों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमति उर्मिला साहू की मांग पर पंचायत द्वारा यह कार्य प्रस्तावित किया गया। ग्राम बासिनझोरी में पहले आंगनबाड़ी अतिरिक्त कक्ष में संचालित था क्योंकि आंगनबाड़ी भवन जर्जर होने के कारण उपयोगहीन था। आंगनबाड़ी भवन नहीं होने के कारण समय पर बच्चों को स्वास्थय से जुड़ी सभी सुविधाओं का लाभ दिया जाना चुनौती पूर्ण था। इसी तरह महिलाओं के लिए आवश्यक सुविधाएं भी पहुंचाना मुश्किल हुआ करता था। गांव में आंगनबाड़ी भवन के अभाव में बच्चों की शिक्षा,पोषण और स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियाँ बाधित हो रही थीं। वर्षा ऋतु के दौरान अस्थायी भवन में पानी भरने की समस्या बनी रहती थी और बच्चों की उपस्थिति प्रभावित होती थी।

अभिसरण से निर्मित आंगनबाड़ी भवन पर एक नजर
ग्राम पंचायत बासिनझोरी में आंनगबाड़ी निर्माण कार्य महिला एवं बाल विकास विभाग से 2.00 लाख, जिला खनिज न्यास से 1.69 लाख मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना से 6.00 लाख रुपय एवं महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना से 2.00 लाख रुपए अभिसरण के माध्यम से कुल 11.69 लाख की लागत से कार्य स्वीकृत किया गया। निर्माण कार्य दिसंबर 2024 में प्रारंभ होकर जुलाई 2025 में पूर्ण हुआ है। इस कार्य में सामग्री पर 10.36 लाख का व्यय हुआ। निर्माण कार्य में लगभग 504 मानव दिवस का रोजगार ग्रामीणों को मिला जिसके एवज में 1 लाख 21 हजार रुपए का मजदूरी भुगतान ग्रामीणों के खाते में प्राप्त हुआ। ग्रामीणों एवं तकनिकी सहायक के देख-रेख में गुणवत्ता के साथ निर्माण पूरा हुआ। आंगनबाड़ी बन जाने से ग्रामीणों को बहुत सुविधाएं मिल रही है। छोटे बच्चों को पौष्टिक आहार के साथ प्रारंभिक शिक्षा सुलभ हो रहा है तथा खेल कूद के लिए अच्छा स्थान और वातावरण मिल गया गया है।

आंगनवाड़ी भवन से ग्रामीणों को मिल रहा लाभ
ग्राम पंचायत बासिनझोरी में नवीन आंगनबाड़ी भवन निर्माण हो जाने से बच्चों की उपस्थिति में वृद्धि हुआ है। भवन बंनाने से पहले 22 बच्चे दर्ज थे जो अब बढ़ कर 27 हो गए है।आंगनबाड़ी भवन में 7 गर्भवती महिला एवं 4 शिशुवती माताओ को भी शासकीय योजनाओं का लाभ मिल रहा है। प्रत्येक माह के दूसरे मंगलवार को टीकाकरण की सुविधा केंद्र में उपलब्ध है जिसके लिए अब बहार नही जाना पड़ता है। इसी तरह से सोमवार से शनिवार तक बच्चों को नाश्ते में रेडी टू ईट पोहा हलवा जैसे अलग-अलग स्वादिष्ट व्यंजन दिए जाते हैं इसके साथ ही दाल चावल रोटी और सब्जी भी बच्चों को खाने में गरमा गरम परोसा जाता है। बच्चों और महिलाओं को सुरक्षित, स्वच्छ और सुंदर भवन मिलने से शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण की सुविधाएं अब एक ही छत के नीचे मिल रही हैं।

विभिन्न योजनाओं के अभिसरण से आवश्यकताओं की हो रही पूर्ति- कलेक्टर वर्मा
कलेक्टर गोपाल वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि अभिसरण से आवश्यकता अनुसार आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण विभिन्न विभाग को मिलकर कर रहे हैं। जिससे कि ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाओं का विस्तार हो सके एवं शासकीय योजनाओं का लाभ समय पर सभी को सुलभ हो।आंगनबाड़ी भवन जैसे महत्वपूर्ण कार्य ग्रामीण बच्चों एवं महिलाओं के लिए लाभकारी सिद्ध हो रहा है।

सुविधाओं का हुआ विस्तार :सीईओ त्रिपाठी
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अजय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि ग्राम बासिनझोरी में आंगनवाड़ी भवन बन जाने से सुविधाओं का विस्तार हुआ है। हमारा भविष्य छोटे बच्चे खेलकूद के साथ पौष्टिक आहार एवं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं जो उन्हें एक बेहतर नागरिक बनाने की दिशा में कारगर कदम है।

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