ShreeKanchanpathShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ का सपना हो रहा है साकार, स्वरोजगार से आत्मनिर्भरता की तरफ बढ़ रहे हैं कदम
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Font ResizerAa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
ChhattisgarhFeaturedRaipur

गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ का सपना हो रहा है साकार, स्वरोजगार से आत्मनिर्भरता की तरफ बढ़ रहे हैं कदम

By @dmin
Published: February 27, 2022
Share
SHARE

बस्तर के दूरस्थ अंचलों से लेकर मैदानी क्षेत्रों में आर्थिक स्वावलंबन की बही बयार
रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का कहना है कि आधुनिकता और परंपरा के साम्य से छत्तीसगढ़ का विकास संभव है। इसी तर्ज पर गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ के ध्येय वाक्य को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं तथा युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के गौठान में ग्रामीण युवाओं द्वारा मधुमक्खी पालन व कच्चे शहद के प्रसंस्करण सहित पैकेजिंग और विपणन का कार्य किया जा रहा है। इसी तरह बेमेतरा में ग्रामीण युवाओं द्वारा शहद के डिब्बों के विक्रय से बढिय़ा आमदनी प्राप्त की जा रही है जिससे वो आत्मनिर्भरता की तरफ बढ़ रहे हैं। छत्तीसगढ़ के मैदानी इलाके तेजी से स्वरोजगार की तरफ बढ़ रहे हैं। बलौदा बाजार – भाटापारा जिले के कसडोल विकासखंड के गुडेलिया गौठान में हल्दी, धनिया, गरम मसाला और मिर्च पाउडर बनाकर इनकी पैकिंग की जा रही है और इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिल रहा है।

छत्तीसगढ़ में महिलाओं के लिए राज्य सरकार द्वारा कई योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ शासन की ये योजनाएं बस्तर जिले के दूरस्थ बकावंड ब्लॉक की स्व-सहायता समूह की महिलाओं को भी लाभांवित कर रही हैं। यहां की महिलाएं काजू संग्रहण और प्रसंस्करण का कार्य कर रही हैं। बकावंड की स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने अब तक काजू संग्रहण और प्रसंस्करण से 75.84 लाख रुपए की आमदनी प्राप्त की है। इस कार्य में 50 से अधिक महिलाएं जुड़ी हुई हैं।

बस्तर संभाग के नारायणपुर जिले की दंतेश्वरी स्व-सहायता समूह की महिलाएं भी कीर्तिमान रच रही हैं। यहां की महिलाएं पिछले 2 वर्षों से कोदो, कुटकी और रागी का उत्पादन कर 15 से 20 हजार रुपए की मासिक आय प्राप्त कर रही हैं। दंतेश्वरी स्व-सहायता समूह की महिलाएं प्रसंस्करण कार्य से अब तक लगभग 4 लाख रुपए की आय हासिल कर चुकी हैं। सुदूर ग्रामीण अंचल दुर्गकोंदल के घोटूलमुँड़ा गाँव में महिला स्व-सहायता समूह के द्वारा भी कोदो एवं रागी का प्रसंस्करण कर आर्थिक स्वावलंबन की रोशनी बिखेरी जा रही है। बस्तर की महिलाएं सिर्फ सामान्य कार्यों में ही नहीं बल्कि कृषि क्षेत्र में आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। तीरथगढ़ की स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने पपीते की हाईटेक खेती कर मात्र 7 महीनों में ही 30 लाख रुपए से अधिक की आमदनी प्राप्त की है।

विकास की बयार से सरगुजा जिले में बिहान अंतर्गत गठिति FPO द्वारा महिलाओं के सहयोग से क्षेत्र में उत्पादित मसाले को प्रसंस्करण करके बेचा जा रहा है। फूड प्रोसेसिंग एवं वेल्यू एडिशन के बाद वित्तीय वर्ष 2021-22 के जनवरी माह तक लगभग 11 लाख से अधिक के उत्पाद महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा बेचे जा चुके हैं। छत्तीसगढ़ के गौठानों में गोबर से बने जैविक खाद से कृषि को नया जीवन मिला है वहीं लघु वनोपजों की रोशनी से वनांचल की महिलाओं की आंखों में नयी चमक देखने को मिल रही है। छत्तीसगढ़ शासन की योजनाएं अब हर वर्ग के लिए आय का बेहतर स्रोत उत्पन्न कर रही है और इससे आर्थिक स्वावलंबन की तरफ लोगों के कदम बढ़ते हुए दिखायी दे रहे हैं।

रायपुर दक्षिण उपचुनाव : भाजपा के गढ़ में सुनील सोनी असरदार, दसवें राउंड के बाद 20 हजार से ज्यादा की बढ़त
कोरिया की विकास गाथा को मिली राष्ट्रीय पहचान, राष्ट्रपति मुर्मू ने धरती आबा’ में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए कलेक्टर को किया सम्मानित
लोन मोरेटोरियम पर सरकार का बड़ा निर्णय: जिन्होंने समय पर भरी है किस्तें उनके लिए कैशबैक का लाभ … जाने कैसे और कब मिलेगा कैशबैक
जगदलपुर में इंडिया गेट की तर्ज पर विकसित की जा रही है अमर वाटिका… मुख्यमंत्री बघेल ने किया लोकार्पण
प्रदेश में 4 जनवरी तक 54.65 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी…. अब तक 13.92 लाख किसानों ने बेचा धान
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article छत्तीसगढ़ हर्बल्स के उत्पादों के बिक्री का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा छत्तीसगढ़ हर्बल्स के उत्पादों के बिक्री का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा
Next Article मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गो-सेवा की सनातन परंपरा को समृद्ध किया : शंकराचार्य स्वामी आत्मानंद सरस्वती मुख्यमंत्री बघेल ने कहा- अपने निजी खर्चे से यूक्रेन से छत्तीसगढ़ आने वाले लोगों का खर्चा वहन करेगी छत्तीसगढ़ सरकार

Ro.No.-13672/51

× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?