ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: कोरोना महामारी के बाद से निमोनिया की चपेट में आ रहे युवा, कोविड ने कमजोर किये फेफड़े
Share
Notification Show More
Latest News
राज्योत्सव 2026 : प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में मुख्य अतिथि निर्धारित, राज्य शासन ने जारी किया आदेश
October 27, 2026
विजेताओं को गोल्ड, सिल्वर और ब्रांज़ मेडल से किया गया सम्मानित
पं. जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में वार्षिक खेल समारोह ‘एनिग्मा 9.0’ के अंतर्गत पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित
October 27, 2026
प्राकृतिक एवं जैविक खेती के साथ संतुलित उर्वरक उपयोग और मृदा संरक्षण पर दिया गया जोर
मिट्टी की सेहत से संवरेगा खेती का भविष्य, ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत किसानों को किया गया जागरूक
October 27, 2026
भारतीय रेलवे देशभर में 1265 स्टेशन मास्टर्स की भर्ती करेगा, ग्रेजुएट कर सकते हैं आवेदन
October 27, 2026
छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से होगी धान खरीदी, साय कैबिनेट में लिया गया निर्णय… इन मुद्दों पर भी बनी सहमति
October 27, 2026
Aa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Aa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
FeaturedHealthNationalWorld

कोरोना महामारी के बाद से निमोनिया की चपेट में आ रहे युवा, कोविड ने कमजोर किये फेफड़े

By Om Prakash Verma Published November 12, 2023
Share
कोरोना महामारी के बाद से निमोनिया की चपेट में आ रहे युवा, कोविड ने कमजोर किये फेफड़े
कोरोना महामारी के बाद से निमोनिया की चपेट में आ रहे युवा, कोविड ने कमजोर किये फेफड़े
SHARE

नई दिल्ली (एजेंसी)। कोरोना महामारी के बाद युवा निमोनिया की चपेट में आ रहे हैं। कोविड से पहले निमोनिया 60 साल से अधिक उम्र के मरीज को गंभीर करता था। बदले ट्रेंड के बाद 25 से 35 साल के युवा इससे गंभीर हो रहे हैं। कोरोना संक्रमण ने फेफड़ों को कमजोर बना दिया है। ऐसे में निमोनिया आसानी से मरीजों पर हावी हो रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि निमोनिया फेफड़ों का संक्रमण है, जो किसी भी उम्र में हो सकता है। इस रोग में फेफड़ों के टिशु में मवाद भर जाता है। इस कारण सांस लेने में दिक्कत होती है। इसका खतरा सबसे ज्यादा दो साल से कम उम्र के बच्चों और 60 साल से अधिक अधिक उम्र के लोगों को रहता है, लेकिन कोरोना महामारी के बाद 25 से 35 साल के युवा भी इसकी चपेट में आकर गंभीर हो रहे हैं, जबकि सामान्य दिनों में यह माना जाता था कि इस उम्र के युवा कभी निमोनिया की चपेट में नहीं आ सकते।

कम उम्र में लोगों को गंभीर कर रहा निमोनिया का बदला ट्रेंड विशेषज्ञों के लिए चुनौती बना हुआ है। कोरोना महामारी ने लोगों के फेफड़ों को कमजोर कर दिया है। जो लोग कोविड से गंभीर हुए थे वह आसानी से निमोनिया की चपेट में आ सकते हैं। सीरो सर्वे के मुताबिक 90 फीसदी से अधिक लोग कोरोना संक्रमण का शिकार हो चुके हैं। ऐसे में डॉक्टरों का कहना है कि यदि यह ट्रेंड इसी तरह बना रहा तो आने वाले दिनों में निमोनिया के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ सकती है।

पूर्वी दिल्ली स्थित गुरु तेग बहादुर अस्पताल में मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. अमितेश अग्रवाल का कहना है कि कोरोना महामारी के बाद से निमोनिया के ट्रेंड में बदलाव दिख रहा है। पहले 60 साल से अधिक उम्र के मरीज गंभीर होकर अस्पताल आते थे, लेकिन पिछले एक-दो साल से 25 से 35 साल के युवा गंभीर होकर आ रहे हैं। अस्पताल में हर साल 500 से अधिक मरीज निमोनिया से पीडि़त होकर भर्ती होते हैं। इनमें ज्यादातर युवा हैं।

निमोनिया के लक्षण

  • खांसने से हरा, पीला या लाल रंग का बलगम आना
  • बुखार, पसीना और ठंड लगना
  • सांस लेने मे तकलीफ
  • चुभने वाला दर्द, जो गहरी सांस लेने या खांसने पर बढ़ जाता है
  • भूख में कमी, कम ऊर्जा, और थकान
  • मतली और उल्टी, खासकर छोटे बच्चों में

इनमें बढ़ सकता है संक्रमण

  • सिगरेट पीना और बहुत अधिक शराब पीना भी निमोनिया होने की आशंका को बढ़ा सकता है

चल रहा है अध्ययन
कोरोना महामारी के बाद निमोनिया से पीडि़त हुए मरीजों में रोग के स्वरूप में बदलाव को लेकर अध्ययन चल रहा है। इसके अलावा भारत के एक तृतीयक देखभाल अस्पताल में कोविड 19 निमोनिया से ठीक हुए रोगियों में फुफ्फुसीय कार्य असामान्यता विषय पर अध्ययन हुआ। इसमें पाया गया कि 55 फीसदी लोगों के फेफड़े सही से काम नहीं कर रहे हैं।

You Might Also Like

राज्योत्सव 2026 : प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में मुख्य अतिथि निर्धारित, राज्य शासन ने जारी किया आदेश

पं. जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में वार्षिक खेल समारोह ‘एनिग्मा 9.0’ के अंतर्गत पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित

मिट्टी की सेहत से संवरेगा खेती का भविष्य, ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत किसानों को किया गया जागरूक

भारतीय रेलवे देशभर में 1265 स्टेशन मास्टर्स की भर्ती करेगा, ग्रेजुएट कर सकते हैं आवेदन

छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से होगी धान खरीदी, साय कैबिनेट में लिया गया निर्णय… इन मुद्दों पर भी बनी सहमति

Om Prakash Verma November 12, 2023
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article gustakhi Maaf: जब दुर्गवासी पी गए लाश वाला पानी Gustakhi Maaf: पटाखों पर तर्क-कुतर्क का यह दौर कैसा
Next Article shreekanchanpath 53 # 06 December 2023 shreekanchanpath 30 # 12 November 2023

Ro.No.-14097/18

× Popup Image

Ro. No.-14093/1

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?