नई दिल्ली (एजेंसी)। देश के उत्तर पश्चिमी व मध्य भाग में इन दिनों मानसून की गतिविधियां कमजोर पड़ गई हैं। मानसून की द्रोणिका हिमालय की तराई में पहुंच गई है। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि मानसून 2022 अलविदा हो रहा है। बंगाल की खाड़ी या अरब सागर में फिलहाल कोई नया सिस्टम बनता नहीं दिख रहा है। हालांकि एक द्रोणिका तमिलनाडु से लेकर मध्य प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा तक बनी हुई है। इसके असर से कुछेक राज्यों में भारी से मध्यम बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग (ढ्ढरूष्ठ) के अनुसार पश्चिम बंगाल, सिक्किम, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, बिहार, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, मध्य महाराष्ट्र, कोंकण और गोवा में कहीं भारी तो कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड, उत्तराखंड में भी कुछ जगह भारी बारिश का अनुमान है। इसके अलावा जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, गुजरात और पूर्वी राजस्थान में हल्की बारिश संभव है।
पूर्वी व उत्तर पूर्वी राज्यों में कम बारिश
मौसम विभाग के अनुसार देश के पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राज्यों में अगस्त और सितंबर में भी कम वर्षा होने की आशंका है। इन राज्यों के अधिकतर हिस्सों में सूखे के भी आसार हैं। इस इलाके में जून और जुलाई में सामान्य से कम बारिश हुई और अब भी आसार कमजोर हैं। सितंबर वर्षाकाल का अंतिम माह है। इसमें बारिश कम ही होती है। इससे हालात सुधरने की उम्मीद कम है।
यूपी, बिहार में सामान्य से कम वर्षा
मौसम विभाग के अनुसार इस साल यूपी-बिहार समेत कई राज्यों में सामान्य से कम वर्षा हुई है। आईएमडी के अनुसार सितंबर के पहले सप्ताह से ही हफ्ते से मानसून वापसी के दौर में पहुंच जाएगा। दक्षिण-पश्चिम मानसून आमतौर पर 17 सितंबर तक लौटता है, लेकिन यदि मौसमी सिस्टम बनते रहें तो इसमें देरी होती है। उम्मीद की जानी चाहिए कि मानसून मेहरबान हो और बचे हिस्सों को भी सराबोर कर ही विदा हो।




