नई दिल्ली (एजेेंसी)। दीपावली को कुछ दिन ही बचे हैं। ऐसे में त्योहार से पहले पटाखे न जलाने और ग्रीन दिवाली मनाने की अपील होने लगी है। कई कंपनियां भी ग्रीन दीपावली की अपील करते हुए विज्ञापन ला रही हैं। उधर, कई राज्यों में पटाखों के उपयोग और बिक्री पर भी पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। भले ही बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए यह फैसला लिया गया हो, लेकिन यह निर्णय उनको निराश भी कर गया जो पटाखे जलाने के लिए दीपावली का बेसब्री से इंतजार करते हैं। और तो और दीपावली पर पटाखे की बिक्री पर प्रतिबंध से पटाखा निर्माता कंपनियों को भी बड़ी चपत लगती है। इस सब के बीच दीपावली से पहले एयरलाइंस कंपनी स्पाइस जेट और कंपनी श्री क्लीस्वरी फायरवक्र्स जो कॉक ब्रांड के नाम से पटाखे बनाती है, दोनों के बीच शीतयुद्ध शुरू हो गया है।
क्या है मामला?
दरअसल, एयरलाइंस कंपनी स्पाइसजेट ने अपने दिवाली के विज्ञापन में नो क्रैकर दीपावली की अपील की। इस विज्ञापन पोस्टर पर कई आतिशबाजी कंपनियां भड़क गई हैं। कॉक ब्रांड ने तो स्पाइसजेट के इस विज्ञापन पर अपनी प्रतिक्रिया भी दी है।
क्या बोला कॉक ब्रांड
कॉक ब्रांड ने दीपावली विज्ञापन पर आपत्ति जताते हुए स्पाइस जेट पर कई सवाल दाग दिए हैं। कंपनी ने अपने फेसबुक पेज पर स्पाइस जेट के विज्ञापन की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा है कि- क्या आपके प्लेन प्रदूषण मुक्त हैं? क्या आप उन प्लेनों में व्हाइट या ग्रीन पेट्रोल का उपयोग करते हैं। कंपनी ने कहा आप हमारे पटाखा बनाने वाले उद्योग के बारे में कैसे बात कर सकते हैं, आप अपना उद्योग क्यों नहीं बंद कर देते हैं। कंपनी ने कहा है कि आप अपने प्लेन को कूड़ेदान में फेंक दीजिए, उसके बाद लोगों को ज्ञान दीजिए।
दे डाली बैनर लगाने की धमकी
पटाखा निर्माता कंपनी यहीं नहीं रुकी। कंपनी ने अपने पोस्ट में यह भी लिखा कि हवाई यात्रा के कारण प्रतियात्री 285 ग्राम कार्बन डाई ऑक्साइड का उत्सर्जन होता है, जबकि रेल यात्रा में सिर्फ 14 ग्राम। कंपनी ने धमकी देते हुए लिखा कि क्या हम लोग ऐसा बैनर लगाना शुरू कर दें? कंपनी ने कहा कि अपने प्रचार के लिए दूसरे के उद्योग को बर्बाद न करें।




