ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: आरआरवीयूवीएनएल की बड़ी उपलब्धि: पीईकेबी खदान में 12 लाख से अधिक पेड़ लगाकर तैयार किया घना जंगल
Share
Notification Show More
Latest News
मुर्गी चोरी के शक में हत्या, कोरबा में बाप-बेटों ने मिलकर पीटा… आरोपी गिरफ्तार
October 16, 2026
सीएम साय ने किया सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत, बोले- अवैध धर्मांतरण पर लगेगी रोक
October 16, 2026
किसानों की खुशहाली और समृद्धि हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री साय
October 16, 2026
नक्सलवाद से मिले घावों पर मरहम लगाकर हर पीड़ित को सम्मानपूर्ण जीवन देना हमारा संकल्प : अमित शाह
October 16, 2026
दुर्ग कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जमानत आवेदन का निराकरण, मुंबई और चेन्नई से गवाहों के बयान दर्ज
October 15, 2026
Aa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Aa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
National

आरआरवीयूवीएनएल की बड़ी उपलब्धि: पीईकेबी खदान में 12 लाख से अधिक पेड़ लगाकर तैयार किया घना जंगल

By Om Prakash Verma Published September 1, 2024
Share
आरआरवीयूवीएनएल की बड़ी उपलब्धि: पीईकेबी खदान में 12 लाख से अधिक पेड़ लगाकर तैयार किया घना जंगल
आरआरवीयूवीएनएल की बड़ी उपलब्धि: पीईकेबी खदान में 12 लाख से अधिक पेड़ लगाकर तैयार किया घना जंगल
SHARE

खनन किए हुए जमीन में जंगली पेड़ साल सहित बरगद, बीजा, हर्रा इत्यादि प्रजातियों के लगे हैं कई पेड़
बागवानी विभाग की नर्सरी में तैयार हैं 5 लाख से ज्यादा पौधे हैं लगने को तैयार
उदयपुर/ राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (आरआरवीयूएनएल) ने अपने परसा ईस्ट केते बासेन (पीईकेबी) खदान में 12.76 लाख पेड़ लगाकर एक घना जंगल तैयार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। आरआरवीयूवीएनएल की खदान विकास और उत्पादन के लिए जिम्मेदार कंपनी, अदाणी इंटरप्राइजेस लिमिटेड(एईएल) के बागवानी विभाग द्वारा अपने नर्सरी में न सिर्फ़ साल के पौधों की नर्सरी तैयार की बल्कि इन्हें माइंस के कुल 450 हेक्टेयर से अधिक के रिक्लेमेशन एरिया में उगाकर एक नये जंगल को तैयार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। इस जंगल में 90 हजार से ज्यादा जंगली पेड़ साल को मिश्रित प्लांटेशन के रूप में रोपित किया गया था। जो बीते 12 वर्षों में अब तक 30 से 40 फुट ऊंचाई के वृक्षों की शकल ले चुके है। हालांकि यहां महुआ, खैर, खम्हार शीशम, खैर, आम, बरगद, बीजा, हर्रा, बहेरा इत्यादि के कुल 43 प्रजाति के वृक्ष भी लगे हुए इसके साथ ही जापानी तकनीक मियावाकी पद्धति से भी वृक्षारोपण कर क्षेत्र में 84 हजार से अधिक पौधे रोपे गए हैं। वहीं विदेश से आयात की गई एक खास ट्री ट्रांसप्लांटर मशीन के द्वारा 60 इंच से कम मोटाई वाले करीब नौ हजार से अधिक पेड़ों को भी जंगलों से स्थानांतरित कर इसी जगह पुनर्रोपण किया गया है। इस तरह इस क्षेत्र की जैव विविधता अब वापस लौटने लगी है। इस जंगल में कई तरह की तितलियों सहित प्रवाशी पक्षीयों ने अपना घोंसला बनाकार रहने लगे हैं। वहीं जंगली जानवरों में अभी हालही में भालू और बंदरो को भी देखा गया है।

बागवानी विभाग के प्रमुख श्री राज कुमार पांडेय ने बताया कि “सरगुजा जिले के उदयपुर तहसील में स्थित आरआरवीयूएनएल की पीईकेबी खदान में खनन का कार्य वर्ष 2012 में शुरू हुआ था। तभी से कंपनी द्वारा क्षेत्र में वृक्षारोपण में विशेष ध्यान दिया गया है। अब तक हमने लाखों पेड़ लगाया है। इस नर्सरी में वर्तमान में पांच लाख पौधों को विकसित किया जा चुका है। जो की 90 फीसदी संरक्षित हैं। इस वित्तीय वर्ष के दौरान कुल 1.20 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया था जो कि जुलाई के अंत तक ही पूर्ण हो चुका है। लेकिन फिर भी हम रुकेंगे नहीं पौधे रोपने की प्रक्रिया जारी रहेगी।”

स्थानियों और आमजनों ने देखा जंगल कहा यह अचंभित करने वाला है ..

अब इस जंगल को देखने के लिए अब आमजनों को भी आमंत्रित किया जा रहा है। जिनमें आसपास के ग्रामीणों सहित उदयपुर और सूरजपुर शहर के व्यापारियों ने जंगल का भ्रमण किया। जंगल देखकर सभी अचंभित नजर आए। उदयपुर से आए शेखर कुमार सिंहदेव, आशीष अग्रवाल तथा उनके साथियों ने हमें बताया कि “यहां आकर हमने देखा कि जो जंगल कई सालों पहले काटा गया था उससे कई गुना ज्यादा घना एक नया जंगल कम्पनी द्वारा तैयार किया जा रहा है। जहां जंगली पेड़ खासकर साल के पौधों की नर्सरी और लगे हुए पेड़ों को देखकर हम अचंभित हुए यहां फलदार पेड़ भी लगे हुए हैं। यहां की हरियाली देखकर हमें यह विश्वास नहीं हो रहा है कि यहां कभी कोयला खदान खुली थी।”

आरआरवीयूएनएल के सामाजिक सहभागिता में गुणवत्ता युक्त शिक्षा के अन्तर्गत जहां एक ओर अपने बच्चों को अंग्रेजी माध्यम के स्कूल में टैब के द्वारा स्मार्ट शिक्षा से लेकर नाश्ता खाना कॉपी किताब इत्यादि मुफ्त में ग्रहण कर स्मार्ट बन रहे हैं तो दूसरी ओर अच्छी स्वास्थ्य सेवाओं से स्थानीय लोग अब रोगमुक्त होकर अपनी जीवन शैली को आधुनिक बना रहे है। वहीं स्थाानीय आदिवासी महिलाएं जो जंगल और घर की दीवारों को ही अपनी दुनिया समझती थीं वो आज अपने घर परिवार के साथ साथ अपना रोजगार स्व सहायता समूह के साथ जुड़कर हजारों रुपए कमा रही हैं और भारत की तरक्की में कंधा से कंधा मिलाकर चलने लगीं हैं।

You Might Also Like

मुर्गी चोरी के शक में हत्या, कोरबा में बाप-बेटों ने मिलकर पीटा… आरोपी गिरफ्तार

सीएम साय ने किया सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत, बोले- अवैध धर्मांतरण पर लगेगी रोक

किसानों की खुशहाली और समृद्धि हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री साय

नक्सलवाद से मिले घावों पर मरहम लगाकर हर पीड़ित को सम्मानपूर्ण जीवन देना हमारा संकल्प : अमित शाह

दुर्ग कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जमानत आवेदन का निराकरण, मुंबई और चेन्नई से गवाहों के बयान दर्ज

Om Prakash Verma September 1, 2024
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article राजनीति को नया आयाम देने के लिए जरुरी युवाओं की भागीदारी….युवाओं के हाथ में राजनीति के नए युग की शुरुआत राजनीति को नया आयाम देने के लिए जरुरी युवाओं की भागीदारी….युवाओं के हाथ में राजनीति के नए युग की शुरुआत
Next Article पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पूरे जिले में चला अभियान, ताबड़तोड़ कार्यवाही में कुल 131 स्थायी एवं वारंटी गिरफ्तार पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पूरे जिले में चला अभियान, ताबड़तोड़ कार्यवाही में कुल 131 स्थायी एवं वारंटी गिरफ्तार

Ro.No.-14097/18

× Popup Image

Ro. No.-14093/1

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?