तीसरे दिन भी जारी रहा एसडीआरएफ व एनडीआरएफ का रेस्क्यू
घटना के 60 घंटे बाद भी कार में सवार लोगों की नहीं हो सकी पहचान
भिलाई। दुर्ग के शिवनाथ नदी में रविवार की रात को गिरी कार की तलाश आज तिसरे दिन भी जारी रही। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम ने आज सुबह तीन लोकल मछुआरों को साथ लेकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। दोपहर तक टीम को कोई सफलता हाथ नहीं लग सकी। घटना के 60 घंटे बाद भी कार में सवार लोगों की न तो पहचान उजागर हो सकी है और न ही उनकी संख्या का पता चल पाया है।
रविवार की रात को शिवनाथ नदी के पुराने पूल से अनियंत्रित होकर गहरे पानी में गिरने से लापता कार की तलाश आज स्थानीय मछुआरों के साथ शुरू की गई। इसके पहले सोमवार और मंगलवार को एसडीआरएफ व एनडीआरएफ की टीम ने सुबह से शाम तक प्रयास किया, लेकिन नदी में गिरी कार का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। रेस्क्यू टीम ने छह बोट लेकर नदी में सर्चिंग किया। इस दौरान पानी के अंदर कैमरे भी डाले गए। लेकिन पानी मटमैला होने से कार दिखाई नहीं दिया। मैगनेट का भी उपयोग सफल नहीं हो सका। एसपी डॉ अभिषेक पल्लव भी रेस्क्यू टीम के साथ बोट में सवार होकर सर्चिंग में हिस्सा लिया। सफलता नहीं मिलने पर आज फिर नई योजना के तहत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
आज एसडीआरएफ व एनडीआरएफ की टीम तीन स्थानीय मछुआरों को लेकर नदी में उतरी। स्थानीय मछुआरों को नदी की अलग अलग जगह पर गहराई सहित अन्य बातों की जानकारी है। इससे मदद मिलने की उम्मीद के साथ एसडीआरएफ व एनडीआरएफ की टीम छह बोट के साथ आज के अभियान को गति प्रदान की। लेकिन दोपहर तक कार का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। अनुमान है कि कार बहकर आगे बने एनीकट के पास जा पहुंची होगी। लेकिन इस जगह पर गहराई अधिक होने से रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कत आ रही है।
लगभग 60 घंटे के बाद भी कार में सवार लोगों की पहचान नहीं हो पाना इस घटना का सबसे अहम पहलू बना हुआ है। पुलिस ने आसपास के थानों में दर्ज गुमशुदगी के आधार पर कार में सवार लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रही है। लेकिन इसमें अब तक सफलता नहीं मिलने से कार और उसमें सवार लोगों के दुर्ग या राजनांदगांव जिले से बाहर के होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा रहा है। इस संभावना को देखते हुए प्रदेश के अन्य जिलों में दर्ज होने वाले गुमशुदगी के मामलों पर भी दुर्ग पुलिस नजर रखी हुई है।




