ShreeKanchanpathShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: आपकी जरा सी लापरवाही से हो सकता है अस्थमा अटैक…
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Font ResizerAa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
FeaturedHealth

आपकी जरा सी लापरवाही से हो सकता है अस्थमा अटैक…

By @dmin
Published: June 12, 2022
Share
SHARE

अस्थमा वैश्विक स्तर पर बढ़ती सांस की गंभीर समस्याओं में से एक है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक, साल 2019 में अस्थमा ने अनुमानित 262 मिलियन (26.2 करोड़) लोगों को प्रभावित किया और इसके कारण 4.55 लाख लोगों की मृत्यु हुई। भारत में भी यह आंकड़ा साल दर साल बढ़ता जा रहा है। देश की कुल आबादी में लगभग 6त्न बच्चे और 2 प्रतिशत वयस्कों को अस्थमा की समस्या है।

Contents
  • धूम्रपान से बढ़ता है खतरा
  • एलर्जी कारकों से बनाए दूरी
  • कुछ प्रकार के खाद्य पदार्थ

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कुछ लोगों में अस्थमा की दिक्कत वंशानुगत हो सकती है, जबकि कुछ लोगों में समय के साथ भी इसके विकसित होने का खतरा रहता है। जीवनशैली के विभिन्न जोखिम कारक अस्थमा के खतरे को काफी हद तक बढ़ा सकते हैं।
अस्थमा की स्थिति में आपके वायुमार्ग संकीर्ण और सूज जाते हैं, जिसके कारण अतिरिक्त बलगम का उत्पादन होने लगता है। इससे सांस लेना मुश्किल हो सकती है और जब आप सांस छोड़ते हैं तो खांसी, सीटी की आवाज (घरघराहट) आती है। दैनिक जीवन की कुछ चीजें अस्थमा की समस्या को बढ़ा देती हैं। सांस लेने में तकलीफ की इस दिक्कत से बचे रहने के लिए सभी लोगों को इसके जोखिम कारकों से बचाव करते रहना चाहिए। आइए जानते हैं कि कौन सी आदतें अस्थमा के खतरे को ट्रिगर कर सकती हैं?

धूम्रपान से बढ़ता है खतरा

धूम्रपान, अस्थमा सहित सांस की समस्याओं को बढ़ाने वाले प्रमुख कारकों में से एक माना जाता है। तंबाकू के धुंए के संपर्क में आने, भले ही आप न पी रहे हों, यह स्थिति भी सांस की दिक्कतों को बढ़ा सकती है, इससे बचकर रहना चाहिए। इसके अलावा यदि आप बच्चों के सामने भी धूम्रपान करते हैं तो इसके संपर्क में आने से बच्चों में अस्थमा के लक्षणों के बिगडऩे की आशंका हो सकती है। अस्थमा के शिकार लोगों को धूम्रपान से बिल्कुल परहेज करना चाहिए।

एलर्जी कारकों से बनाए दूरी

कुछ एलर्जी बढ़ाने वाले कारक जैसे धूल, प्रदूषण आदि भी अस्थमा अटैक का कारण बन सकते हैं। ऐसे कारकों के संपर्क में आने से आपके वायुमार्ग में सूजन बढ़ जाती है, जिससे अस्थमा अटैक का खतरा बढ़ जाता है। यही कारण है कि जिन लोगों को अस्थमा या सांस की समस्या है उन्हें बाहर जाते समय सुरक्षात्मक मास्क पहनने की सलाह दी जाती है, जिससे ऐसे एलर्जी बढ़ाने वाले कारकों से बचाव किया जा सके।

अध्ययनों से पता चलता है कि कुछ लोगों में नॉन स्टेरॉइडल एंटी इंफ्लामेटरी (एनएसएआईडी) दवाओं के सेवन के कारण भी वायुमार्ग की सूजन और अस्थमा के लक्षण बिगड़ सकते हैं। शोधकर्ता इसके कारणों को जानने के लिए अध्ययन कर रहे हैं। यदि आपको भी किसी दवा के सेवन के बाद सांस की तकलीफ महसूस होती है तो इसे तुरंत बंद कर दें और संबंधित डॉक्टर से जरूर सलाह ले लें।

कुछ प्रकार के खाद्य पदार्थ

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, कुछ लोगों में प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों के सेवन के बाद भी अस्थमा अटैक की समस्या देखने को मिली है। ऐसे खाद्य पदार्थों में सल्फर डाइऑक्साइड और सोडियम मेटाबिसल्फाइट में जैसे तत्व हो सकते हैं जो आपकी समस्या को बढ़ा देते हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ अस्थमा के रोगियों को आहार में ताजे फल, सब्जियां, साबुत अनाज आदि को शामिल करने की सलाह देते हैं।

रिकार्ड स्तर पर पहुंचा देश में कोरोना: पिछले 24 घंटों में सामने आए 12881 नए मामले, छत्तीसगढ़ में मिले 71 नए मामले
भिलाई के सेक्टर 9 हॉस्पिटल का लौटेगा पुराना स्वरूप-सरोज पाण्डेय
Bhilai Breaking : कोहका–जुनवानी रोड पर डिवाइडर से टकराकर पलटी कार… चालक की हालत गंभीर
एम्स दिल्ली की टीम करेगी कुंभ मेले की निगरानी, स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किए निर्देश
जिला ओलम्पिक खेल महोत्सव में भिलाई के खिलाडिय़ों ने दिखाया अपने खेल प्रतिभा का जौहर
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article श्रीकंचनपथ 304 # 17 august 2021 श्रीकंचनपथ 235 # 12 june 2022
Next Article हार्मोनल असंतुलन से बिगड़ सकता है शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य, ये योगासन हैं आपके लिए फायदेमंद

Ro.-13624/52

× Popup Image

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?