ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: आदिवासियों, किसानों और वंचितों का कल्याण छत्तीसगढ़ सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : वन मंत्री मोहम्मद अकबर
Share
Notification Show More
Latest News
डिप्टी सीएम अरुण साव ने बहतराई खेल अकादमी के अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों का किया सम्मान
October 2, 2026
एशियन गेम्स : भारतीय महिला हॉकी टीम ने जीता स्वर्ण, चीन को हराकर किया ओलंपिक क्वालीफाई
October 2, 2026
रायपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को मिलेगी एआई आधारित डिजिटल नेविगेशन सिस्टम की सुविधा
October 2, 2026
बच्चे ने कहा- “अंकल, मौसी ट्रेन के सामने आने वाली हैं” और स्टेशन मास्टर दौड़ पड़े… देखें Video
October 2, 2026
नारायणपुर के कच्चापाल में पेड़ की छांव तले जुटे ग्रामीण, लोकतंत्र की दिखी जीवंत तस्वीर
October 2, 2026
Aa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Aa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
ChhattisgarhFeatured

आदिवासियों, किसानों और वंचितों का कल्याण छत्तीसगढ़ सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : वन मंत्री मोहम्मद अकबर

By @dmin Published November 26, 2021
Share
SHARE

रायपुर । छत्तीसगढ़ के वन एवं विधि विधायी मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने कहा है कि आदिवासियों, किसानों और वंचितों का कल्याण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। राज्य सरकार द्वारा आदिवासियों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उनके जीवन स्तर को ऊंचा उठाने और उनकी सांस्कृतिक, ऐतिहासिक धरोहरों को सहेजने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। श्री अकबर ने आज ‘भारत में जनजातीय संक्रमण: मुद्दे, चुनौतियां और आगे की राह‘ (‘ट्रायबल ट्रांजिशन इन इंडिया: इश्यूज, चैलेंजेस एण्ड रोड अहेड‘) विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को सम्बोधित करते हुए इस आशय के विचार प्रकट किए।

इस राष्ट्रीय सम्मेलन के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल थे, लेकिन उनकी व्यस्तता के कारण वन मंत्री श्री अकबर ने इस राष्ट्रीय सम्मेलन को मुख्यमंत्री श्री बघेल के प्रतिनिधि के रूप में मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सम्बोधित किया। वन मंत्री ने इस अवसर पर सभी लोगों को संविधान दिवस की शुभकामनाएं दीं।
इस राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन हिदायतुल्ला राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय रायपुर द्वारा छत्तीसगढ़ के जनजातीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (ट्रायबल रिसर्च एण्ड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट) और ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान के सहयोग से वर्चुअल मोड में किया गया। सम्मेलन में छत्तीसगढ़ के आदिमजाति कल्याण मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, राज्यसभा सांसद श्री विवेक कृष्ण तन्खा, छत्तीसगढ़ के महाधिवक्ता श्री सतीश चन्द्र वर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम में एचएनएलयू रायपुर के कुलपति प्रोफेसर डॉ. वी.सी. विवेकानंदन और रजिस्ट्रार प्रोफेसर डॉ. उदय शंकर भी उपस्थित थे।
वन मंत्री श्री अकबर ने सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों के संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार सहित उनकी संस्कृति और परम्पराओं को सहेजने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों के दौरान राज्य सरकार ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के सपने साकार करने के लक्ष्य को लेकर अनेक नीतियों और योजनाएं प्रारंभ की हैं। सुराजी गांव योजना, नरवा, गरवा, घुरूवा, बाड़ी कार्यक्रम, गोधन न्याय योजना जैसी योजनाओं से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है और आदिवासियों का जीवन स्तर ऊंचा उठा है। श्री अकबर ने कहा कि छत्तीसगढ़ में वन अधिकार कानून को प्रभावी रूप से क्रियान्वित करते हुए व्यक्तिगत और सामुदायिक वन अधिकार पट्टों के साथ ग्राम सभाओं को वन संसाधन के अधिकार भी दिए गए हैं। लघु वनोपजों के समर्थन मूल्य में वृद्धि के साथ खरीदी जाने वाली लघु वनोपजों की संख्या 7 से बढ़ाकर 52 की गई है। साथ ही लघु वनोपजों के वेल्यू एडिशन के कार्य में हजारों की संख्या से आदिवासियों और वनवासियों को रोजगार से जोड़ा गया है।
श्री अकबर ने कहा कि आदिवासियों के संरक्षण के लिए नई औद्योगिक नीति में बड़े उद्योगों की जगह छोटे उद्योगों, वन और कृषि आधारित गैर प्रदूषणकारी उद्योगों को प्राथमिकता दी गई है। औद्योगिक नीति में यह प्रावधान भी रखा गया है कि उद्योगों की स्थापना प्राथमिकता के आधार पर शासकीय भूमि पर की जाए। श्री अकबर ने आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य से संबंधित संचालित की जा रही योजनाओं मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजना, मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान, मलेरिया उन्मूलन अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं से इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं सुदृढ़ करने में मदद मिली है। शिक्षा के क्षेत्र में लागू की गई योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में वर्षों से बंद पड़े स्कूलों को फिर से शुरू किया गया। हर विकासखंड में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की स्थापना की गई। राज्य सरकार द्वारा विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निःशुल्क कोचिंग और स्कॉलरशिप की सुविधा दी जा रही है। श्री अकबर ने इस राष्ट्रीय सम्मेलन के आयोजकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस कॉफ्रेंस के माध्यम से आदिवासियों से जुड़े मुद्दों एवं कठिनाईयों के समाधान के लिए नए रास्ते निकलेंगे।
छत्तीसगढ़ के आदिमजाति कल्याण मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के जनजातीय समुदायों के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है, जिसके परिणाम स्वरुप आदिवासी समाज के लोग आज शिक्षा, रोजगार सहित विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ रहे हैं। उनमें अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता भी आ रही है, लेकिन अभी भी उनके लिए काफी कुछ किया जाना शेष है। डॉ.टेकाम ने आदिवासियों के हित में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यो का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में उद्योगों के लिए आदिवासियों से ली गई जमीन उन्हें वापस की गई। वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत 4 लाख 45 हजार से अधिक व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र, 45 हजार 432 सामुदायिक वन अधिकार पत्र तथा 3113 सामुदायिक वन संसाधन अधिकार मान्यता पत्र वितरित किए गए हैं। तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक की दर 2500 रूपए से बढ़ाकर 4000 रूपए प्रति मानक बोरा की गई है। अकेले तेंदूपत्ता संग्रहण से वनवासियों को 700 करोड़ रूपए तथा लघु वनोपजों के संग्रहण से 200 करोड़ रूपए की आमदनी हुई है।
आदिमजाति कल्याण मंत्री ने कहा कि प्रदेश में पेसा अधिनियम के प्रावधानों के क्रियान्वयन के लिए नियम बनाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के अनुसूचित क्षेत्र की 5632 पंचायतें तथा 9977 ग्राम पेसा अधिनियम के अंतर्गत आते हैं। आदिवासी विकास की योजनाओं के संबंध में उन्हांेने बताया कि प्रदेश में 71 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, नक्सल प्रभावित जिलों सहित अनुसूचित क्षेत्रों में प्रयास आवासीय विद्यालय, नक्सल प्रभावित बच्चों के लिए आस्था गुरूकुल दंतेवाड़ा का संचालन किया जा रहा है। इसके साथ ही साथ 3278 छात्रावासों का संचालन भी किया जा रहा है। अनुसूचित क्षेत्रों के विकास में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए बस्तर और सरगुजा आदिवासी क्षेत्र विकास प्राधिकरण तथा मध्य क्षेत्र विकास प्राधिकरण का गठन किया गया है। बस्तर में आदिवासी संस्कृति के संरक्षण के लिए देवगुड़ी और घोटुल का निर्माण किया जा रहा है। आदिवासी क्षेत्रों में बच्चों को उनकी भाषा में प्राथमिक शिक्षा दी जा रही है।
राज्यसभा सांसद श्री विवेक कृष्ण तन्खा ने मुख्य वक्ता के रूप में सम्मेलन को सम्बोधित किया। छत्तीसगढ़ के महाधिवक्ता श्री सतीश चन्द्र वर्मा और एचएनएलयू रायपुर के कुलपति प्रोफेसर डॉ. वी.सी. विवेकानंदन ने भी इस अवसर पर अपने विचार प्रकट किए। स्वागत भाषण प्रोफेसर डॉ.योगेन्द्र कुमार श्रीवास्तव ने दिया। एचएनएलयू के रजिस्ट्रार प्रोफेसर डॉ. उदय शंकर ने आभार प्रदर्शन किया।

You Might Also Like

डिप्टी सीएम अरुण साव ने बहतराई खेल अकादमी के अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों का किया सम्मान

एशियन गेम्स : भारतीय महिला हॉकी टीम ने जीता स्वर्ण, चीन को हराकर किया ओलंपिक क्वालीफाई

रायपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को मिलेगी एआई आधारित डिजिटल नेविगेशन सिस्टम की सुविधा

बच्चे ने कहा- “अंकल, मौसी ट्रेन के सामने आने वाली हैं” और स्टेशन मास्टर दौड़ पड़े… देखें Video

नारायणपुर के कच्चापाल में पेड़ की छांव तले जुटे ग्रामीण, लोकतंत्र की दिखी जीवंत तस्वीर

@dmin November 26, 2021
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article भेदभाव से तंग आकर खाने में मिलाया जहर, माता-पिता समेत चार लोगों की मौत प्रताड़ना से तंग आकर परिवार के पांच लोगों ने खाया जहर, सुसाइड नोट में लिखी यह बात
Next Article आदिवासियों, किसानों और वंचितों का कल्याण छत्तीसगढ़ सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : वन मंत्री मोहम्मद अकबर
× Popup Image

Ro. No.-14093/1

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?