नई दिल्ली (एजेंसी)। कांग्रेस नेता सशस्त्र बलों में भर्ती के लिए पेश की गई ‘अग्निपथ’ योजना का विरोध कर रहे युवाओं के साथ एकजुटता दिखाने के आज जंतर-मंतर पर ‘सत्याग्रह’ कर रहे हैं। इसे देखते हुए जंतर मंतर पर पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स के जवानों को तैनान किया गया है।
कांग्रेस के सांसद, उसकी कार्य समिति के सदस्य और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी जंतर मंतर पर ‘सत्याग्रह’ में हिस्सा ले रहे हैं। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी अन्य नेताओं का साथ विरोध जताने पहुंची हैं। प्रियंका ने कहा कि देश की सेवा करने के लिए पूरे जीवन भर सेना में भर्ती होना चाहते हैं। ये जो भी हो रहा है, गलत हो रहा है। इस योजना को वापस लेना चाहिए।
अग्निपथ योजना से देश के युवा आक्रोशित
पार्टी के एक नेता ने कहा कि ‘सत्याग्रह’ का यह फैसला इसलिए लिया गया, क्योंकि ‘अग्निपथ’ योजना ने हमारे देश के युवाओं को आक्रोशित कर दिया है और वे सड़कों पर उतरकर विरोध प्रकट कर रहे हैं। हमारी जिम्मेदारी है कि हम उनके साथ खड़े रहें।
‘अग्निपथ’ के खिलाफ सड़कों पर उतर आए युवा
देशभर में युवा इस योजना के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं और कई शहरों व कस्बों से हिंसा की घटनाएं दर्ज की गई हैं। अग्निपथ’ योजना के खिलाफ आज भी देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन हो रहे हैं। शनिवार को ‘बिहार बंद’ की भी घोषणा कई संगठनों ने की थी और इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने एक रेलवे स्टेशन और एक पुलिस वाहन को आग के हवाले कर दिया और पथराव की घटनाओं में कई कर्मी घायल हो गए।
आठ वर्षों में युवाओं को मिला सिर्फ पकोड़े तलने का ज्ञान: राहुल
अग्निपथ योजना के विरोध में जहां जंतर-मंतर पर कांग्रेस नेताओं का प्रदर्शन जारी है वहीं इस बीच राहुल गांधी ने सिलसिलेवार ट्वीट कर पीएम मोदी पर हमला बोला है। राहुल गांधी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि बार-बार नौकरी की झूठी उम्मीद देकर, प्रधानमंत्री ने देश के युवाओं को बेरोजगारी के ‘अग्निपथ’ पर चलने के लिए मजबूर किया है। 8 सालों में, 16 करोड़ नौकरियां देनी थीं मगर युवाओं को मिला सिर्फ पकोड़े तलने का ज्ञान। देश की इस हालत के जिम्मेदार केवल प्रधानमंत्री मोदी हैं।




