ShreeKanchanpathShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: स्वावलंबी गौठान स्वयं की राशि से खरीदने लगे हैं गोबर
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Font ResizerAa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
ChhattisgarhFeaturedRaipur

स्वावलंबी गौठान स्वयं की राशि से खरीदने लगे हैं गोबर

By @dmin
Published: April 4, 2022
Share
स्वावलंबी गौठान स्वयं की राशि से खरीदने लगे हैं गोबर
स्वावलंबी गौठान स्वयं की राशि से खरीदने लगे हैं गोबर
SHARE

13 करोड़ 18 लाख रूपए का खरीदा गोबर: 3006 गौठान हुए स्वावलंबी
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं में शामिल सुराजी गांव योजना के तहत निर्मित गौठान तेजी से स्वावलंबन की ओर बढ़ रहे हैं। राज्य में अब तक 3006 गौठान स्वावलंबी हो चुके है। स्वावलंबी गौठान अब स्वयं की राशि से गोधन न्याय योजना के तहत गोबर की खरीदी करने लगे हैं। स्वावलंबी गौठानों में अपनी स्वयं की राशि से 13 करोड़ 18 लाख रूपए का गोबर क्रय किया है। स्वावलंबी गौठानों की संख्या राज्य में निर्मित एवं संचालित गौठानों की संख्या के एक तिहाई से भी अधिक है। राज्य में 8366 गौठान निर्मित एवं संचालित हैं। रायगढ़ जिले में सर्वाधिक 279 गौठान स्वावलंबी हुए है। दूसरे नंबर राजनांदगांव जिले में 221 तथा तीसरे क्रम जांजगीर-चांपा जिला है, जहां 190 गौठान स्वावलंबी हुए हैं।

कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार गरियाबंद जिले में 26, धमतरी में 130, बलौदाबाजार में 101, महासमुंद में 170 तथा रायपुर जिले में 85, कबीरधाम में 141, दुर्ग में 185, बालोद में 67, बेमेतरा में 78, कोरबा में 175, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 28, बिलासपुर में 101, मुंगेली में 82, कोरिया में 121, जशपुर में 75, बलरामपुर में 80, सरगुजा में 105, सूरजपुर में 94, कांकेर में 144, कोण्डगांव में 80, दंतेवाड़ा में 64, नारायणपुर में 7, बस्तर में 102, बीजापुर में 23 तथा सुकमा जिले में 52 गौठान स्वावलंबी बन चुके हैं।

गौरतलब है कि राज्य में पशुधन के संरक्षण एवं संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा अब तक 10591 गांवों में गौठान के निर्माण की स्वीकृति दी जा चुकी है। जिसमें से 8366 गौठानों का निर्माण पूरा हो चुका है और वहां पर गोबर खरीदी, वर्मी कम्पोस्ट के निर्माण सहित अन्य आयमूलक गतिविधियां संचालित हो रही है। वर्तमान में 1750 गौठानों का तेजी से निर्माण कराया जा रहा है शेष 475 गौठानों के निर्माण का कार्य अभी शुरू कराया जाना है। गौठानों में पशुधन के देखरेख, चारे-पानी एवं उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

एक भूखण्ड की रकम देकर दो भूखण्ड हथियाने का मामला: स्मृति नगर गृह निर्माण सहकारी संस्था के पूर्व उपाध्यक्ष व सदस्य पर एफआईआर
सफाई मित्रों के लिए सुरक्षा पहले पायदान पर…. सफाई के दौरान मलासुर के हमले से बचने सुरक्षा उपकरण को किया अनिवार्य…. प्रशिक्षण के बाद निगम कर्मी कर रहे प्रचार
बर्ड फ्लू का कहर: हरियाणा में एक लाख से अधिक पोल्ट्री पक्षियों की मौत
नाखून चबाने की आदत कर सकती है बीमार, ऐसे पाएं इससे छुटकारा
चुनाव बाद हिंसा पर NHRC की रिपोर्ट- बंगाल में कानून का राज नहीं, शासक का कानून चल रहा है
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article सलवा जुडूम के दौरान विस्थापित होकर तेलंगाना-आंध्रप्रदेश गए लोग यदि वापस लौटना चाहते हैं, तो उनका स्वागत है : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सलवा जुडूम के दौरान विस्थापित होकर तेलंगाना-आंध्रप्रदेश गए लोग यदि वापस लौटना चाहते हैं, तो उनका स्वागत है : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल
Next Article बम की तरह फट गई सड़क किनारे खड़ी नई रॉयल एनफील्ड बाइक, देखें वीडियो बम की तरह फट गई सड़क किनारे खड़ी नई रॉयल एनफील्ड बाइक, देखें वीडियो

Ro.No.-14150/37

× Popup Image

Ro. No.-14093/2

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?