गोरखपुर (एजेंसी)। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के जरिए उत्तर प्रदेश की सत्ता के करीब पहुंचने के लिए प्रियंका गांधी की अगुवाई में कांग्रेस ने पूरी ताकत झोंक दी है। आज प्रियंका सीएम योगी के गढ़ गोरखपुर पहुंची हैं। प्रियंका ने गोरखपुर से भाजपा को जमकर ललकारा। उनसे पहले छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने भी सीएम योगी पर सीधा हमला बोलते हुए उन्हें ‘बुलडोजरनाथ’ बता दिया। सीएम बघेल को कांग्रेस ने यूपी विधानसभा चुनाव का वरिष्ठ पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। पिछले कुछ दिनों से उन्होंने उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को जिताने के लिए तन-मन-धन झोंक दिया है। प्रियंका की प्रतिज्ञा रैली से पहले गोरखपुर में भी जिस तरह बघेल के बड़े-बड़े पोस्टर और होर्डिंग लगे हैं और उन्हें पिछड़ा वर्ग के हितों का संरक्षक बताया जा रहा है उससे स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश की जातीय समीकरणों वाली राजनीति में कांग्रेस भी अपना गणित दुरुस्त करने में जुट गई है।
राजनीतिक जानकारों का कहना कि साफ नजर आ रहा है कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के जरिए कांग्रेस उत्तर प्रदेश में कुर्मी जाति के वोटरों को साधने की कोशिश में है। बघेल कुर्मी जाति से ताल्लुक रखते हैं। उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में इस जाति के मतदाता हैं। बघेल के जरिए उत्तर प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस की रणनीति इस जाति के वोट बैंक को आकर्षित करने की है। कांग्रेस को लगता है कि बघेल के नाम पर यह वर्ग उनकी ओर आकर्षित हो सकता है। गोरखपुर की सभा में प्रियंका ने भाजपा के साथ-साथ सपा पर भी जोरदार हमला बोला है। प्रियंका ने कहा कि सपा-बसपा के राज में प्रदेश बदहाल हो गया आज सपा उन पर भाजपा जैसी पार्टी होने का आरोप लगा रही है। जाहिर है यूपी के मैदान में कांग्रेस कभी अपना वोट बैंक रही पिछड़ी जातियों, अल्पसंख्यकों और दलितों को दोबारा जोडऩे की पुरजोर कोशिश कर रही और इस काम में अब वो भाजपा के साथ मुख्य विपक्षी सपा-बसपा या किसी अन्य दल पर भी हमला करने का कोई मौका नहीं छोड़ रही। इसी वजह से पार्टी अब अलग-अलग जातियों और वर्गों के अपने क्षत्रपों को यूपी के मैदान में उतारने लगी है।
ओबीसी मतदाताओं को लुभाने के लिए कांग्रेस संदेश देना चाह रही है कि उनके दल में यदि कोई पिछड़ों का सबसे बड़ा नेता है तो वो भूपेश बघेल हैं। उधर, छत्तीसगढ़ से आई बघेल की टीम ने भी सीएम योगी को चुनौती देने के लिए मोर्चा संभाल लिया है। यूपी में बघेल के धुआंधार दौरे हो रहे हैं। यूपी के चुनाव में वह पूरी तरह सक्रिय नजऱ आ रहे हैं। उन्होंने यहां के चुनाव का मैनेजमेंट संभालकर प्रियंका के साथ कांग्रेस की रणनीति को अमली जामा पहनाना शुरू कर दिया है। गोरखपुर की प्रतिज्ञा रैली में बघेल ने सीएम योगी पर हमला बोलते हुए कहा कि नाथ संप्रदाय में तो गरीब, वंचित, किसान, मज़दूर को गले लगाने की परंपरा है लेकिन योगी आदित्यनाथ जी आपको क्या हो गया कि आप गरीबों के घर में बुलडोजर चलाने लगे? आप योगी आदित्यनाथ हैं या बुलडोजर नाथ हैं? राजनीति के जानकारों का कहना है कि कड़ी भाषा का इस्तेमाल कर बघेल की कोशिश चुनावी शोर में मीडिया और मतदाताओं का ज्यादा से ज्यादा ध्यान खींचने की है ताकि वे नाम का इस्तेमाल पार्टी के समीकरणों को दुरुस्त करने में कर सकें।
बूथ लेवल पर कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण करा रहे बघेल
भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ मॉडल की तजऱ् पर उत्तर प्रदेश के हर बूथ पर कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करा रहे हैं। इस प्रशिक्षण में कार्यकर्ताओं को बूथ मैनेजमेंट, सोशल मीडिया का उपयोग करना आदि का तकनीकी ढंग से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसर उत्तर प्रदेश के 100 नेताओं को बघेल के निर्देश पर छत्तीसगढ़ के रायपुर में मास्टर ट्रेनिंग दिलाई गई है।
असम और बिहार में भी मिली थी जिम्मेदारी
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को बिहार और असम के विधानसभा चुनाव के दौरान भी जिम्मेदारी दी गई थी। दोनों जगह बघेल ने बड़ी मेहनत से काम किया। बूथ लेवल के कार्यकर्ताओं से उनके जुडऩे और चुनाव प्रबंधन के उनके कौशल को देखते हुए कांग्रेस हाईकमान ने उन्हें उत्तर प्रदेश चुनाव की जिम्मेदारी सौंपी हैं।
लखीमपुर जाने के लिए लखनऊ पहुंचे थे भूपेश
भूपेश बघेल लखीमपुर हिंसा के बाद वहां जाने के लिए लखनऊ भी पहुंचे थे लेकिन उन्हें लखनऊ एयरपोर्ट से बाहर नहीं निकलने दिया था। उन्होंने वहीं तीन घंटे तक धरना भी दिया था। बाद में बघेल ने लखीमपुर कांड में मारे गए किसानों और पत्रकार के परिवार को छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से पंजाब सरकार की तरह 50-50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का ऐलान भी किया। कांग्रेस ने हाल ही में दोनों सरकारों की ओर से पीडि़त परिवारों को चेक सौंपा था।




