ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Reading: मां के दूध से नवजात में ट्रांसफर होती है इम्युनिटी, कोविड-19 सहित अन्य गंभीर संक्रमण से मिल सकती है सुरक्षा
Share
Notification Show More
Latest News
एशियन गेम्स : भारतीय महिला हॉकी टीम ने जीता स्वर्ण, चीन को हराकर किया ओलंपिक क्वालीफाई
October 2, 2026
रायपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को मिलेगी एआई आधारित डिजिटल नेविगेशन सिस्टम की सुविधा
October 2, 2026
बच्चे ने कहा- “अंकल, मौसी ट्रेन के सामने आने वाली हैं” और स्टेशन मास्टर दौड़ पड़े… देखें Video
October 2, 2026
नारायणपुर के कच्चापाल में पेड़ की छांव तले जुटे ग्रामीण, लोकतंत्र की दिखी जीवंत तस्वीर
October 2, 2026
Breaking News : छत्तीसगढ़ में पकड़ाया दो करोड़ का गांजा, मिर्च की बोरियों के बीच छिपाकर हो रही थी तस्करी
October 2, 2026
Aa
ShreeKanchanpathShreeKanchanpath
Aa
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Search
  • होम
  • छत्तीसगढ़
    • रायपुर
    • दुर्ग-भिलाई
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • व्यापार
  • स्पोर्ट्स
  • मनोरंजन
  • हेल्थ
  • E-Paper
Follow US
© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari
FeaturedHealth

मां के दूध से नवजात में ट्रांसफर होती है इम्युनिटी, कोविड-19 सहित अन्य गंभीर संक्रमण से मिल सकती है सुरक्षा

By @dmin Published June 12, 2022
Share
SHARE

नवजात के लिए मां के दूध को सर्वोत्तम आहार माना जाता है। विशेषज्ञ कहते हैं, इसमें शिशु के लिए आवश्यक सभी पोषक तत्व समाहित होते है, जो प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने से लेकर कई तरह की बीमारियों के जोखिम को कम करने तक में मदद करते हैं। जन्म से पहले भी गर्भनाल के माध्यम से शिशुओं में इम्युनिटी ट्रांसफर होती रहती है जो गर्भ में शिशु को स्वस्थ रखने के साथ विभिन्न संक्रमणों से सुरक्षा प्रदान करती है। हालिया अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि स्तन के दूध में मौजूद एंटीबॉडीज शिशुओं के आंत बैक्टीरिया और प्रतिरक्षा को आकार देने में मदद करते हैं। इससे पहले के अध्ययन भी इस बात पर जोर देते रहे हैं कि सभी नवजातों को पहले आहार के रूप में मां का दूध ही दिया जाना चाहिए। पहला गाढ़ा पीला दूध, शिशु के स्वास्थ्य को बेहतर रखने और बीमारियों-संक्रमण के खतरे को कम करने में विशेष लाभकारी होता है। बच्चों के संपूर्ण विकास के लिए भी मां के दूध को अध्ययनों में काफी लाभदायक बताया गया है। वहीं इस अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि मां का दूध में कई ऐसे एंटीबॉडीज होते हैं जो शरीर को तमाम तरह की बीमारियों से सुरक्षा प्रदान कर सकते हैं। आइए इस बारे में आगे विस्तार से समझते हैं।

Contents
बच्चों को संक्रमण से मिल सकती है सुरक्षाअध्ययन में क्या पता चला?

10 जून को साइंस इम्यूनोलॉजी जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान मां से उसके अजन्मे बच्चों में प्लेसेंटा के माध्यम से प्रतिरक्षा का हस्तांतरण होता है, वहीं जन्म के बाद मां का दूध शिशुओं को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

इस अध्ययन की खास बात यह है कि शोधकर्ताओं ने पाया कि किसी संक्रमण के खिलाफ मां का टीकाकरण करके स्तन के दूध के माध्यम से नवजात में भी एंटीबॉडीज को ट्रांसफर किया जा सकता है। कोविड-19 से बचाव के लिए यह महत्वपूर्ण हो सकता है।

बच्चों को संक्रमण से मिल सकती है सुरक्षा

न्यूयार्क स्थित वेइल कॉर्नेल मेडिसिन के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए इस प्रीक्लिनिकल अध्ययन से पता चलता है कि आंत के लाभकारी बैक्टीरिया द्वारा निर्मित एंटीबॉडी का एक विशिष्ट सेट भी मां से शिशुओं में, स्तन के दूध के माध्यम से स्थानांतरित हो सकता है। यह एंटीबॉडीज नवजात में पेट के संक्रमण के कारण होने वाले डायरिया से बचाने में मदद करते हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि गर्भावस्था के दौरान गर्भवती में इन स्वाभाविक रूप से उत्पादित एंटीबॉडी को बढ़ाने के उपायों को प्रयोग में लाकर बैक्टीरिया जनित संक्रमण के खिलाफ शिशुओं की प्रतिरक्षा को बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

अध्ययन में क्या पता चला?

विशेषरूप से इस अध्ययन में शोधकर्ताओं की टीम ने आईजीजी नामक एंटीबॉडीज के एक वर्ग पर अध्ययन किया जो संक्रामक बैक्टीरिया और वायरस से शरीर को सुरक्षित रखने में मदद करती हैं। इस अध्ययन से पहले इस बात के पर्याप्त सबूत नहीं थे कि आईजीजी एंटीबॉडी, जो स्वाभाविक रूप से आंत के बैक्टीरिया से प्रेरित होते हैं वह शिशु की आंत की प्रतिरक्षा को कैसे प्रभावित करते हैं? इसलिए, जांचकर्ताओं ने यह निर्धारित करने के लिए एक माउस मॉडल का उपयोग किया। अध्ययन के परिणाम में कई बातें सामने आईं।

You Might Also Like

एशियन गेम्स : भारतीय महिला हॉकी टीम ने जीता स्वर्ण, चीन को हराकर किया ओलंपिक क्वालीफाई

रायपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को मिलेगी एआई आधारित डिजिटल नेविगेशन सिस्टम की सुविधा

बच्चे ने कहा- “अंकल, मौसी ट्रेन के सामने आने वाली हैं” और स्टेशन मास्टर दौड़ पड़े… देखें Video

नारायणपुर के कच्चापाल में पेड़ की छांव तले जुटे ग्रामीण, लोकतंत्र की दिखी जीवंत तस्वीर

Breaking News : छत्तीसगढ़ में पकड़ाया दो करोड़ का गांजा, मिर्च की बोरियों के बीच छिपाकर हो रही थी तस्करी

@dmin June 12, 2022
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Copy Link
Share
Previous Article हार्मोनल असंतुलन से बिगड़ सकता है शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य, ये योगासन हैं आपके लिए फायदेमंद
Next Article चीन ने कहा- भारत के साथ बनी सहमति, स्थिति सामान्य बना रहे दोनों देश युद्ध पर चीन का ‘बुद्ध’ ज्ञान, कहा- शांति स्थापित करने के लिए भारत के साथ मिलकर कर रहे काम
× Popup Image

Ro. No.-14093/1

[youtube-feed feed=1]


Advertisement

Advertisement


Logo

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

क्विक लिंक्स

  • होम
  • E-Paper
  • Crime
  • Durg-Bhilai
  • Education

Follow Us

हमारे बारे में

एडिटर : राजेश अग्रवाल
पता : शॉप नं.-12, आकाशगंगा, सुपेला, भिलाई, दुर्ग, छत्तीसगढ़ – 490023
मोबाइल : 9303289950
ई-मेल : shreekanchanpath2010@gmail.com

© Copyright ShreeKanchanpath 2022 | All Rights Reserved | Made in India by Anurag Tiwari

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?