मुंबई (एजेंसी)। मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में फंसे महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख आखिरकार सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय के ऑफिस पहुंच गए। देशमुख को ईडी ने 5 बार पूछताछ के लिए समन जारी किया था लेकिन हर बार उनके वकील इंद्रपाल सिंह ही ईडी ऑफिस पहुंचते। वकील की दलील थी कि देशमुख 75 साल के हैं और महाराष्ट्र में कोरोना के बढ़ते मामलों की वजह से वे पेश नहीं हो सकते।

बता दें कि 100 करोड़ की वसूली मामले में मनी लॉन्ड्रिंग एंगल की जांच कर रही है। देशमुख के साथ उनके बेटे ऋषिकेश देशमुख और पत्नी को दो बार पूछताछ के लिए तलब किया गया था, लेकिन वे भी श्वष्ठ ऑफिस नहीं पहुंचे थे। माना जा रहा है कि देशमुख के बाद आज या कल तक उनके बेटे और पत्नी भी श्वष्ठ के सामने हाजिर हो सकते हैं।
सीबीआई भी कर रही है जांच
मुंबई पुलिस के पूर्व पुलिस आयुक्त और वर्तमान में होम गार्ड ष्ठत्र परमबीर सिहं ने अनिल देशमुख पर 100 करोड़ रुपये की वसूली का आरोप लगाया है, जिसके लिए अनिल देशमुख को महाराष्ट्र के गृहमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। इस मामले में देशमुख के खिलाफ पहले ष्टक्चढ्ढ ने केस दर्ज किया था और फिर उसमें मनी ट्रेल की जानकारी मिलने के बाद श्वष्ठ की एंट्री हुई। श्वष्ठ ने उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है। ष्टक्चढ्ढ दो बार देशमुख के ठिकानों पर छापेमारी भी कर चुकी है।




