एंटरटेनमेंट/नई दिल्ली (एजेंसी)। बॉलीवुड एक्टर कंगना रणौत का विवादों से गहरा नाता है। बीते रोज प्रधानमंत्री मोदी ने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का एलान किया, गुस्से में कंगना ने देश को जिहादी ही करार दे दिया। कंगना ने इंस्टाग्राम पर स्टोरी साझा करते हुए लिखा, ‘दुखद, शर्मनाक और सरासर गलत… अगर संसद में बैठी सरकार के बजाय गलियों में बैठे लोग कानून बनाना शुरू कर दें तो यह भी एक जिहादी देश है… उन सभी को बधाई जो ऐसा चाहते हैं।
देश के आजादी को लेकर अपने बयान के कारण विवादों में आईं कंगना ने एक और विवादास्पद बात कही है। उनका मानना है कि सरकार गलत का साथ दे रही है। कंगना ने एक स्क्रीनशॉट साझा किया है जिसमें लिखा है- प्रधानमंत्री की मंशा अच्छी है। वह ‘पग’ का बहुत अधिक सम्मान करते हैं। लेकिन जो ताकतें जमीन पर विरोध कर रही थीं, वे इसे अपने सामने सरकार के आत्मसमर्पण के तौर पर देखेंगी। इतिहास इस बात को प्रमाणित करता है कि जुझारू लोगों की गलत मांगों को पूरा करना केवल और अधिक आक्रामकता को प्रोत्साहित करता है।
कंगना ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा,यदि धर्म बुराई पर विजय प्राप्त करता है, तो वह उसे पोषण देता है। अगर बुराई की सच्चाई पर जीत हो तो वह अच्छे को भी बुरा बना देती है। गलत का समर्थन आपको भी गलत बनाता है। सीधी बात है।

किसानों को कहा था आतंकी
बता दें, इससे पहले कृषि बिल के समर्थन में कंगना ने किसानों को आतंकी तक कह दिया था। उन्होंने लिखा था- प्रधानमंत्री जी कोई सो रहा हो उसे जगाया जा सकता है, जिसे गलतफहमी हो उसे समझाया जा सकता है मगर जो सोने की ऐक्टिंग करे, नासमझने की एक्टिंग करे उसे आपके समझाने से क्या फर्क पड़ेगा? ये वही आतंकी हैं CAA से एक भी इंसान की सिटिज़ेन्शिप नहीं गयी मगर इन्होंने खून की नदियां बहा दी। हालांकि इस बयान के बाद कंगना की काफी आलोचना हुई थी।
वापस लिए गए कानून
पीएम नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा, मैं देश वासियों के क्षमा मांगते हुए, सच्चे मन से कहना चाहता हूं कि हमारे प्रयास में कमी रही होगी कि हम उन्हें समझा नहीं पाए। आज मैं आपको यह बताने आया हूं, कि हमने तीन कृषि कानूनों को वापस लेने का फैसला किया है। इस महीने के अंत में शुरू होने जा रहे संसद सत्र में तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर देंगे। मेरी किसानों से अपील है कि अपने घर लौटें, खेतों में लौटें। हालांकि कंगना रणौत पीएम के इस फैसले से खुश नहीं हैं।




