एजुकेशन डेस्क/नई दिल्ली (एजेंसी)। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सैनिक स्कूलों के मौजूदा पैटर्न में बदलाव लाने के लिए एक और कदम उठाया है। हाल ही में एक घोषणा में, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सैनिक स्कूल सोसायटी के तहत 100 स्कूलों के एफिलिएशन को मंजूरी दी है। इस पहल के साथ, कक्षा 6वीं में नए प्रवेश शैक्षणिक वर्ष 2022-23 से शुरू होंगे।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इन 100 स्कूलों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति, एनईपी 2020 के पाठ्यक्रम के अनुरूप मंजूरी दी है। ये स्कूल निजी और सरकारी दोनों क्षेत्रों में स्थापित किए जाएंगे। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, ऐसा करने के पीछे विचार यह था कि मूल्य आधारित शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करना ताकि बच्चों को इस राष्ट्र की समृद्ध संस्कृति और विरासत पर गर्व करने, चरित्र, अनुशासन, राष्ट्रीय कर्तव्य की भावना और देशभक्ति के साथ प्रभावी नेतृत्व विकसित करने में सक्षम बनाया जा सके।
जानिए क्यों लिया गया यह निर्णय
सैनिक स्कूलों में लड़कियों को प्रवेश की अनुमति देने के बाद से ही इसकी मांग बढ़ गई है, इसलिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने यह निर्णय सैनिक स्कूलों की जरूरत को पूरा करने के लिए लिया है। यह देश भर में बड़ी आबादी तक पहुंचने और युवाओं को एक और रास्ता देने में भी मदद करेगा। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि यह योजना शिक्षा क्षेत्र में सार्वजनिक / निजी भागीदारी को ध्यान में रखेगी। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में लगभग 3,000 छात्र 33 मौजूदा सैनिक स्कूलों में प्रवेश ले सकते हैं। इन नए स्कूलों के आने से सभी मोर्चों पर संख्या बढऩे की उम्मीद है। केंद्रीय मंत्रिमंडल को इस पहल से छात्रों के समग्र विकास में सुधार की उम्मीद है। छात्रों को केवल शिक्षाविद ही नहीं, बल्कि बहुआयामी चीजें सिखाई जाएंगी।
कैसे बनें सैनिक स्कूल सोसायटी का हिस्सा?
इच्छुक पक्ष अपने प्रस्ताव यूआरएल https://sainikschool.ncog.gov पर ऑनलाइन जमा कर सकते हैं। जहां योजना की मुख्य विशेषताएं और योग्यता मानदंड; हितधारकों की जिम्मेदारियां, यानी रक्षा मंत्रालय और स्कूल प्रबंधन सूचीबद्ध हैं। ध्यान रहे कि शैक्षणिक वर्ष 2022-23 से शुरू होकर, लगभग 5,000 छात्रों को 100 संबद्ध स्कूलों में कक्षा 6वीं में प्रवेश मिलने की उम्मीद है। वर्तमान में, मौजूदा 33 सैनिक स्कूलों में कक्षा 6 में लगभग 3,000 छात्रों की प्रवेश क्षमता है।




