बेंगलुरु (एजेंसी)। कर्नाटक में जारी हिजाब विवाद अब कांग्रेस बनाम भाजपा की लड़ाई होती जा रही है। भगवा पार्टी के नेता और बोम्मई सरकार में ऊर्जा मंत्री सुनील कुमार ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर कांग्रेस सत्ता में आती है, तो वे एक ऐसा कानून बनाने की संभावना रखते हैं जो हिंदुओं को हिजाब पहनने के लिए कहे। सुनील कुमार ने आरोप लगाया, अगर कांग्रेस को जनादेश मिलता है, तो उन्हें एक ऐसा कानून भी मिल सकता है जो सभी हिंदुओं को हिजाब पहनने के लिए कहे। सिद्धारमैया और कांग्रेस को ऐसी मानसिकता से बाहर आना चाहिए। कल, डीके शिवकुमार ने झूठे आरोप लगाए कि झंडा हटा दिया गया था।

वहीं, इस मामले पर कर्नाटक के गृह मंत्री अर्राग ज्ञानेंद्र ने कहा, ‘जहां भी अप्रिय घटना हुई है वहां कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने मामले दर्ज किए हैं। हमने कुछ लोगों को गिरफ्तार किया है, वे बाहरी हैं, छात्र नहीं। पूछताछ के बाद हम आपको बताएंगे। सरकार दिन के अंत तक अदालत के आदेश की उम्मीद कर रही है। हम कोर्ट को सलाह नहीं दे सकते। कोर्ट के आदेश के बाद हमें इसे स्वीकार करना होगा।
Action will be taken wherever unpleasant things have happened. Police has registered cases. We have arrested a few people, they are outsiders, not students, after inquiry, we will let you know: Karnataka Home Minister Araga Jnanendra on hijab row pic.twitter.com/WgEFaWMbdC
— ANI (@ANI) February 9, 2022
बोम्मई ने छात्रों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की
कर्नाटक में हिजाब विवाद को बढ़ते देखकर मंगलवार को मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने छात्रों से शांति और धैर्य रखने की अपील की है। बोम्मई ने कहा कि कर्नाटक उच्च न्यायालय ड्रेस कोड की जांच कर रहा है। उच्च न्यायालय संविधान और कानून के अनुसार उचित फैसला सुनाएगा। सभी छात्रों को एक साथ बैठकर पढऩा चाहिए। छात्रों की सुरक्षा के लिए शिक्षा बहुत जरूरी है। उन्होंने छात्रों से शांति और व्यवस्था की दिशा में स्वेच्छा से चलने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि मामला इतना पेचीदा है कि किसी को भड़काऊ बयान नहीं देना चाहिए। उन्होंने छात्रों से अपील की कि जब तक उच्च न्यायालय ने ड्रेस कोड लागू करने पर फैसला नहीं सुनाए, तब तक वे धैर्य से काम लें।
कर्नाटक के कॉलेजों में फैला प्रदर्शन, शैक्षणिक संस्थान 3 दिन के लिए बंद
हिजाब को लेकर विवाद के चलते कर्नाटक में शुरू हुआ प्रदर्शन मंगलवार तक पूरे राज्य में फैल गया। कॉलेज परिसरों में पथराव की घटनाओं के कारण पुलिस को बल प्रयोग करने के लिए मजबूर होना पड़ा, जहां ‘टकराव-जैसी’ स्थिति देखने को मिली। अदालत हिजाब पहनने के छात्राओं के अधिकार के लिए उनकी एक याचिका पर विचार कर रही है। इस मुद्दे के एक बड़े विवाद का रूप धारण कर लेने के बाद, राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश में शैक्षणिक संस्थानों में तीन दिनों के अवकाश की घोषणा की। वहीं, हिजाब पहनने के पक्ष और विरोध में देश भर से बयान आए।
उडुपी जिले के मणिपाल स्थित महात्मा गांधी मेमोरियल कॉलेज में मंगलवार को उस समय तनाव काफी बढ़ गया, जब भगवा शॉल ओढ़े विद्यार्थियों और हिजाब पहनी छात्राओं के दो समूहों ने एक दूसरे के खिलाफ नारेबाजी की। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में मांडया में लड़कों का एक समूह हिजाब पहनी लड़कियों से बदसलूकी करते नजर आ रहा है। हालांकि, सोशल मीडिया पर इन लड़कियों के पक्ष में समर्थन उमड़ पड़ा। हिजाब पहनने के अधिकार की मांग को लेकर प्रदर्शन जारी रखने पर जोर देने वाली लड़की ने कहा कि उसे शिक्षकों का समर्थन प्राप्त है और भगवा शॉल ओढ़े उसे रोकने वाले लड़के बाहरी थे।




