नई दिल्ली (एजेंसी)। मोदी कैबिनेट के एक मंत्री ने निजी क्षेत्र में आरक्षण की वकालत की है। जयपुर में केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने कहा कि अगर सरकारी कंपनियों का निजीकरण किया जा रहा है तो एसटी कोटा इसमें लागू होना चाहिए। मंगलवार को फग्गन सिंह कुलस्ते बिरला ऑडिटोरियम में ऑल इंडिया ट्राइबल डेवलपमेंट काउंसिल को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने निजी क्षेत्रों में आरक्षण को लेकर कानून बनाने की मांग की है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नेता और राजनीतिक पार्टियां तब ही सुनेंगी जब लोग आंदोलन करेंगे। कुलस्ते ने कहा कि वर्तमान समय में लोग प्रोमोशन को लेकर चिंतित हैं। आरक्षण खत्म हो गया तो हमारे लोगों को कोई लाभ नहीं मिलेगा, इसलिए वक्त रहते हम सबको मिलकर आरक्षण के लिए लड़ाई लडऩी चाहिए।
फग्गन सिंह कुलस्ते ने कहा, ‘हमें पदोन्नति, बैकलॉग भरने की चिंता करनी चाहिए। हमने बैकलॉग पर अन्य वर्गों की भर्ती पर आपत्ति जताते हुए संसदीय कमेटी में भी विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने वन क्षेत्र में जनजाति वर्ग को भू राजस्व अधिकार मिलने की बात उठाते हुए कहा, ‘आदिवासी समुदाय के लोगों को सक्रिय हो कर काम करने की जरुरत है। अगर अदालत में हमारे खिलाफ कोई याचिका दायर होती है तो हमें एक पार्टी बनकर इस केस को लडऩा चाहिए।
केंद्रीय मंत्री ने आदिवासी समुदायों से अपील की कि वो एकजुट हो जाएं। उन्होंने कहा, ‘जरुरी है कि चुनाव में एकजुट होकर अपनी ताकत दिखाएं। इससे राजनीतिक पार्टियों को संदेश जाएगा कि हमारे समर्थन के बिना सरकार नहीं बन सकती है। सांसदों और विधायकों को एकजुट कर ताकत दिखाएं। चुनाव में ताकत दिखाने की जरुरत है ताकि जो लोग चुन कर आएं वो समुदाय के मुद्दे को उठा सकें।




