रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने शराब के शौकीनों के लिए एक नया कदम उठाया है। राज्य में पहले से देशी और अंग्रेजी शराब दुकानों के माध्यम से शराब की उपलब्धता थी, लेकिन अब यदि आप अपने निजी भवन (फॉर्म हाउस को छोड़कर) में किसी पार्टी का आयोजन कर रहे हैं और शराब परोसना चाहते हैं, तो इसके लिए एक दिन का लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा।

नया लाइसेंस नियम 1 अप्रैल से हो गया है लागू
राज्य के आबकारी विभाग ने एफएल 5 क के तहत एक दिन के लिए शराब परोसने का लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की है। यह नियम 1 अप्रैल से प्रभावी हो गया है। इसके तहत, यदि आप अपने निजी स्थान पर या अन्य आयोजनों में मेहमानों को शराब पिलाना चाहते हैं, तो आपको एक निर्धारित शुल्क के साथ लाइसेंस प्राप्त करना होगा।

लाइसेंस शुल्क: 10,000 से 30,000 रुपये तक
-अगर आप अपने निजी भवन में आयोजित किसी कार्यक्रम में शराब परोसना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको 10,000 रुपये का शुल्क देना होगा।
-यदि यह कार्यक्रम होटल, रेस्टारेंट, शादी घर या फार्म हाउस जैसे किसी स्थान पर हो, तो इसके लिए शुल्क 15,000 रुपये होगा।
-और यदि आप किसी बड़े इवेंट, कंसर्ट, लाइव म्यूजिक शो, डांस कार्यक्रम, नव वर्ष उत्सव, क्रिकेट मैच आदि में शराब परोसने की योजना बना रहे हैं, तो इसके लिए आपको 30,000 रुपये का शुल्क अदा करना होगा।

आबकारी राजस्व लक्ष्य और नए ब्रांड
इस वित्तीय वर्ष में राज्य सरकार ने शराब से प्राप्त होने वाले राजस्व का लक्ष्य 12,700 करोड़ रुपये निर्धारित किया है, जो पिछले वर्ष के 11,000 करोड़ रुपये से अधिक है। इसके अलावा, इस वर्ष छत्तीसगढ़ में 67 नई शराब दुकानें खोली जाएंगी, और शराब के 67 नए ब्रांड और बीयर के 8 नए ब्रांड भी बाजार में उतारे जाएंगे।
शराब शौकीनों के लिए नए अवसर
इस नए नियम के तहत, राज्य के शराब शौकीनों को अपनी पार्टी या इवेंट्स में शराब का आनंद लेने के और भी अधिक अवसर मिलेंगे। साथ ही, आयोजनकर्ताओं को अपने कार्यक्रमों को और आकर्षक बनाने का मौका मिलेगा। यह कदम राज्य सरकार के लिए राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ को एक मजबूत शराब बाज़ार के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा।
