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नरवा योजना से वर्षा जल संचयन, सिंचाई और आजीविका के साधनों का होगा विकास

By @dmin Published November 23, 2020
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जगदलपुर। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी सुराजी योजना के प्रमुख घटकों में नरवा, गरूवा, घुरूवा और बाड़ी योजना में नरवा परियोजना विशुद्ध रूप से वर्षा जल संचयन, सिंचाई और आजीविका के लिए मनरेगा की गाइड लाइनों के तहत वाटरशेड अवधारणा पर आधारित है। इस परियोजना के तहत जिला पंचायत बस्तर द्वारा वर्षा जल संचयन के लिए रीड्ज टू वेली कंसेप्ट के अनुसार डीपीआर तैयार किया। योजना के तहत् ऐसी संरचनाएँ बनाई जाएगी जो सतही भंडारण या भूजल के माध्यम से आगे के उपयोग के लिए वर्षा जल की कुछ मात्रा को धारण करने और पुनर्भरण करने में सक्षम हो। कम वर्षा और कम सिंचाई क्षमता के कारण जलवायु परिवर्तन और सिंचाई क्षमता की कमी के कारण आजीविका प्रभावित हुई है। योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में सुरक्षित आजीविका बनाना है क्योंकि वे अधिकतर सिंचाई और कृषि से संबंधित कार्यों के लिए बारिश के पानी पर निर्भर रहते हैं।

बस्तर जिले के सभी सात ब्लॉक एमडब्ल्यूसी (मिशन वॉटर कंजरवेशन) के तहत शुष्क और सिंचाई से वंचित के रूप में आते हैं। हाल के वर्षों में जिले में वर्षा का स्वरूप में काफी परिवर्तन आया है और सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता में कमी और भूजल स्तर में कमी आई है और इन कारणों से जिले के लिए महत्वपूर्ण परियोजना बन गई है। नरवा अंतर्गत जिले में कुल 65 नालों का चयन कर उपचार हेतु विस्तृत कार्य योजना तैयार की गई है। कार्य योजना तैयार करने के लिये नालो का भौतिक रूप से सर्वे तथा जीआईएस सैटेलाइट का उपयोग किया गया है। सर्वे में इन नालो पर छोटे बड़े कुल 5125 कार्यों को शामिल किया गया है। जिनकी जलग्रहण क्षमता 104483 हेक्टेयर है और नाला की कुल लंबाई 624.65 किलोमीटर है। इन 65 नालो पर कुल ग्राम पंचायत 158 को कवर किया जा रहा है जिसमें आवश्यकता के अनुसार कार्य किए गए हैं, एससीटी, सीसीटी, वृक्षारोपण, ब्रशवुड, गली प्लग, एलबीसी, गेबियन, स्टॉप डैम, चेक डैम, सिंचाई नहर, खेत तालाब, कुआ, नवीन तालब आदि हैं। नाला के उपचार वाटरशेड अवधारणा में आवश्यक है। योजना की तैयारी के लिए हम ग्राम पंचायत स्तर पर पानी की आवश्यकताओं के मुद्दो को हल करने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर जीआईएस विधि और जमीनी स्तर के सर्वेक्षण का उपयोग किये है। जीआईएस आधारित सॉफ्टवेयर जैसे कि गुगल अर्थ आदि का उपयोग किया हैं। कार्य के बेहतर क्रियान्वयन के लिए हम नाला की बेहतर समझ के लिए भुवन पोर्टल की विभिन्न परतों का उपयोग करते हैं और उपचार के अनुसार इसकी योजना बनाते है। योजना की बेहतर दक्षता के लिए ग्राम पंचायत के साथ आजीविका को मजबूत करने के लिए पानी का उपलब्धता और सिंचाई क्षमता बढ़ाने के लिए योजना से अधिकतम उत्पादन प्राप्त करने की कार्य योजना तैयार की जा रही है।

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